
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने आयोग के समक्ष अपने ज्ञापन (Memorandum) जमा किए हैं, जिनमें सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा स्तर से काफी अधिक रखने की है। यदि कर्मचारियों की प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली जाती हैं, तो कई कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) होता है जिसके आधार पर वर्तमान बेसिक पे को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके आधार पर न्यूनतम बेसिक वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था।
अब 8वें वेतन आयोग के लिए विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने 3.25 से लेकर 3.83 और कुछ मामलों में 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है।
₹51,000 बढ़ने वाली सैलरी का गणित क्या है?
कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग प्रमुख रूप से सामने आई है। यदि किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी लगभग ₹18,000 है, तो यह बढ़कर करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है। यानी न्यूनतम वेतन में लगभग ₹51,000 की बढ़ोतरी संभव हो सकती है। हालांकि यह केवल मांग है, अभी सरकार या आयोग ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
कुछ संगठनों ने न्यूनतम वेतन ₹65,000 से ₹69,000 तक करने और फिटमेंट फैक्टर 3.8 से 3.83 रखने का प्रस्ताव दिया है।
ज्ञापन जमा करने की समयसीमा पूरी
8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न संगठनों से सुझाव व मांगें मांगी गई थीं। आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी थी और इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में परामर्श बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है।
क्या सभी कर्मचारियों को इतनी बढ़ोतरी मिलेगी?
नहीं। वेतन वृद्धि पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग किस फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है और सरकार उसे किस रूप में स्वीकार करती है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 3.8 या उससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग को पूरी तरह स्वीकार करना सरकार पर बड़ा वित्तीय बोझ डाल सकता है, इसलिए अंतिम आंकड़ा इससे कम भी हो सकता है।
पेंशनर्स को भी होगा फायदा
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेंगी। पेंशनर्स के लिए भी पेंशन संशोधन, फिटमेंट फैक्टर और अन्य लाभों पर विचार किया जा रहा है। विभिन्न संगठनों ने पेंशन समानता और पेंशन बढ़ोतरी की मांग भी आयोग के सामने रखी है।
कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माना जा रहा है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट और सरकारी मंजूरी के बाद वास्तविक भुगतान में समय लग सकता है। यदि लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को एरियर (Arrears) भी मिल सकता है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों की नजर फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई है, क्योंकि यही वह प्रमुख तत्व है जो तय करेगा कि 8वें वेतन आयोग के बाद उनकी सैलरी में मामूली बढ़ोतरी होगी या फिर हजारों रुपये प्रति माह का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।