बरेली। शहर में उपद्रव के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर को शरण देने वाले फरहत और आरिफ की मुश्किलें कम नहीं होती दिख रहीं। बीडीए ने फाईक इन्क्लेव समेत अन्य अवैध निर्माण की जांच तेज कर दी है। जांच में आरिफ के द्वारा कई प्लाटिंग किए जाने की भी बात सामने आई है। जिस पर जल्दी प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की योजना बन रही है। इसमें कई निर्माण सीलिंग की भूमि पर पाए हैं।

साथ ही बीते वर्ष तहसील प्रशासन द्वारा किए गए जांच के फाइलों को भी देखा जा रहा है। जिसके आधार पर आरिफ और फरहत व अन्य अवैध निर्माण करने वाले तौकीर के करीबियों की कुंडली तैयार की जा रही है।

बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. के अनुसार, शहर में अवैध निर्माण के विरुद्ध लगातार जांच की जा रही है। जो भी निर्माण सामने आएंगे उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच आरिफ के फहम लान, फ्लोरा गार्डन, स्काईलार्क होटल के बाद कई अन्य व्यवसायिक और आवासीय संपत्तियां सामने आई हैं जो नक्शे के विपरीत बनाई गई हैं या बिना नक्शे के ही विकसित कर दी गई हैं। इन सभी को चिह्नित कर लिया गया है। इसमें फाईक इन्क्लेव भी शामिल है। जिसकी पूर्व में की गई जांच और नोटिस आदि को फिर से दिखवाया जा रहा है।

लेखपाल ने दर्ज कराई थी बारादरी थाने में रिपोर्ट, मगर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी

बीते वर्ष राजस्व विभाग की जांच में फाईक इन्क्लेव में सीलिंग की जमीन की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया था। इसमें स्थानीय लेखपाल ने फाईक इंक्लेव के मालिक आरिफ समेत कई अन्य लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले ने तूल पकड़ा था। फिर मामला ठंडा होते ही उसे रफा-दफा कर दिया गया था। अब उपद्रव के बाद फिर से पुराने मामले खोलने की तैयारी है।

एक चाय विक्रेता भी रडार पर

इस सब घटनाक्रम के बीच एक चाय विक्रेता की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पता चला है कि चाय विक्रेता भी उपद्रव में शामिल आरोपितों की मदद में जुटा है। लगातार उसके फोन के संपर्क में भी होने की बात सामने आई है। जिसके बाद चाय विक्रेता की पूरी कुंडली भी पुलिस-प्रशासन को सौंपी गई है। चाय विक्रेता बारादरी थानाक्षेत्र में दुकान संचालन करता है, देर रात तक वर्ग विशेष के लोगों का वहां जमावड़ा लगता है।

अवैध निर्माण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई चल रही है। प्रकरण में जिन-जिन की अवैध निर्माण सामने आए हैं उनके विरुद्ध सीलिंग व अन्य कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। सभी से अपील है कि प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराकर ही निर्माण कराएं, अन्यथा की दशा में कार्रवाई जारी रहेगी।- डॉ. मनिकंडन ए., बीडीए उपाध्यक्ष