
Maha Shivratri 2026: कुंभ समेत 5 राशियों पर शनि का प्रभाव, महाशिवरात्रि पर ये उपाय दिलाएंगे राहत
महाशिवरात्रि 2026 का पर्व इस बार विशेष ज्योतिषीय महत्व लेकर आया है। वर्तमान में शनि देव मीन राशि में स्थित हैं, जिसके कारण कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव माना जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ऐसे समय में भगवान शिव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है।
किन राशियों पर शनि का प्रभाव?
ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, इस समय खासकर कुंभ, मीन, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
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कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण
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मीन राशि पर शनि का सीधा गोचर
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मेष और कर्क पर ढैय्या का प्रभाव
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वृश्चिक राशि पर कर्म संबंधी चुनौतियां
हालांकि, यह प्रभाव व्यक्ति की कुंडली पर भी निर्भर करता है।
महाशिवरात्रि पर क्यों खास है पूजा?
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करने से शनि के दुष्प्रभाव कम होने की मान्यता है। पौराणिक कथाओं में भी शिव को ‘शनि के गुरु’ के रूप में माना गया है।
ऐसे में इस दिन की गई साधना, व्रत और दान को विशेष फलदायी माना जाता है।
एक खास उपाय जो देगा राहत
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात शिवलिंग पर काले तिल और जल अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शनि शांति के लिए शुभ बताया गया है।
शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
महाशिवरात्रि पर निशीथ काल में पूजा का विशेष महत्व है। इस समय अभिषेक, बेलपत्र अर्पण और रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें
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शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र चढ़ाएं
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रात में चार प्रहर की पूजा करें
इन विधियों का पालन श्रद्धा से करने पर सकारात्मक परिणाम की मान्यता है।
सावधानी भी जरूरी
ज्योतिषीय उपाय आस्था पर आधारित होते हैं। किसी भी प्रकार के मानसिक या शारीरिक संकट में विशेषज्ञ की सलाह लेना भी जरूरी है।
धैर्य, सकारात्मक सोच और कर्मठता जीवन में आने वाली चुनौतियों को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
महाशिवरात्रि 2026 का पर्व उन राशियों के लिए विशेष माना जा रहा है, जिन पर शनि का प्रभाव है। कुंभ सहित पांच राशियों के जातकों को इस दिन भगवान शिव की आराधना से राहत मिलने की मान्यता है।
श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए उपाय मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।