‘अमित जी ने तो मेरी जान ही ले ली थी’ — जब मनोज बाजपेयी को शूटिंग के दौरान मौत का अहसास हुआ, बोले- उस दिन मैं सिहर गया था

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फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे किस्से हैं, जिनके बारे में सितारे सालों बाद खुलकर बात करते हैं। कुछ अनुभव खौफनाक होते हैं, तो कुछ दिल को छू लेने वाले। हाल ही में बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार मनोज बाजपेयी ने ऐसा ही एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर उन्होंने बताया कि कैसे एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ फिल्माते हुए उन्हें लगा था कि अब उनकी जान जाने ही वाली है। उनका कहना था कि वह पल उनके जीवन के सबसे डरावने अनुभवों में से एक रहा।

शो पर सुनाया एक पुराना किस्सा

मनोज बाजपेयी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में पहुंचे थे, जहां अमिताभ बच्चन स्वयं इस लोकप्रिय शो के मेजबान हैं। बातचीत के दौरान मनोज ने बताया कि फिल्म ‘Aks’ की शूटिंग के समय एक ऐसा सीन था, जिसमें उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ बेहद तीव्र और चुनौतीपूर्ण एक्शन सीक्वेंस करना था। इस दृश्य को फिल्माते समय मनोज इतने डर गए थे कि उन्हें पलभर के लिए सच में लगा– “अब मैं गया!”

वे बताते हैं कि उस समय सेट पर माहौल काफी गंभीर था, निर्देशक और टीम पूरा ध्यान एक्शन की सूक्ष्मता पर दे रही थी। सीन बेहद खतरनाक और तेज़ मूवमेंट वाला था। मनोज कहते हैं, “अमित जी इतने डेडिकेटेड थे कि सीन की तीव्रता को पूरी तरह निभा रहे थे। लेकिन एक पल ऐसा आया कि मैं खुद को संभाल नहीं पाया। सच कहूं तो लगा कि इस बार बच पाना मुश्किल है। जैसे अमित जी ने मेरी जान ही ले ली थी। मैं खुद हैरान था कि मैं असल में डर गया था।”

मनोज की बात सुनकर अमिताभ भी रह गए हैरान

जब मनोज यह किस्सा सुना रहे थे, तो अमिताभ बच्चन भी मुस्कुराते हुए हैरानी के साथ उन्हें सुनते रहे। उन्होंने तुरंत हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा कि उन्हें उस दौरान ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ, मगर यह जानकर अच्छा लगा कि सीन ने अपनी तीव्रता के कारण इतना प्रभाव डाला कि मनोज को वह पल आज तक याद है।

मौके पर मौजूद ऑडियंस भी इस खुलासे पर हंस पड़ी, लेकिन सभी के चेहरों पर यह महसूस किया जा सकता था कि यह घटनाक्रम मनोज के लिए कितना वास्तविक और डरावना रहा होगा।

फिल्म ‘Aks’ की शूटिंग के दौरान कई कठिन सीन

मनोज बताते हैं कि फिल्म ‘Aks’ की कहानी और उसका ट्रीटमेंट बेहद गहन था। यह फिल्म मनोवैज्ञानिक और अतिप्राकृतिक तत्वों से भरपूर थी, जिसमें कई दृश्यों को अत्यधिक ऊर्जा और भावनाओं के साथ फिल्माया गया था। ऐसे में कलाकारों को अपने किरदार में पूरी तरह डूबना पड़ता था। इसी प्रक्रिया में कई बार सीन वास्तविकता का अहसास कराने लगते हैं।

वह कहते हैं, “अमित जी के साथ शूटिंग करना अपने आप में एक सीख है। उनके सामने खड़े होकर एक्टिंग करना आसान नहीं होता। उनका आभा-व्यक्तित्व, उनकी आवाज़, उनकी डिटेलिंग—सब मिलकर उस पल की वास्तविकता कई गुना बढ़ा देते हैं। शायद इसी वजह से मुझे वो सीन इतना खतरनाक लगा।”

मनोज का संघर्ष और उनका अभिनय सफर

मनोज बाजपेयी ने हमेशा अपनी यात्रा को संघर्षपूर्ण बताया है। बिहार के छोटे से गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचने और फिर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने तक का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। लेकिन उनकी मेहनत, दृढ़ता और कला के प्रति समर्पण ने उन्हें आज इंडस्ट्री के सबसे सशक्त एक्टर्स में शामिल कर दिया है।

मनोज कहते हैं कि इंडस्ट्री में उनके शुरुआती दिनों में उनके पास न तो संपर्क थे, न ही ज्यादा अवसर। लेकिन धीरे-धीरे उनके अभिनय को पहचान मिली और उनकी फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि मनोज जैसे कलाकारों को नज़रअंदाज़ करना संभव नहीं।

अमिताभ बच्चन के साथ स्क्रीन शेयर करने का अनुभव

अमिताभ बच्चन बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं, और उनके साथ स्क्रीन शेयर करना किसी भी कलाकार के लिए सम्मान की बात है। मनोज भी इस बात को बार-बार स्वीकार करते हैं। वे कहते हैं कि अमिताभ न केवल एक महान अभिनेता हैं बल्कि सेट पर अनुशासन, समय की पाबंदी और कड़ी मेहनत जैसे गुणों के कारण युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा भी हैं।

मनोज बताते हैं कि जब पहली बार उन्होंने ‘Aks’ में अमिताभ के साथ सीन किया था, तो वे बेहद नर्वस थे। उन्हें लगता था कि वे अमिताभ की उपस्थिति के सामने कहीं फीके न पड़ जाएं। लेकिन अमिताभ ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और सीन के दौरान पूरी सहजता से सहयोग किया।

मनोरंजन की दुनिया में अनसुने किस्से

फिल्मों की दुनिया में ऐसे कई किस्से हैं, जिन्हें दर्शक शायद कभी न जान पाते, लेकिन कलाकारों की खुली बातचीत और यादों से जुड़ी साझा कहानियों के कारण वे सामने आते हैं। यह वही किस्से हैं जो दर्शकों को यह समझने में मदद करते हैं कि पर्दे पर दिखाई देने वाला हर पल कितनी मेहनत, जोखिम और भावनात्मक गहराई से गुजरकर बनता है।

मनोज बाजपेयी का यह अनुभव भी इसी श्रेणी का है—एक ऐसा किस्सा जिसे वे वर्षों बाद भी याद करते हैं और जो उनके करियर की सबसे यादगार घटनाओं में से एक बन गया।

स्टेज पर एक भावुक पल

कहानी सुनाते समय मनोज की आंखों में भावनाओं की चमक दिखाई दे रही थी। दर्शकों ने भी उनकी बातों को ध्यान से सुना। दोनों दिग्गज कलाकारों के बीच की यह बातचीत अपने आप में दर्शकों के लिए एक यादगार पल बन गई। यह सिर्फ एक किस्सा नहीं था, बल्कि अभिनय की कला, उसके जोखिम और उसके प्रति समर्पण का प्रतीक भी था।

निष्कर्ष

मनोज बाजपेयी द्वारा साझा किया गया यह अनुभव फिल्म इंडस्ट्री की हकीकत को दिखाता है—जहां मनोरंजन की चमक-दमक के पीछे गहरी मेहनत, खतरे और भावनात्मक उतार-चढ़ाव छिपे रहते हैं। अमिताभ बच्चन जैसे कलाकारों के साथ काम करना जहां गौरव की बात है, वहीं ऐसे दृश्यों में शामिल होना कभी-कभी कलाकारों को वास्तविक खतरे का अहसास भी करा देता है।

मनोज की यह कहानी बताती है कि अच्छे कलाकार होने का मतलब सिर्फ कैमरे के सामने अभिनय करना नहीं है, बल्कि उन अनुभवों से गुजरना है जो जीवनभर उनकी यादों में दर्ज हो जाते हैं।

 

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