‘सड़कें नहीं बनीं तो जूते-चप्पल त्याग दूंगा’, BJP विधायक की मंच से प्रतिज्ञा; CM मोहन यादव ने तुरंत रोका

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कालापीपल विधानसभा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय सभी की नजरें मंच की ओर टिक गईं, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने अपनी ही विधानसभा क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर भावुक घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में विधायक ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जब तक उनके क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें बनकर तैयार नहीं हो जातीं, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। विधायक की इस घोषणा ने मंच पर मौजूद नेताओं को असहज कर दिया और कार्यक्रम में कुछ देर के लिए अलग ही माहौल बन गया।

यह घटना उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव लगभग 30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करने पहुंचे थे। अपने संबोधन के दौरान विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की कई सड़कें लंबे समय से खराब स्थिति में हैं और जनता लगातार उनसे शिकायत कर रही है। उन्होंने मंच से कहा, “आज से मैं संकल्प लेता हूं कि जब तक मेरी विधानसभा की सड़कें पूरी तरह नहीं बन जातीं, तब तक जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा। चाहे इसमें 10 साल ही क्यों न लग जाएं।” विधायक के इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां भी बजाईं।

विधायक की घोषणा सुनते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तत्काल स्थिति संभालने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने पास बैठे मंत्री इंदर सिंह परमार को संकेत दिया, जिसके बाद मंत्री विधायक के पास पहुंचे और उन्हें शांत रहने का आग्रह किया। बाद में मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच से माइक संभालते हुए विधायक की भावनाओं की सराहना की, लेकिन कहा कि इस प्रकार की प्रतिज्ञा लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और सड़कों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे भोले-भाले विधायक ने भावुक होकर यह बात कह दी है। हमें जूते-चप्पल छोड़ने की जरूरत नहीं है। हमारे राज्य में पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें बन चुकी हैं और विकास की गति लगातार जारी है। जूते-चप्पल हमें आगे बढ़ने और कठिन रास्तों पर चलने की ताकत देते हैं।” उन्होंने जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय शब्दों की मर्यादा बनाए रखने की भी सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और विकास कार्यों को लेकर किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और सड़क निर्माण सहित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर निराशावादी संदेश देने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ जनता के बीच जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने विधायक के बयान को जनता की समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक प्रतीकात्मकता करार दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई उपयोगकर्ताओं ने खराब सड़कों की समस्या उठाई, जबकि कुछ ने मुख्यमंत्री द्वारा तत्काल स्थिति संभालने की सराहना की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनप्रतिनिधि अक्सर अपने क्षेत्र की समस्याओं को सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए प्रतीकात्मक कदम उठाते हैं। हालांकि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए ऐसे बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाते हैं और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे, विशेषकर ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण की गति को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि प्रदेश में सड़क विकास के लिए कई परियोजनाएं पहले से जारी हैं और कालापीपल क्षेत्र की आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

घनश्याम चंद्रवंशी वर्ष 2023 में कालापीपल विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उन्होंने इस कार्यक्रम में अपने क्षेत्र की जनता की ओर से सड़क निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास के एजेंडे पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है और किसी भी जनप्रतिनिधि को इस प्रकार की कठोर व्यक्तिगत प्रतिज्ञा लेने की आवश्यकता नहीं है।

फिलहाल विधायक की यह घोषणा और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कालापीपल क्षेत्र की सड़क परियोजनाओं पर कितना तेजी से काम आगे बढ़ता है और विधायक द्वारा उठाया गया मुद्दा किस प्रकार प्रशासनिक कार्रवाई में बदलता है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और बुनियादी विकास कार्यों को लेकर जनता की अपेक्षाओं को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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