भारत को 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ था।

भारत के अनुभवी बल्लेबाज और 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार (30 जुलाई) को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी खेलते नहीं दिखाई देंगे। पिछले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान थे। रहाणे ने साफ कहा कि वो क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले रहे हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया और संन्यास का एलान किया।
रहाणे को मेलबर्न का हीरो इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने 2020-21 ट्रॉफी के दौरान वहां ऐतिहासिक शतक लगाया था और आत्मविश्वास खो चुके भारतीय खिलाड़ियों में फिर से जोश भर दिया था। इसके बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में टेस्ट सीरीज में शिकस्त दी थी।

रहाणे का भावुक विदाई संदेश
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करते हुए अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘कैप नंबर 278 अब यहीं तक। वर्षों तक मिले आपके प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।’

रहाणे ने कहा- हर शुरुआत का एक अंत होता है
- संन्यास का एलान करते हुए रहाणे ने कहा, ‘जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी होता है। जब वह समय आता है तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। बल्लेबाजी में मैंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया है और आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने के लिए यही सही समय है।’
- रहाणे ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा, ‘डोंबिवली से एक छोटे लड़के के रूप में सिर्फ अभ्यास करने के लिए सफर शुरू किया था। हर दिन, हर पारी और बल्लेबाजी का हर मौका मेरे लिए भारत की कैप पहनने के सपने से जुड़ा था। मैंने हमेशा एक ही नियम अपनाया, अपने देश और टीम को खुद से ऊपर रखा।’
- उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने हमेशा पूरी ईमानदारी से क्रिकेट खेला। मेरा मानना रहा कि अगर आपकी नीयत सही है तो खेल आपका साथ जरूर देता है। पिछले 20 वर्षों में भारतीय क्रिकेट का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात रही। भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरा अध्याय भले खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट के साथ मेरा रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा।’
- वीडियो में रहाणे अपने परिवार और प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा, ‘अब मैं अगली पीढ़ी की मदद करना चाहता हूं, इस खेल से सीखे गए मूल्यों को साझा करना चाहता हूं और क्रिकेट को कुछ लौटाना चाहता हूं। मुंबई से भारत के लिए खेलने तक का सफर मेरे लिए सम्मान की बात है। जीत और हार दोनों देखीं, लेकिन क्रिकेट खेलने का आनंद और उससे जुड़ी यादें मेरे करियर की सबसे बड़ी कमाई हैं।’
- अंत में उन्होंने कहा, ‘अजिंक्य का मतलब होता है ‘अजेय’, लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार दिखाई। एक क्रिकेटर के तौर पर असफलताएं भी मिलीं, टीम भी हारी और मुझसे भी गलतियां हुईं। लेकिन एक जगह मैं कभी नहीं हारा और वह आपके दिल थे। आपने हमेशा मुझे अपना माना। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप नंबर 278… अब यहीं तक।’

ऑस्ट्रेलिया में लिखी थी ऐतिहासिक कहानी
- रहाणे के करियर का सबसे यादगार पल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में रहाणे ने कप्तान के तौर पर आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाई।
- एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर ऑलआउट होने और नियमित कप्तान विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने चोटों से जूझ रही भारतीय टीम की कमान संभाली।
- उन्होंने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर शानदार शतक जड़ा। उनकी इस पारी ने न सिर्फ भारत को मैच जिताया, बल्कि टीम को सीरीज में शानदार वापसी भी कराई।
- इसके बाद भारत ने 2-1 से सीरीज जीतकर भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार विदेशी टेस्ट जीतों में से एक दर्ज की। खास बात यह थी कि रहाणे ने एक युवा टीम का नेतृत्व कर ऑस्ट्रेलिया में जीत दिलाई थी।

विदेशी सरजमीं पर रहे भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज
अजिंक्य रहाणे लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने गए। खासकर विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन हमेशा चर्चा में रहा। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 8,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। रहाणे 2015 विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंची भारतीय टीम का हिस्सा रहे। वह 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे।
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर
| प्रारूप | मैच | रन | शतक | अर्धशतक |
|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 85 | 5,077 | 12 | 26 |
| वनडे | 90 | 2,962 | 3 | 24 |
| टी20 | 20 | 375 | 0 | 1 |
| कुल | 195 | 8,414 | 15 | 51 |
2023 में खेला था आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच
रहाणे ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ त्रिनिदाद टेस्ट में खेला था। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में दो पूरे रणजी ट्रॉफी सीजन खेलकर वापसी की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रीय टीम में दोबारा मौका नहीं मिला। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया।