
अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अंबेडकरनगर में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर पिछली सरकारों पर सवाल उठाए और दावा किया कि पहले दंगाइयों के सामने सरकारें झुक जाती थीं, जबकि मौजूदा सरकार दंगा करने की धमकी देने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करती है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में बरेली और संभल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कुछ लोग दंगा और अव्यवस्था फैलाने की धमकी देकर प्रशासन पर दबाव बनाते थे। उन्होंने बरेली के एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि वह लगातार दंगा कराने और माहौल खराब करने की कोशिश करता था। योगी के मुताबिक, जब उस व्यक्ति ने धमकी दी तो प्रशासन के कुछ लोग सहमे, लेकिन उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा।
‘आज दंगा करने की धमकी देने वालों से निपटती है सरकार’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाता। उन्होंने दावा किया कि जो लोग पहले दंगा कराने की धमकी देकर प्रशासन को प्रभावित करते थे, आज उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में तीखी राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जिन लोगों को पहले सत्ता का संरक्षण मिलता था, उनकी स्थिति अब बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था और उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक बुलाकर सम्मानित किया जाता था।
बरेली के मामले का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बरेली की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक व्यक्ति लगातार अव्यवस्था पैदा करता था और दंगा कराने की धमकी देता था। योगी ने कहा कि जब उस व्यक्ति ने धमकी दी, तब उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
योगी ने दावा किया कि आज वही व्यक्ति जेल में है और कार्रवाई का सामना कर रहा है। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए अपनी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सामने रखा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में जिस व्यक्ति का जिक्र किया, उसे लेकर विस्तृत पहचान या मामले की कानूनी स्थिति का पूरा विवरण इस कार्यक्रम में नहीं दिया।
सपा पर साधा निशाना
अंबेडकरनगर में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर सीधे हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकारों में दंगों और कानून-व्यवस्था की घटनाओं से प्रदेश का माहौल प्रभावित होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधियों और दंगाइयों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की शिकायतें सामने आती थीं।
योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में दंगा करने या कराने की धमकी देने वालों को यह पता है कि सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव के तौर पर पेश किया।
सिद्धार्थनगर में युवाओं के मुद्दे पर भी हमला
अंबेडकरनगर के अलावा सिद्धार्थनगर में भी योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने युवाओं के लिए क्या काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा बेहतर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसर चाहता है। उन्होंने दावा किया कि देश में रोजगार और स्किलिंग से जुड़े कई कार्यक्रम चल रहे हैं और उत्तर प्रदेश में भी युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं।
रोजगार और शिक्षा के आंकड़े गिनाए
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने स्किलिंग सेंटर और ITI की संख्या का भी जिक्र किया।
उन्होंने मेडिकल शिक्षा के विस्तार का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में मेडिकल कॉलेजों और AIIMS की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों को सरकार की विकास और रोजगार नीति से जोड़ते हुए कहा कि युवाओं के सामने अब नए अवसर उपलब्ध हैं।
2027 चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। BJP जहां योगी सरकार के कामकाज और कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष रोजगार, शिक्षा, सामाजिक मुद्दों और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहा है।
ऐसे में योगी आदित्यनाथ का ताजा भाषण भी आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था और युवाओं के मुद्दे को प्रमुखता दी, जबकि विपक्षी दलों पर सीधे राजनीतिक हमले किए।
फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था, रोजगार, युवाओं के मुद्दे और पिछली सरकारों का रिकॉर्ड आगामी चुनावी बहस के प्रमुख विषय बनते नजर आ रहे हैं। अंबेडकरनगर में योगी आदित्यनाथ के बयान ने इसी राजनीतिक मुकाबले को और धार दे दी है।