संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सैन्य शक्ति का सदुपयोग हुआ और आतंकी हमले कम हुए। उन्होंने विपक्ष पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और बताया कि कैसे पहलगाम हमले के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। नड्डा ने यह भी कहा कि दुनिया ने भारत का साथ दिया और आतंकवादियों को ऑपरेशन महादेव के जरिए खत्म किया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर बहस चल रही है। राज्यसभा में सत्ता पक्ष के नेता जेपी नड्डा ने ऑपरेशन सिंदर को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हमने सैन्य शक्ति का सदुपयोग किया। देश में आतंकी हमले बंद हो गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व में 13 दिन के भीतर ही पहलगाम हमले का जवाब दिया। हमारी आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। जेपी नड्डा ने आगे कहा कि टीम इंडिया ने दुनिया को पाकिस्तान की सच्चाई बताई। फर्क राजनीतिक नेतृत्व का है।
हमले होते रहे और UPA मिठाई खिलाती रही: जेपी नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कहा कि तत्कालीन सरकार ने 2005 के दिल्ली सीरियल बम विस्फोटों, 2006 के वाराणसी आतंकी हमले, 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन बम विस्फोटों में कोई कार्रवाई नहीं की। मुद्दा यह है कि तब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद और व्यापार और पर्यटन जारी रहा। जेपी नड्डा ने कहा कि हमले होते रहे और UPA मिठाई खिलाती रही।
जेपी नड्डा ने कहा, ‘हमें उस समय की कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की हद को समझना होगा कि 2008 में जयपुर में इंडियन मुजाहिदीन की ओर से बम धमाकों के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच विशेष विश्वास बहाली उपायों पर सहमति बनी। वे हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उन्हें बिरयानी खिलाने चले। यहां तक कि उन्हें LoC पार करने के लिए ट्रिपल-एंट्री परमिट तक की इजाजत दे दी गई।”
61 देशों ने पहलगाम हमले की निंदा की
जेपी नड्डा ने कहा एक झूठ फैलाया जा रहा है कि कोई भी देश भारत के साथ खड़ा नहीं हुआ। लेकिन सच्चाई यह है कि दुनिया भर के 61 राष्ट्राध्यक्षों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। 35 विदेश मंत्रियों ने एकजुटता का कड़ा संदेश दिया। चाहे वह संयुक्त राष्ट्र हो, क्वाड हो या ब्रिक्स – हर बड़ा वैश्विक मंच भारत के साथ खड़ा रहा और हमले की निंदा की।
ऑपरेशन महादेव के जरिए आतंकियों को जमीन में गाड़ दिया गया
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया। एक आतंकवादी की जिंदगी अब औसतन सिर्फ 7 दिन की रह गई है। यह मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा है। मल्लिकार्जुन खरगे पूछ रहे थे पहलगाम के आतंकवादियों का क्या हुआ? मैं उन्हें बता दूं कि ऑपरेशन महादेव के जरिए उन्हें जमीन में गाड़ दिया गया है।
देश जानता है कि हाफिज सईद को ‘जी’ कौन कहता था: जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा,”आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, कांग्रेस ने मुंबई हमलों को आरएसएस से जोड़ने की कोशिश की। इसे ‘भगवा आतंकवाद’ बताने की कोशिश की। पूरा देश जानता है कि हाफिज सईद को कौन “जी” कहता था। और हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि यूपीए के एक रक्षा मंत्री ने क्या कहा था: “स्वतंत्र भारत की कई वर्षों से यह नीति रही है कि सबसे अच्छा बचाव सीमा का विकास न करना है।
एक अविकसित सीमा एक विकसित सीमा से ज्यादा सुरक्षित होती है। इसीलिए, वर्षों तक, हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, हवाई अड्डों या बुनियादी ढाँचे का निर्माण नहीं हुआ।