
पटना एयरपोर्ट पर हुआ एक भावुक पल अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। बिहार की राजनीति में अपनी सादगी और संतुलन के लिए पहचान रखने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के चरण स्पर्श किए, और यह दृश्य देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह घटना ठीक उस समय की है जब नीतीश कुमार ने लगातार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री का पटना आगमन पर स्वागत किया।
यह वीडियो सिर्फ एक क्षणिक घटना नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में बदलते समीकरणों, विनम्रता, परंपरा और गठबंधन की नई तस्वीर को भी उजागर करता है। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है—कुछ इसे नीतीश कुमार की विनम्रता बताते हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद पीएम का पटना आगमन
नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में एक बार फिर शपथ ली। यह उनका रिकॉर्ड-तोड़ 10वां कार्यकाल है, जिसने उन्हें देश के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले मुख्यमंत्रियों की कतार में और आगे ला खड़ा किया है।
शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद पीएम नरेंद्र मोदी पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री, मंत्रीमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान वह दृश्य सामने आया जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा—नीतीश कुमार का पीएम मोदी के चरण स्पर्श करना।
राजनीति में विनम्रता या एक संदेश?
भारतीय संस्कृति में बड़ों के पैर छूना सम्मान और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है। खासकर राजनेताओं के बीच भी यह दृश्य कभी-कभार दिखाई देता है, लेकिन मुख्यमंत्री जैसे अनुभवी नेता द्वारा प्रधानमंत्री के चरण छूना कम ही देखने को मिलता है।
नीतीश कुमार का व्यक्तित्व
नीतीश कुमार अपनी सरलता और कड़ाई से सिद्धांतों का पालन करने के लिए जाने जाते हैं।
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वे मंच पर कई बार वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देते हुए दिखाई दिए हैं।
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राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद उन्होंने कई मौकों पर संतुलन और धैर्य का परिचय दिया है।
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चाहे गठबंधन बदलने हों या सत्ता परिवर्तन की चुनौती, वे अक्सर व्यवहार में सादगी और आदर दिखाते हैं।
इस घटना को देखने वाले कई लोगों ने इसे उन्हीं की उसी सहजता और विनम्रता का हिस्सा माना है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर आया, यह तुरंत वायरल हो गया।
ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं—
कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएं:
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समर्थकों ने कहा: “नीतीश जी की यही विनम्रता उन्हें खास बनाती है।”
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कुछ लोगों ने लिखा: “यह राजनीति नहीं, भारतीय संस्कृति का परिचय है।”
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विपक्ष के समर्थकों ने तंज कसा: “यह नई राजनीतिक मजबूरी का संकेत है।”
हालांकि दोनों पक्षों की राय चाहे जो हो, यह दृश्य लोगों के बीच भावनात्मक और राजनीतिक असर जरूर छोड़ गया है।
क्या यह गठबंधन की मजबूती का संकेत है?
एनडीए सरकार के फिर से बनने के बाद नीतीश कुमार और भाजपा के रिश्ते में पहले की तुलना में अधिक मजबूती दिखाई दे रही है।
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पीएम मोदी ने शपथ समारोह में नीतीश कुमार की प्रशंसा की।
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नीतीश कुमार ने भी अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के विज़न की तारीफ की।
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दोनों नेताओं के बीच हाल के महीनों में कई सकारात्मक बैठकें भी हुई हैं।
इस घटना को कई राजनीतिक विश्लेषक एनडीए संबंधों में बढ़ती नजदीकियों के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: क्यों खास है यह पल?
नीतीश कुमार और भाजपा का रिश्ता बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
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कई बार साथ आए, कई बार अलग हुए।
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महागठबंधन सरकार भी बनाई, लेकिन फिर एनडीए में लौट आए।
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बिहार की राजनीति में सबसे अस्थिर और रोचक समीकरण इन्हीं के इर्द-गिर्द घूमते रहे हैं।
जब ऐसे दो प्रमुख नेता एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाते हैं, तो यह न केवल गठबंधन की दिशा दिखाता है, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों का भी संकेत बन जाता है।
वीडियो में दिखाई पड़ा वास्तविक मानवीय पक्ष
राजनीति अक्सर कठोर, कूटनीतिक और औपचारिक दुनिया मानी जाती है। लेकिन ऐसे भावनात्मक दृश्य यह बताते हैं कि
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नेताओं में भी व्यक्तिगत सम्मान, भावनाएं और संस्कार होते हैं।
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सत्ता की जद्दोजहद के बीच भी इंसानियत अपना स्थान बनाए रखती है।
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भारतीय समाज में बड़ों के प्रति आदर का जो भाव है, वह राजनीति में भी कभी-कभी झलकता है।
नीतीश कुमार का यह कदम उसी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का हिस्सा लगता है।
पटना एयरपोर्ट का वातावरण भी रहा खास
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक
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पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ा प्रोटोकॉल तैयार किया गया था।
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बड़ी संख्या में अधिकारी, सुरक्षाकर्मी और राजनीतिक नेता मौजूद थे।
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माहौल पूरी तरह औपचारिक था, लेकिन इस एक घटना ने पूरे वातावरण को बदला।
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कुछ पल के लिए फ्लैश की रोशनी और कैमरों की आवाजों के बीच एक सांस्कृतिक भाव सामने आया।
बिहार की सियासत में नए अध्याय की शुरुआत?
नीतीश कुमार के 10वें कार्यकाल की शुरुआत पहले ही बेहद चर्चित रही है।
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राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं।
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नए मंत्रियों की टीम तैयार है।
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विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर फिर से काम शुरू हो चुका है।
इस वीडियो ने इन सभी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच एक खास स्थान बना लिया है। यह इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि नीतीश अपने अनुभव और सहज व्यवहार के साथ गठबंधन राजनीति को नई दिशा देने वाले हैं।
निष्कर्ष
पटना एयरपोर्ट पर नीतीश कुमार द्वारा पीएम मोदी के चरण छूने का यह वीडियो सिर्फ एक दृश्य भर नहीं था।
यह
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राजनीतिक संदेश,
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सांस्कृतिक परंपरा,
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विनम्रता की मिसाल
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बदलते राजनीतिक रिश्तों का प्रतीक
सब कुछ एक साथ समेटे हुए था।
इस घटना ने बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। चाहे लोग इसे सम्मान कहें, रणनीति कहें या संस्कृति—यह निस्संदेह हाल की भारतीय राजनीति का एक यादगार क्षण बन गया है।