रामपुर जेल में आज़म खान ने परिवार से मिलने से किया इनकार, पत्नी–बहन–बेटा लौटे बिना मिले

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के पूर्व सांसद आज़म खान पिछले कई महीनों से रामपुर जेल में बंद हैं। लेकिन इस बार उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आज़म खान ने अपने परिवार से मिलने से ही इनकार कर दिया, जिसके बाद उनकी पत्नी तज़ीन फातिमा, बहन और बड़े बेटे अब्दुल्लाह आज़म बिना मिले ही जेल से लौट गए।

यह घटना न केवल परिवार के भीतर चल रहे तनाव की ओर इशारा करती है बल्कि आज़म खान की मौजूदा मानसिक स्थिति और राजनीतिक परिस्थिति को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है।


🔹 क्या हुआ रामपुर जेल में?

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को आज़म खान के परिवार के तीन सदस्य—पत्नी तज़ीन फातिमा, बहन सोफिया और बड़े बेटे अब्दुल्लाह आज़म—उनसे मिलने के लिए रामपुर जेल पहुंचे।
परिवार को उम्मीद थी कि काफी समय बाद यह मुलाकात होगी, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से बताया गया कि:

  • आज़म खान ने परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी

  • उन्होंने किसी भी वजह का खुलकर खुलासा नहीं किया

  • प्रशासन ने सिर्फ इतना बताया कि वे मुलाकात के मूड में नहीं थे

इसके बाद परिवार बिना मिले वापस लौट गया, जिससे बाहर खड़े समर्थकों के बीच भी हैरानी देखने को मिली।


🔹 परिवार और आज़म खान के बीच बढ़ती दूरी?

पिछले कुछ महीनों में यह खबर कई बार सामने आई है कि आज़म खान और उनके परिवार के बीच राजनीतिक और कानूनी रणनीतियों को लेकर मतभेद हैं।
कुछ संकेत बताते हैं कि:

  • आज़म खान अपने ऊपर चल रहे मामलों को लेकर बेहद दबाव में हैं

  • परिवार के भीतर भी राजनीतिक भविष्य और संपत्तियों को लेकर असहमति की बातें चल रही हैं

  • परिवार की मुलाकात को लेकर आज़म का इनकार उनकी मानसिक स्थिति का संकेत हो सकता है

हालांकि परिवार की ओर से इस बारे में कोई खुला बयान नहीं दिया गया है।


🔹 अब्दुल्लाह आज़म भी लौटे मायूस

अब्दुल्लाह आज़म, जो अक्सर अपने पिता के सबसे करीब माने जाते हैं, इस मुलाकात को लेकर काफी उम्मीद लगाए हुए थे।
लेकिन अचानक मिली इस प्रतिक्रिया से वे भी काफी निराश नज़र आए।
जेल से बाहर आते समय उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
यह चुप्पी भी रिश्तों में तनाव की पुष्टि करती दिखी।


🔹 जेल प्रशासन ने क्या कहा?

रामपुर जेल प्रशासन का कहना है कि:

  • कैदी को मिलने का पूरा अधिकार है

  • लेकिन कोई कैदी अगर मिलने से मना करे तो प्रशासन उसकी इच्छा के खिलाफ नहीं जा सकता

  • आज़म खान ने मिलने से साफ इनकार किया, इसलिए परिवार को लौटना पड़ा

प्रशासन ने यह भी कहा कि आज़म खान कुछ दिनों से काफी कम बातचीत कर रहे हैं और ज्यादातर समय अकेले रहना पसंद कर रहे हैं।


🔹 आज़म खान की कानूनी मुश्किलें

आज़म खान इस समय कई मामलों में सजा और मुकदमों का सामना कर रहे हैं। इन मामलों में शामिल हैं:

  • जमीन कब्जा

  • फर्जी दस्तावेज

  • शत्रु संपत्ति विवाद

  • किताबें और सामग्री चोरी का केस

  • भड़काऊ भाषण

इन मामलों के चलते उनकी राजनीतिक सक्रियता भी पूरी तरह रुकी हुई है।


🔹 राजनीतिक जगत में हलचल

समाजवादी पार्टी अभी भी आज़म खान के मामले में चुप्पी साधे हुए है।
लेकिन पार्टी के कई नेताओं ने निजी तौर पर इस घटना पर चिंता जताई है।
कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि:

  • आज़म खान को सिस्टम से लगातार निराशा हुई है

  • पार्टी में उनकी भागीदारी कम हो गई है

  • परिवार के भीतर भी नेतृत्व संबंधी मतभेद उभर रहे हैं

यह भी संभव है कि आज़म आजकल किसी से भी मिलना पसंद नहीं कर रहे हों।


🔹 क्या यह किसी बड़े बदलाव का संकेत?

राजनीति और परिवार दोनों ही मोर्चों पर तनाव चल रहा हो सकता है।
आज़म का परिवार से मिलना न चाहना बताता है कि:

  1. या तो वे बेहद आहत और निराश हैं

  2. या फिर किसी रणनीतिक कारण से वे दूरी बनाना चाहते हैं

  3. संभव है कि उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर इसका असर पड़ा हो

यह घटना भविष्य में उनके राजनीतिक रास्ते में बड़ा मोड़ बन सकती है।


🔹 परिवार की चुप्पी और बढ़े सवाल

परिवार ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
लेकिन तथ्य यह है कि:

  • आज़म खान ने पहली बार परिवार को मिलने से मना किया

  • इससे पहले जब भी परिवार आया, वे मुलाकात जरूर करते थे

  • मौजूदा तनाव का स्तर कितना बढ़ गया है, यह इसका संकेत है

जेल प्रशासन की ओर से कहा गया कि अगर परिवार चाहे तो दोबारा आने का प्रयास कर सकता है, लेकिन आज़म खान का रुख क्या रहेगा, यह स्पष्ट नहीं।


🔹 निष्कर्ष

रामपुर जेल में आज़म खान द्वारा परिवार से मुलाकात से इनकार करना एक सामान्य घटना नहीं है।
इससे यह साफ होता है कि उनके जीवन में इस समय गहरा तनाव है—व्यक्तिगत भी और राजनीतिक भी।
उधर परिवार की चुप्पी और बिना प्रतिक्रिया दिए लौटना बताता है कि मामला बेहद संवेदनशील है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि:

  • क्या परिवार उनसे दोबारा मिलने की कोशिश करेगा

  • क्या आज़म खान इस दूरी पर कोई बयान देते हैं

  • और क्या समाजवादी पार्टी इस स्थिति में कोई भूमिका निभाती है

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