
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब परीक्षा के दौरान एक उत्तरपुस्तिका के साथ मिले कागज पर कथित रूप से बम बनाने से जुड़े निर्देश लिखे मिले। सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को अवगत कराया। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल परिसर की जांच शुरू की और पूछताछ के लिए तीन छात्रों को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पर्ची परीक्षा के दौरान मिली उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के समय सामने आई। कागज पर कथित रूप से विस्फोटक तैयार करने से संबंधित कुछ नोट्स और आरेख बने हुए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी। इसके बाद कॉलेज परिसर की तलाशी ली गई और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन छात्रों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उनसे यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उक्त पर्ची किसने लिखी, उसका उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे केवल शरारत थी या कोई गंभीर मंशा। साथ ही छात्रों के मोबाइल फोन, नोट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां जारी रहेंगी। किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी विस्फोटक सामग्री की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि पर्ची केवल लिखित नोट थी या उसके पीछे किसी प्रकार की आपराधिक साजिश थी। फोरेंसिक और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध सामग्री को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए पुलिस और प्रशासन हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक मंशा या कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों ने कहा है कि मामले से जुड़ी पुष्टि होने पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।