
राजस्थान के कोटा ज़िले के मूसाखेड़ा गांव में 9 महीने की बच्ची अक्सा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया है। यह मामला न सिर्फ भावनात्मक रूप से झकझोरने वाला है, बल्कि लगातार बदलते आरोपों और पारिवारिक तनाव को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रहा है। बच्ची की मौत के बाद उसके दादा-दादी ने अपनी बहू पर ही गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। वहीं, पुलिस अब इस मामले को संवेदनशील मानते हुए कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
घटना की शुरुआत—घर में मिली बच्ची की लाश
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह घर के अंदर ही बच्ची अक्सा को बेहोशी की हालत में पाया गया। जब परिजनों ने उसे उठाने की कोशिश की तो बच्ची में कोई हलचल नहीं थी। तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले, लेकिन गले के हिस्से में दबाव जैसी आशंका सामने आई, जिसकी वजह से पुलिस को हत्या का शक हुआ।
सास-ससुर ने बहू पर लगाए गंभीर आरोप
बच्ची की मौत के बाद परिवार में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। मृतका के दादा-दादी ने आरोप लगाया कि घर में मौजूद उनकी बहू—बच्ची की मां—ने ही अक्सा का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपों में कहा गया कि घरेलू कलह और पारिवारिक विवादों के चलते मां ने यह सड़ा कदम उठाया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
परिजनों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से घर में अक्सर विवाद होते थे। कथित रूप से, बच्ची की मां मानसिक तनाव में रहती थी और कई बार झगड़े की स्थितियां बनती थीं। हालांकि, इस बारे में पुलिस को अभी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, लेकिन परिवार के बयान और परिस्थितियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई—शुरू हुई गहन जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घर को सील कर दिया। घटनास्थल से साक्ष्यों को इकट्ठा कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएगी। बच्ची की मौत गला घोंटने से हुई या किसी अन्य वजह से, इसका पता वैज्ञानिक जांच के बाद ही चलेगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई महत्वपूर्ण सवाल जांच का हिस्सा हैं—
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क्या मां और परिजनों के बीच पहले से कोई कड़वाहट थी?
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क्या घटना के समय घर में कोई और मौजूद था?
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क्या बच्ची की मौत दुर्घटनावश हो सकती है?
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क्या कहीं परिवारिक बयानबाज़ी में विरोधाभास मौजूद है?
इन सभी बिंदुओं से पुलिस टीम स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है। बच्ची की मां से पूछताछ शुरू कर दी गई है, हालांकि उसने आरोपों को गलत बताया है। फिलहाल पुलिस उसे हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ कर सकती है।
गांव में मातम और तनाव दोनों
इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। 9 महीने की मासूम की मौत से लोगों में गहरा दुःख है। वहीं, मां पर लगे आरोपों को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएँ भी चल रही हैं। कुछ लोग इसे घरेलू तनाव का नतीजा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि मामले को निष्पक्ष जांच के बाद ही समझा जा सकता है।
अगला कदम—पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मृत्यु के कारण की सही पुष्टि हो सके। अधिकारी कहते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद ही गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले को अत्यधिक संवेदनशील मानकर जांच बिना किसी दबाव के की जा रही है।