
नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रयागराज जाने के बजाय रांची जाना चाहिए था, जहां छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। रिजिजू ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी से “बड़ी गलती” हो गई। उनका इशारा झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन की ओर था।
दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का फोकस युवाओं, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर रहा। राहुल गांधी ने छात्रों के बीच अपने संबोधन में युवाओं की समस्याओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाया। इसी कार्यक्रम को लेकर रिजिजू ने राहुल गांधी की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए।
रांची छात्र आंदोलन का दिया हवाला
किरण रिजिजू ने अपनी टिप्पणी में झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्र आंदोलन का उल्लेख किया। रांची में छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन कई दिनों से जारी है और छात्रों की मांगों को लेकर राज्य सरकार के साथ बातचीत के दौर भी चल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
रिजिजू का तंज इसी बात पर केंद्रित था कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें उन छात्रों के बीच पहुंचना चाहिए था जो रांची में लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने प्रयागराज के कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी की राजनीतिक प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए रांची जाने की बात कही।
प्रयागराज में क्यों पहुंचे राहुल गांधी?
राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत हुआ। इस कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों और युवाओं से संवाद किया तथा शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कार्यक्रम से पहले प्रयागराज में राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर भी सामने आए थे। इन पोस्टरों में झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से रांची आने की मांग की गई थी।
इससे कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया था। एक तरफ कांग्रेस की ओर से इसे छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने वाला कार्यक्रम बताया गया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने राहुल गांधी के रांची न जाने को मुद्दा बनाना शुरू कर दिया।
JPSC-JSSC विवाद पर छात्रों का आंदोलन
रांची में छात्रों का आंदोलन झारखंड की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद को लेकर चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें उठा रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्र संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सभी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है।
आंदोलन के लगातार जारी रहने के कारण झारखंड का यह छात्र मुद्दा अब राज्य की सीमाओं से बाहर भी चर्चा में आ गया है। राजनीतिक दल भी इसे लेकर एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। यही वजह है कि रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम को रांची के आंदोलन से जोड़ते हुए सवाल उठाया।
पहले भी छात्र मुद्दों पर घमासान
राहुल गांधी की छात्र राजनीति को लेकर यह पहली बार नहीं है जब BJP ने सवाल उठाए हों। हाल के दिनों में छात्र आंदोलनों और Gen-Z की राजनीतिक भागीदारी को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच लगातार बयानबाजी देखने को मिली है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी युवाओं के साथ राजनीतिक संवाद को लेकर आत्ममंथन की जरूरत बताई थी, जिसके बाद उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी थी।
रिजिजू का ताजा बयान इसी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाता दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीरता दिखाने का अर्थ केवल किसी एक शहर में कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि उन स्थानों पर भी जाना है जहां युवा लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
BJP-कांग्रेस के बीच बढ़ी बयानबाजी
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और रिजिजू की प्रतिक्रिया से BJP और कांग्रेस के बीच छात्र मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस जहां युवाओं के बीच शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दे रही है, वहीं BJP विपक्ष पर इन मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगा रही है।
रिजिजू की टिप्पणी को इसी राजनीतिक रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर राहुल गांधी के कार्यक्रम की जगह और समय पर सवाल उठाया और रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों का हवाला देकर विपक्षी नेता को घेरा।
फिलहाल राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम के बाद रांची के छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रिजिजू का सवाल यही है कि यदि कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मुद्दा बनाना चाहते हैं, तो उन्हें रांची जैसे उन स्थानों पर भी पहुंचना चाहिए जहां छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।