सज गया सट्टा बाजार, करोड़ों उड़ने को बेकरार

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-74 दिन, 74 मैच, रोज होगा पूर्वांचल में क्रिकेट पर करोडों-अरबो का सट्टा कारोबार
-हाईटेक सट्टेबाजों से निपटना, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
-आईपीएल से लेकर T-20 वर्ल्ड कप तक मैच ही मैच

हत्या , अपहरण, लूट व चोरी की वारदातों को रोकने की चुनौती में जुटी वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के सामने अब क्रिक्रेट पर लग रहे सट्टे को रोकना बड़ी चुनौती होगी।

आज 19 सितंबर से शुरु हो रहे आईपीएल के दूसरे चरण और 20-20 वर्ल्ड कप में कुल 74 टी-20 क्रिक्रेट मैच होने वाले हैं। क्रिक्रेट के इस महाकुंभ के लिए करोड़ों का सट्टा बाजार सज चुका है और रोज करोड़ो का सट्टा वाराणसी और आसपास के जनपदों में होगा।

  • आईपीएल से 20-20 वर्ल्ड कप तक
  • 19 सितंबर से शुरू आईपीएल 15 अक्टूबर तक चलेगा इसमें कुल मिलाकर 29 मैच खेले जाने है
  • टी-20 वर्ल्ड कप 17 अक्टूबर से शुरू होगा और 14 नवम्बर तक चलेगा जिसमें सभी टेस्ट व वनडे खेलने वाली आईसीसी से मान्यता प्राप्त टीमें भाग लेंगी। करीब 45 मैच होंगे।

पूर्वांचल के सट्टेबाज क्रिक्रेट के महाकुंभ में अच्छे से गोता लगा रहे है। कस्टमर को सट्टेबाजों ने मोबाइल नम्बर के साथ कोडवर्ड भी एलाट कर कर रखा है, और खाया, लगाया, सेशन, लंबी आदि कूट भाषा में हो रही बातचीत से रोजाना लाखो करोड़ो का सट्टा मैच की हार जीत पर लगना है।

सट्टेबाजी में हो रहा है तकनीक का प्रयोग-

बदलते समय के साथ आधुनिक होते सट्टेबाजों ने मोबाइल एप टेक्नोलॉजी का उपयोग भी शुरू कर दिया है। और गूगल प्ले स्टोर पर कई एप उपलब्ध है जो क्रिकेट के स्कोर के साथ ही सट्टेबाजों के तथाकथित “डब्बे” की लाइन का सीधा प्रसारण करते है। और बॉल दर बॉल बदलता सट्टे का रेट उसपे आता रहता है।

सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप का भी सट्टेबाज प्रयोग कर रहे हैं, ऐसे ग्राहक जिनकी लिमिट प्रत्येक दिन 50 हजार रुपए या उससे अधिक है। उनके लिए वॉट्सएप ग्रुप तैयार किए गए हैं। मैच की पल-पल की अपडेट उन्हें इस ग्रुप पर उपलब्ध कराई जाती है, पर बुकिंग कॉल के जरिए ही कि जा रही है।

ऐसे होता है खेल-

टी-20 मैच में टॉस के बाद पल-पल खेल की स्थिति बदलती है। टॉस से पहले दोनों टीमों के हार-जीत का भाव आता है। पर टॉस जो टीम जीतती है और जिस मैदान पर खेल हो रहा है उसका इतिहास व टीमों की स्थिति देखते ही तत्काल नए भाव आना शुरू हो जाते हैं। मैच की पहली गेंद से सेशन में गेम शुरू हो जाता है। पहली इनिंग में दो सेशन 1 से 10 ओवर और दूसरा 10 से 20 ओवर का होता है। जो प्रत्येक ओवर में बदलता है। जबकि सेकंड सेशन में एक से 06 ओवर का ही सेशन रहता है। अगले में जीत हार ही रहती है।

पिछले कुछ वर्ष में क्रिक्रेट पर सट्टा का कारोबार गलियों व मोहल्ले से पॉश कॉलोनियों में पहुंच गया है। यहां कमरा या फ्लैट किराए से लेकर सटोरिए खुद को महफूस समझते हैं।

4 वर्ष पहले चेतगंज क्षेत्र से एक बड़ा सट्टेबाज पकड़ा गया था जिसके पास से लाखों की नकदी भी मिली थी, इसके अलावा बुलानाला क्षेत्र से भी सट्टेबाजों का गिरोह पकड़ाया था। जो लैपटॉप व मोबाइल के जरिए सट्टा खिला रहा था।

यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने भी 2 वर्ष पूर्व सुंदरपुर इलाके से 3 लोगो को लाखों की नगदी के साथ आईपीएल पर सट्टा लगाते पकड़ा था।

ये तथ्य केवल एक शहर बनारस का है। इस शहर के सांसद स्वयं प्रधानमंत्री हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब इतने वीआईपी माहौल में भी सटोरिये अपना खेल खेलने से बाज नहीं आते तो अन्य शहरों की हालत क्या हो रही होगी।

कुल मिला के कहा जा सकता है कि 20-20 क्रिकेट का खुमार आजकल छाया हुआ है और इसके साथ ही रोजाना लाखो करोड़ो के सट्टा कारोबार का आगाज होने वाला है।

अब देखने वाली बात ये होगी की तकनीक के साथ कदमताल मिला कर अपनी व्यूह रचना करने वाले आधुनिक युग के सट्टेबाजों के जाल को पुलिस कैसे तोड़ती है।

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