SIR 2.0: 4 नवंबर से फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू, 7 फरवरी 2026 को जारी होगी फाइनल लिस्ट — देश के 12 राज्यों में बड़े पैमाने पर सर्वे की तैयारी

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बिहार के बाद अब केंद्र सरकार ने देश के 12 अन्य राज्यों में SIR 2.0 (Socio-Economic Index Review) को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस परियोजना के तहत 4 नवंबर 2025 से फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होगी और 7 फरवरी 2026 तक फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
यह योजना केंद्र सरकार की सामाजिक और आर्थिक सर्वे प्रणाली का एक उन्नत संस्करण है, जिसका उद्देश्य नागरिकों की सामाजिक स्थिति, आय, रोजगार, और सरकारी योजनाओं के लाभों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है।


🔹 किन राज्यों में होगा SIR 2.0 लागू

सरकार ने पहले चरण में जिन 12 राज्यों को शामिल किया है, उनमें शामिल हैं —
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक और असम।
इन राज्यों में संबंधित विभागों को SIR 2.0 के लिए आवश्यक डेटा-संग्रह और वेरिफिकेशन टीमों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है।

नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —
“यह सर्वे न सिर्फ सामाजिक स्थिति को मापेगा, बल्कि यह भी पता लगाएगा कि सरकारी कल्याण योजनाओं का वास्तविक लाभ किन तक पहुंच रहा है और किन तबकों तक नहीं।”


🔸 प्रक्रिया का टाइमलाइन

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, SIR 2.0 की प्रक्रिया चार चरणों में पूरी की जाएगी:

  1. 4 नवंबर 2025 – फॉर्म भरने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत।

  2. 15 दिसंबर 2025 तक – प्रारंभिक डेटा वेरिफिकेशन और दस्तावेज अपलोडिंग।

  3. 5 जनवरी 2026 तक – ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर आपत्तियां मांगी जाएंगी।

  4. 7 फरवरी 2026 – फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी, जिसमें पात्र परिवारों की पुष्टि होगी।


🔹 क्या है SIR 2.0

SIR 2.0 यानी “Social Index Review 2.0” — सरकार द्वारा नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों को डिजिटल रूप में अपडेट करने की प्रक्रिया है।
इसका मुख्य उद्देश्य है —

  • गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) की सही पहचान।

  • योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, अन्नपूर्णा, और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों का सटीक चयन

  • डुप्लीकेट और फर्जी एंट्री को खत्म करना।


🔸 डिजिटल सर्वे और वेरिफिकेशन

इस बार पूरा सर्वे डिजिटल माध्यम से टैबलेट और मोबाइल एप के जरिए किया जाएगा।
सभी डेटा केंद्रीय सर्वर से सीधे जुड़े रहेंगे ताकि किसी प्रकार की हेराफेरी या डुप्लीकेसी न हो सके।
गांवों और शहरी इलाकों में प्रशिक्षित सर्वे टीमों को लगाया जाएगा, जो प्रत्येक परिवार से संबंधित जानकारी एकत्रित करेगी।

एक अधिकारी के अनुसार —
“SIR 2.0 को डिजिटल इंडिया मिशन से जोड़ते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि हर नागरिक का डेटा पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से अपडेट हो।”


🔹 बिहार मॉडल बनेगा देशभर में उदाहरण

बिहार में SIR का पहला चरण बेहद सफल रहा, जिसके बाद सरकार ने इसे अन्य राज्यों में लागू करने का निर्णय लिया।
बिहार में इस सर्वे के आधार पर लाभार्थियों की सटीक पहचान हुई और कई फर्जी एंट्री हटाई गईं।
अब वही मॉडल अन्य राज्यों में अपनाया जाएगा।


🔚 निष्कर्ष

देश के 12 राज्यों में SIR 2.0 एक बड़े प्रशासनिक अभियान के रूप में शुरू होने जा रहा है।
4 नवंबर से नागरिक फॉर्म भरना शुरू करेंगे और 7 फरवरी 2026 तक फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि इस डिजिटल सर्वे के जरिए गरीबी, शिक्षा, और सामाजिक असमानता से जुड़ा सही डेटा तैयार किया जा सके, ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

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