मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक समेत आठ अहम विधेयकों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पहला अनुपूरक बजट पेश होगा और किसानों के भुगतान सहित कई जनहित के मुद्दे भी सदन में उठेंगे। पढ़ें पूरी खबर

गेहूं उपार्जन की राशि नहीं मिलने का मुद्दा उठेगा
सदन की कार्यवाही में मंत्री अपने-अपने विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं सदन के पटल पर रखेंगे। इनमें महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, एमएसएमई, उच्च शिक्षा और पर्यटन विभाग के प्रतिवेदन शामिल हैं। ध्यानाकर्षण के तहत दो महत्वपूर्ण मामलों को उठाया जाएगा। पहला मामला जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में सरकारी उपार्जन योजना के तहत किसानों को धान और गेहूं की राशि का भुगतान नहीं होने का है। दूसरा मामला छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित ग्रीन लाइट एसीसी प्लांट में हुए विस्फोट में घायल मजदूरों को मुआवजा नहीं मिलने से जुड़ा है।
सदन में पेश होगा पहला अनुपूरक बजट
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक अनुमान (अनुपूरक बजट) सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसमें चालू वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव रहेगा।
यूसीसी सहित 8 विधेयकों पर चर्चा के बाद आएगा पारित करने का प्रस्ताव रखेगी सरकार
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026
मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026
मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026
मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026
मध्य प्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक-2026
मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक-2026
मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026
मध्य प्रदेश वैट (संशोधन) विधेयक-2026
समितियों की रिपोर्ट भी होंगी पेश
विधानसभा की विभिन्न समितियों के सभापति अपने प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करेंगे। इनमें याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, सरकारी उपक्रम समिति, शासकीय आश्वासन समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज लेखा समिति, कृषि विकास समिति तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति की रिपोर्ट शामिल हैं।
65 जनहित याचिकाएं भी आएंगी सदन में
मंगलवार को विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी कुल 65 याचिकाएं भी सदन में प्रस्तुत करेंगे। इनमें सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्कूलों के उन्नयन, अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, सिंचाई परियोजनाओं, आंगनवाड़ी भवन, खेल मैदान, सामुदायिक भवन और पर्यटन विकास जैसी स्थानीय मांगें शामिल हैं। इन याचिकाओं के जरिए विभिन्न क्षेत्रों की जनसमस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा।