रणबीर कपूर की ‘रामायण’ और प्रभास की ‘आदिपुरुष’ में कितना फर्क? कहानी एक, लेकिन विजुअल ट्रीटमेंट बिल्कुल अलग

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मुंबई। भारतीय सिनेमा में रामायण पर आधारित फिल्मों का दौर नया नहीं है, लेकिन रणबीर कपूर की ‘रामायण’ और प्रभास की ‘आदिपुरुष’ के बीच तुलना ने रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी है। दोनों फिल्मों की कहानी का आधार रामायण है, लेकिन दोनों निर्देशकों ने इसे बड़े पर्दे पर पेश करने के लिए अलग-अलग विजुअल भाषा और सिनेमाई शैली अपनाई है।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण की भूमिका में हैं। फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है और इसके विजुअल इफेक्ट्स पर बड़े स्तर पर काम किया गया है। दूसरी ओर, ओम राउत की 2023 में रिलीज हुई ‘आदिपुरुष’ में प्रभास ने राघव, कृति सेनन ने जानकी और सैफ अली खान ने लंकेश का किरदार निभाया था। ([turn0search50]turn0search53)

दोनों फिल्मों की कहानी का आधार एक

सबसे बड़ा समान बिंदु यह है कि दोनों फिल्मों की प्रेरणा रामायण से ली गई है। इसलिए अयोध्या, वनवास, सीता हरण, रावण, लंका और राम-रावण संघर्ष जैसे प्रमुख प्रसंगों का किसी न किसी रूप में दोनों फिल्मों में दिखाई देना स्वाभाविक है।

लेकिन कहानी एक होने के बावजूद उसे पेश करने का तरीका अलग है। ‘आदिपुरुष’ को आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने के एक्शन पर केंद्रित किया गया था, जबकि ‘रामायण’ के निर्माताओं ने इसे अधिक विस्तृत और भव्य सिनेमाई अनुभव के रूप में विकसित करने की कोशिश की है।

राम के रूप में रणबीर और प्रभास

दोनों फिल्मों में भगवान राम का किरदार दो अलग-अलग अभिनेताओं ने निभाया है। ‘आदिपुरुष’ में प्रभास को राघव के रूप में दिखाया गया था, जबकि नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर कपूर राम की भूमिका निभा रहे हैं।

रणबीर के लुक को लेकर फिल्म का पहला विजुअल सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। दर्शकों के एक वर्ग ने उनके लुक, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों ने शुरुआती VFX और डिजाइन को लेकर सवाल भी उठाए।

वहीं, ‘आदिपुरुष’ में प्रभास का लुक फिल्म के शुरुआती प्रमोशन से ही चर्चा में रहा था। दोनों फिल्मों में राम के किरदार को आधुनिक सिनेमा के अनुरूप प्रस्तुत करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों की दृश्य शैली अलग नजर आती है।

VFX में सबसे बड़ा अंतर

दोनों फिल्मों की तुलना का सबसे बड़ा आधार VFX और CGI है। ‘आदिपुरुष’ को रिलीज से पहले ही इसके VFX को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा था। फिल्म के शुरुआती टीजर और बाद में रिलीज हुए विजुअल्स पर दर्शकों ने CGI की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद फिल्म की रिलीज को भी आगे बढ़ाया गया और VFX पर दोबारा काम किया गया।

‘रामायण’ में निर्माताओं ने VFX के लिए DNEG जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर चुकी कंपनी को जोड़ा है। फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन पर लंबे समय तक काम किया गया है और इसे बड़े स्क्रीन फॉर्मेट में पेश करने की तैयारी की गई है। हालांकि, फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, इसलिए अंतिम VFX की गुणवत्ता का फैसला केवल टीजर या ट्रेलर देखकर करना जल्दबाजी होगी।

विजुअल टोन भी अलग

‘आदिपुरुष’ में कई दृश्यों को गहरे, भारी और एक्शन-केंद्रित अंदाज में प्रस्तुत किया गया था। फिल्म में युद्ध, राक्षसों और लंका के दृश्यों को CGI के जरिए बड़े पैमाने पर दिखाने की कोशिश की गई।

इसके मुकाबले ‘रामायण’ के सामने आए विजुअल्स में अपेक्षाकृत प्राकृतिक रोशनी, विस्तृत लोकेशन और ज्यादा सिनेमाई फ्रेमिंग देखने को मिलती है। दर्शकों ने फिल्म के शुरुआती विजुअल्स में अयोध्या, जंगल और रावण के साम्राज्य के डिजाइन पर खास ध्यान दिया है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर दोनों फिल्मों के कुछ शॉट्स की समानता को लेकर भी चर्चा हुई है। कुछ दर्शकों ने समान कहानी के कारण समान दृश्यों को स्वाभाविक माना, जबकि कुछ ने दोनों फिल्मों की शॉट कंपोजिशन और विजुअल प्रस्तुति की तुलना की।

रावण के रूप में यश बनाम सैफ अली खान

दोनों फिल्मों में रावण का किरदार भी बड़े सितारों ने निभाया है। ‘आदिपुरुष’ में सैफ अली खान लंकेश के रूप में नजर आए थे, जबकि ‘रामायण’ में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं।

यश का रावण लुक सामने आने के बाद इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता रही है। फिल्म में रावण को किस तरह की शारीरिक भाषा, पोशाक और व्यक्तित्व दिया गया है, यह ‘रामायण’ की रिलीज के बाद ज्यादा स्पष्ट होगा।

हनुमान के किरदार में भी बड़ा अंतर

‘आदिपुरुष’ में हनुमान का किरदार देवदत्त गजानन नागे ने निभाया था, जबकि ‘रामायण’ में यह भूमिका सनी देओल कर रहे हैं। सनी देओल की आवाज और मजबूत स्क्रीन पर्सनैलिटी को देखते हुए इस किरदार को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं।

‘रामायण’ के निर्माताओं ने फिल्म को सिर्फ एक पारंपरिक धार्मिक फिल्म के बजाय बड़े अंतरराष्ट्रीय सिनेमाई अनुभव के रूप में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म की तकनीकी टीम और बड़े स्तर की VFX तैयारी भी इसी ओर इशारा करती है।

संगीत में भी बड़ा प्रयोग

‘रामायण’ की एक खास बात इसका संगीत भी है। फिल्म से Hans Zimmer और A.R. Rahman जैसे बड़े नाम जुड़े हैं। इससे फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और संगीत को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

‘आदिपुरुष’ में भी संगीत को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी, लेकिन ‘रामायण’ में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय संगीत प्रतिभाओं के संयोजन को एक बड़े सिनेमाई अनुभव के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या ‘रामायण’ आदिपुरुष की गलतियों से बच पाएगी?

यही सबसे बड़ा सवाल है। ‘आदिपुरुष’ को रिलीज के बाद VFX, संवाद, किरदारों के चित्रण और कुछ रचनात्मक फैसलों को लेकर काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। फिल्म की शुरुआती प्रतिक्रिया के बाद निर्माताओं ने कई बदलाव भी किए।

इसी वजह से ‘रामायण’ के निर्माताओं पर भी अतिरिक्त दबाव है। दर्शक चाहते हैं कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल रामायण की कथा और पात्रों की गरिमा के अनुरूप किया जाए। फिल्म की टीम ने भी प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर तैयार करने में काफी समय दिया है।

हालांकि, कुछ दर्शकों ने ‘रामायण’ के शुरुआती विजुअल्स को लेकर भी VFX संबंधी सवाल उठाए हैं। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि फिल्म निश्चित रूप से ‘आदिपुरुष’ से बेहतर है। फिल्म की वास्तविक गुणवत्ता का पता रिलीज के बाद ही चलेगा।

दोनों फिल्मों को एक ही नजर से देखना कितना सही?

‘रामायण’ और ‘आदिपुरुष’ की तुलना इसलिए हो रही है क्योंकि दोनों हाल के वर्षों की बड़े बजट वाली रामायण आधारित फिल्में हैं। लेकिन दोनों फिल्मों के निर्माण का समय, तकनीकी टीम, निर्देशन शैली और सिनेमाई उद्देश्य अलग हैं।

‘आदिपुरुष’ 2023 में रिलीज हो चुकी फिल्म है, जबकि ‘रामायण’ अभी आगामी फिल्म है। इसलिए एक पूरी फिल्म की तुलना दूसरी के अधूरे प्रमोशनल फुटेज से करना पूरी तरह निष्पक्ष नहीं माना जा सकता।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ‘रामायण’ ने ‘आदिपुरुष’ के बाद रामायण पर बनने वाली फिल्मों को लेकर दर्शकों की उम्मीदों और निगाहों दोनों को काफी ऊंचा कर दिया है।

कौन कितनी अलग?

पहलू रामायण आदिपुरुष
निर्देशक नितेश तिवारी ओम राउत
राम रणबीर कपूर प्रभास
सीता साई पल्लवी कृति सेनन
रावण यश सैफ अली खान
हनुमान सनी देओल देवदत्त नागे
फॉर्मेट दो भागों में एक फिल्म
VFX DNEG से जुड़ा प्रोडक्शन बड़े पैमाने पर CGI/VFX
संगीत A.R. Rahman और Hans Zimmer अजय-अतुल सहित अन्य संगीतकार
रिलीज स्थिति आगामी 2023 में रिलीज

निष्कर्ष: दोनों फिल्मों की जड़ रामायण में है, लेकिन उनकी प्रस्तुति अलग है। ‘आदिपुरुष’ ने आधुनिक CGI और एक्शन के जरिए कहानी को पेश किया था, जबकि ‘रामायण’ ज्यादा विस्तृत विश्व-निर्माण, अंतरराष्ट्रीय VFX और दो-भाग वाली कहानी के जरिए बड़ा सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरों और दृश्यों की तुलना जरूर हो रही है, लेकिन ‘रामायण’ को ‘आदिपुरुष’ से बेहतर या खराब बताने का अंतिम फैसला फिल्म रिलीज होने के बाद ही किया जा सकेगा।

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