35 गेंदों से कम में दो T20 शतक! वैभव सूर्यवंशी ने बनाया अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड, क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा कारनामा

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क्रिकेट की दुनिया में रिकॉर्ड अक्सर बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन जो उपलब्धि वैभव सूर्यवंशी ने हासिल की है, वह अब तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू खिलाड़ी ने नहीं की। इंडिया-A और यूएई के बीच खेले गए टी20 मैच में सूर्यवंशी ने न सिर्फ तूफानी बल्लेबाज़ी की बल्कि 35 गेंदों से भी कम में अपने करियर का दूसरा टी20 शतक जड़कर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया।

उनकी 144 रनों की धुआंधार पारी ने क्रिकेट प्रेमियों, विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं को चौंका दिया है। यह पारी न सिर्फ एक मैच की बात है, बल्कि यह संकेत है कि भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा सुपर स्ट्राइकर मिल चुका है, जो आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर धमाका कर सकता है।


32 गेंदों में शतक — ये कोई साधारण बात नहीं

मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी की स्ट्राइक रेट इतनी तेज़ थी कि गेंदबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने मैदान के लगभग हर हिस्से में शॉट लगाए और मौका मिलते ही बड़े-बड़े छक्के जड़ते चले गए।

उनका शतक आया सिर्फ 32 गेंदों में, जो दुनिया के सबसे तेज़ टी20 शतकों में शामिल है। सनसनीखेज़ बात ये है कि यह उनका दूसरा ऐसा शतक है, जो 35 गेंदों से कम में आया — यह उपलब्धि दुनिया में किसी और खिलाड़ी ने हासिल नहीं की।

  • पहला 35-से-कम शतक भी उन्होंने इसी साल किया था।

  • दूसरा 32 गेंदों वाला शतक अब UAE के खिलाफ आया।

यह दर्शाता है कि वह केवल एक “वन-मैच वंडर” नहीं, बल्कि लगातार अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी दोहरा पाने की क्षमता रखते हैं।


144 रनों की पारी—एकदम खतरनाक अंदाज़

सूर्यवंशी ने 144 रन जिस अंदाज़ में बनाए, इससे साफ है कि वह टी20 फॉर्मेट के लिए एकदम परफेक्ट खिलाड़ी हैं।
उनकी पारी में थे:

  • 12 छक्के,

  • 10 चौके,

  • और लगभग हर ओवर में बाउंड्री।

उनकी टाइमिंग इतनी बेहतरीन थी कि गेंद जैसे बल्ले से टकराते ही हवा में उड़ जाती। यूएई के गेंदबाज़ों के पास कोई रणनीति नहीं बची—चाहे वे यॉर्कर फेंकें, शॉर्ट गेंदें डालें या धीमी गेंदें—सूर्यवंशी ने लगभग हर बॉल का जवाब बाउंड्री से ही दिया।


रिकॉर्ड्स जो टूटे और जो बने

सूर्यवंशी की पारी से कई रिकॉर्ड या तो टूट गए या नए बन गए। मैच के बाद क्रिकेट विश्लेषकों ने यह बताया कि:

  • वह दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो टी20 शतक 35 या उससे कम गेंदों में जड़े।

  • 32 गेंदों वाला उनका शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज़ शतकों में से एक है।

  • इंडियन-A टीम के लिए किसी भी टी20 मैच में यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

  • उनकी स्ट्राइक रेट टी20 इंटरनेशनल या लिस्ट-A गेम किसी भी स्तर पर टॉप-5 में शामिल है।

इन उपलब्धियों से यह सवाल जोर पकड़ने लगा है—क्या सूर्यवंशी अब भारत की टी20 टीम में एंट्री के मुख्य दावेदार बन चुके हैं?


क्या टीम इंडिया में जल्द होगी एंट्री?

भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल कई नए खिलाड़ियों को मौका दे रही है, और ऐसे में सूर्यवंशी की यह पारी चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर खींचेगी।
उनकी सबसे बड़ी ताकत है:

  • पावर,

  • तेज़ रन बनाने की क्षमता,

  • स्पिन और पेस दोनों पर बराबर आक्रामक खेल,

  • और दबाव वाली परिस्थितियों में बेहतर स्ट्राइक रेट।

क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि आईपीएल 2026 की नीलामी में सूर्यवंशी सबसे चर्चित नामों में से एक हो सकते हैं।


कैसे बनाया ऐसा रिकॉर्ड? सूर्यवंशी की गेम प्लानिंग

मैच के बाद उन्होंने बताया कि:

  • वे अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान देते हैं।

  • नेट्स में लगातार पावर हिटिंग की प्रैक्टिस करते हैं।

  • bowlers की लेंथ पढ़ना उनकी सबसे बड़ी स्किल है।

  • मैच में वही शॉट खेलते हैं, जिनमें उन्हें 100% विश्वास होता है।

यह रणनीति ही उन्हें सामान्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।


निष्कर्ष

वैभव सूर्यवंशी की ताबड़तोड़ पारी और रिकॉर्ड-ब्रेकिंग प्रदर्शन ने क्रिकेट जगत में एक नया सितारा उभरते हुए दिखाया है।
35 गेंदों से कम में दो शतक—यह आंकड़ा अपने आप में दुनिया को बताने के लिए काफी है कि यह खिलाड़ी लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।

अगर उन्होंने ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखा, तो वह भविष्य में भारत के टी20 फॉर्मेट की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।

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