आज सेवानिवृत्त हो जाएंगे एसटीएफ के संस्थापक अधिकारी

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-UP STF की फॉउंडर टीम के अधिकारी आईपीएस अरुण कुमार और राजेश पांडेय की आज हों जाएंगे रिटायर

-इसी टीम ने यूपी पुलिस का बढ़ाया था मनोबल और तोड़ा था अपराध का गुरूर

-दोनों अफसरों ने 1998 में माफ़िया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला को गाज़ियाबाद में किया था ढेर
इंडिया व्यूज डेस्क

यूपी की पुलिसिंग को 180 डिग्री चेंज करने वाले दो जाँबाज अफसर आज 30 जून 2021 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन दोनो अफसरों ने न सिर्फ युपी पुलिस की छवि को बदला बल्कि सरकार की अपराधमुक्त, भयमुक्त प्रदेश की अवधारणा को फलीभूत करने का कदम उठाया। वैसे तो हर साल दर्जनों अधिकारी सेवानिवृत्त होते हैं। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमेशा ही अपने निर्णयों और कार्यों से याद किये जाते हैं।

आज उत्तर प्रदेश के डीजीपी समेत 21 बड़े अधिकारी आज सेवानिवृत्त हो रहे है। इनमें यूपी स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ के संस्थापक अधिकारियों में शामिल रहे दो आईपीएस अरुण कुमार और राजेश पांडेय भी आज रिटायर हो रहे हैं। इन दोनों अधिकारियों के शानदार सेवाओं का आज आखिरी दिन है। अब भले ही ये पुलिस में काम नहीं करेंगे लेकिन प्रदेश पुलिस के उम्दा इतिहास का हमेशा हिस्सा रहेंगे और याद किए जाएंगे।

आपको बता दें कि ये वो अधिकारी है, जिन्होंने पूर्वांचल के सबसे दुर्दांत माने जाने वाले बदमाश श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर किया था। श्रीप्रकाश शुक्ला के खात्मे के लिए ही सरकार ने वर्ष 1998 में एसटीएफ का गठन किया था। जिसके बाद एसटीएफ ने यूपी में चल रहे गैंगवार में शामिल बदमाशों का सफाया किया। इन अधिकारियों ने प्रदेश से माफियाराज खत्म करके यूपी एसटीएफ के जरिये प्रदेश पुलिस को एक नई बुलंदियों पर पहुंचाया।

तेज तर्रार आईपीएस अरुण कुमार भी 1985 बैच के अफसर हैं और फिलहाल केंद्र में डेपुटेशन पर आरपीएफ के डीजी के पद पर तैनात हैं। कुख्यात श्रीप्रकाश शुक्ला के आतंक का सफाया करने के लिए उन्होंने ही अप्रैल 1998 में एसटीएफ की नींव रखी थी। ये एसटीएफ ही थी जिसने यूपी में सबसे पहले मोबाइल और लैंडलाइन फोन की कॉल्स पर निगरानी यानी सर्विलांस करना शुरू किया और माफियाओं के नेटवर्क में सेंधमारी कर उनकी कमर तोड़ दी थी।

आईपीएस अरुण कुमार के साथ एसटीएफ में बेहतरीन काम करने वाले और श्रीप्रकाश के एनकाउंटर में शामिल राजेश पांडे भी आज ही अपनी सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। वो डीजीपी मुख्यालय में आईजी हैं। यूपी एसटीएफ के यह दोनों आखिरी संस्थापक अधिकारी हैं। दोनों ने यूपी पुलिस  को स्वर्णिम काल देखने का मौका दिया है। पुलिस के इतिहास में इन दोनों अधिकारियों को कभी भुलाया नहीं सकता है।

एसटीएफ की पहली स्पेशल टीम

स्पेशल टास्क फोर्स का मई 1998 में गठन किया गया। उसके प्रमुख बनाये गए यूपी कैडर के आईपीएस अजयराज शर्मा। अजयराज शर्मा के साथ उनकी टीम में आईपीएस अरुण कुमार, पीपीएस राजेश पांडे, सत्येन्द्रवीर सिंह के अलावा सब इंस्पेक्टर श्यामाकांत त्रिपाठी और अविनाश मिश्र को शामिल किया गया। इस घातक टीम ने यूपी पुलिस का मनोबल बढ़ाया। इस टीम ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ल को उसके तीन साथियों के साथ ढेर कर दिया गया। वहीं एसटीएफ के संस्थापक सदस्यों में अजयराज शर्मा दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनकर पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सतेन्द्रवीर सिंह अलीगढ़ और जिलों के एसएसपी व एसपी रहकर रिटायर हुए हैं। श्यामाकांत त्रिपाठी नोएडा में इंस्पेक्टर रहे। उन्होंने पदोन्नति के बाद सीओ बनकर लखनऊ में कई सर्किल में काम किया और रिटायर हो चुके हैं। अविनाश मिश्रा भी रिटायर हो चुके हैं। बाकी संस्थापक सदस्यों में अब अरुण कुमार और राजेश पांडेय ही रह गए थे जो आज रिटायर हो रहे हैं।

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