
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए ब्लास्ट की जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ऐसे सबूत जुटाए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि कुख्यात डॉक्टर निसार का इस आतंकी हमले से जुड़ाव संभव है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि उमर, जिसे इस विस्फोट का मुख्य आरोपी माना जा रहा है, को आतंकी गतिविधियों की पूरी ट्रेनिंग कश्मीर में डॉक्टर निसार ने ही दी थी।
डॉ. निसार — जो पेशे से डॉक्टर है लेकिन लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहा है — 2023 में देश-विरोधी गतिविधियों के कारण चर्चा में आया था। उस वर्ष उसकी क्लीनिक पर छापेमारी भी हुई थी। अब, दिल्ली ब्लास्ट के बाद उसका रोल फिर से संदेह के घेरे में आ गया है।
डॉक्टर निसार कौन है और क्यों है संदिग्ध?
डॉ. निसार कश्मीर में एक मशहूर डॉक्टर के रूप में जाना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसका नाम कई कट्टरपंथी संगठनों और संदिग्ध गतिविधियों के साथ जुड़ने लगा था।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में उसके खिलाफ देश-विरोधी भाषण देने, संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहने और कथित फंडिंग गतिविधियों की शिकायतें मिली थीं। हालांकि उस समय उसके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हाई-रिस्क प्रॉफाइल में रखा था।
अब NIA को कुछ इलेक्ट्रॉनिक डेटा और गवाहों के बयान मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि डॉ. निसार लंबे समय से आतंकी मॉड्यूल को सपोर्ट कर रहा था।
उमर को ट्रेनिंग देने के आरोप मजबूत
दिल्ली ब्लास्ट के बाद गिरफ्तार या ट्रैक किए गए कई संदिग्धों से पूछताछ में यह सामने आया है कि उमर पिछले कुछ महीनों में कश्मीर गया था, जहां उसने एक जंगल क्षेत्र में कई दिनों तक प्रशिक्षण लिया।
जांच सूत्रों का दावा है कि
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उमर को IED तैयार करने,
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निगरानी से बचने की तकनीकें,
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सुरक्षित मार्गों का इस्तेमाल,
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और डिजिटल कम्युनिकेशन छुपाने की ट्रेनिंग
कथित तौर पर डॉ. निसार या उसके नेटवर्क ने दी थी।
एजेंसियों के अनुसार, उमर की मोबाइल लोकेशन और यात्रा रिकॉर्ड भी इस दावे को मजबूत करते हैं।
डॉ. निसार कहां है? एजेंसियां लगातार तलाश में
दिल्ली ब्लास्ट के बाद से डॉ. निसार लापता है। उसकी क्लीनिक बंद पड़ी है, मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं और उसके आखिरी स्थान का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिल रहा।
एजेंसियों का मानना है कि या तो वह
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किसी पहाड़ी इलाके में छिपा हुआ है,
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या अपने पुराने नेटवर्क की मदद से कश्मीर से बाहर निकल गया है।
उसकी गिरफ्तारी या पता चलना इस केस के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है, क्योंकि ब्लास्ट के पीछे की पूरी साजिश उसमें उजागर हो सकती है।
दिल्ली ब्लास्ट की जांच: टेरर मॉड्यूल का विस्तार स्पष्ट
पिछले कुछ दिनों की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह हमला किसी एक अकेले व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसमें कई राज्य शामिल हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार:
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मॉड्यूल के सदस्य मेवात, कश्मीर और दिल्ली के बीच लगातार मूवमेंट कर रहे थे।
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उमर के फोन और लैपटॉप से कई एन्क्रिप्टेड चैट मिली हैं।
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कुछ चैट में ट्रेनिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाले कोडवर्ड भी मिले हैं।
हालांकि उन चैट में नाम सीधे नहीं हैं, लेकिन संदर्भ और समय-सीमा डॉक्टर निसार पर संदेह को और मजबूत करती है।
खुफिया एजेंसियां सतर्क—क्या बड़ा मॉड्यूल अब भी सक्रिय?
यह भी आशंका जताई जा रही है कि डॉक्टर निसार और उमर सिर्फ दो चेहरे हैं, जबकि इस मॉड्यूल के कई सदस्य अभी भी सक्रिय हो सकते हैं।
NIA और अन्य एजेंसियां अब:
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कश्मीर के कई इलाकों में रेड कर रही हैं
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निसार के संभावित संपर्कों को ट्रैक कर रही हैं
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और ब्लास्ट के पीछे छिपे असल मास्टरमाइंड को खोजने की कोशिश कर रही हैं
जांच के इस चरण में माना जा रहा है कि यह नेटवर्क कई महीनों से सक्रिय था और इसका उद्देश्य दिल्ली में बड़ा आतंक फैलाना था।
निष्कर्ष
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में डॉ. निसार का नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी या टेरर नेटवर्क में उसकी भूमिका का खुलासा इस केस को पूरी तरह सुलझाने में निर्णायक साबित होगा।
जैसे-जैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं, यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यह हमला सिर्फ एक विस्फोट नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैले आतंकी नेटवर्क की गहरी साजिश का हिस्सा था।