
अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब इमारत के भीतर संभावित खतरनाक पदार्थ (Hazardous Material) से जुड़ी चेतावनी सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई हिस्सों को तुरंत लॉकडाउन कर दिया गया और प्रभावित क्षेत्रों से कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। घटना के दौरान हाजमैट (Hazmat) टीमें, पुलिस अधिकारी और आपातकालीन बचावकर्मी गैस मास्क तथा विशेष रासायनिक सुरक्षा उपकरण पहनकर मौके पर पहुंचे।
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल के अनुसार इमारत की सुरक्षा प्रणालियों ने एक “एयर क्वालिटी इश्यू” यानी वायु गुणवत्ता से जुड़ी असामान्य स्थिति का पता लगाया। इसके बाद एहतियातन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए और प्रभावित हिस्सों में “शेल्टर-इन-प्लेस” आदेश जारी किया गया।
रिपोर्टों के मुताबिक पेंटागन की दूसरी से पांचवीं मंजिल तक के कुछ कॉरिडोर बंद कर दिए गए। कई कार्यालयों को खाली कराया गया, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौजूद कर्मचारियों को वहीं रहने का निर्देश दिया गया।
घटना के बाद Arlington County Fire Department की हाजमैट टीम और Pentagon Force Protection Agency की विशेष इकाइयों को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान कई सुरक्षा कर्मी पूर्ण रासायनिक सुरक्षा सूट और गैस मास्क पहने दिखाई दिए, जिससे स्थिति की गंभीरता को लेकर अटकलें तेज हो गईं।
हालांकि शुरुआती घंटों में अधिकारियों ने किसी विशेष रासायनिक पदार्थ की पुष्टि नहीं की। सुरक्षा टीमों ने अतिरिक्त परीक्षण शुरू किए ताकि यह पता लगाया जा सके कि वायु गुणवत्ता संबंधी चेतावनी किस कारण सक्रिय हुई।
पेंटागन की ओर से जारी आंतरिक संदेश में कहा गया कि जांच और परीक्षण में एक से दो घंटे तक का समय लग सकता है। कर्मचारियों से शांत रहने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
बाद में कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी सामने आई कि शुरुआती जांच के बाद घटना संभवतः फॉल्स अलार्म भी हो सकती है और तत्काल किसी खतरनाक रासायनिक रिसाव की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि अधिकारियों ने अंतिम निष्कर्ष आने तक जांच जारी रखने की बात कही है।
पेंटागन दुनिया की सबसे सुरक्षित सरकारी इमारतों में से एक माना जाता है और इसमें हजारों रक्षा कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में किसी भी संभावित रासायनिक, जैविक या वायु गुणवत्ता संबंधी खतरे को अत्यधिक गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की गई और बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया शुरू की गई।
फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एयर क्वालिटी अलर्ट के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच जारी है।