200 करोड़ पार हुई ‘हनुमान अंश’, काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे शोभिनव सत्या और पूर्णिमा तिवारी, लगाए ‘हर हर महादेव’ के जयकारे

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फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता का सिलसिला लगातार जारी है। नीम करोली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसकी शायद शुरुआत में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बेहद छोटे बजट और सीमित प्रमोशन के साथ सिनेमाघरों में उतरी यह फिल्म अब 200 करोड़ रुपये के इंडिया ग्रॉस कलेक्शन का आंकड़ा पार कर चुकी है।

फिल्म की इस बड़ी सफलता के बाद इसके कलाकार और पूरी टीम बेहद उत्साहित हैं। इसी खुशी के बीच फिल्म में नीम करोली बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या और अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी काशी पहुंचे। दोनों ने वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।

मंदिर में दर्शन के दौरान कलाकारों ने हर हर महादेव के जयकारे भी लगाए। फिल्म की सफलता के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।

10 लाख की ओपनिंग से 200 करोड़ तक का सफर

‘हनुमान अंश’ की कहानी जितनी असाधारण है, उसका बॉक्स ऑफिस सफर भी उतना ही दिलचस्प रहा है।

फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुरुआती दिनों में इसे बहुत सीमित दर्शक मिले। रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म की ओपनिंग महज करीब 10 लाख रुपये रही और पहले सप्ताह में इसका कलेक्शन लगभग 1.08 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया।

ऐसा लग रहा था कि फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से बाहर हो सकती है। लेकिन दूसरे और तीसरे हफ्ते के बाद तस्वीर बदलने लगी। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और वर्ड ऑफ माउथ पब्लिसिटी ने फिल्म को धीरे-धीरे नई गति दे दी।

इसके बाद कई सिनेमाघरों में शो बढ़ाए गए और दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ती गई।

अब फिल्म इंडिया ग्रॉस कलेक्शन में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है।

पांचवें हफ्ते में भी कमाई की रफ्तार बरकरार

आमतौर पर किसी फिल्म की कमाई पहले सप्ताह के बाद धीरे-धीरे कम होने लगती है। खासकर पांचवें सप्ताह तक पहुंचने के बाद नई रिलीज फिल्मों के कारण पुरानी फिल्मों के शो और दर्शक दोनों कम हो जाते हैं।

लेकिन ‘हनुमान अंश’ के मामले में स्थिति अलग दिखाई दी।

India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, 34वें दिन फिल्म ने अनुमानित 10.25 करोड़ रुपये नेट कमाए थे। उस समय भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन लगभग 153.13 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 180.95 करोड़ रुपये बताया गया था।

इसके बाद फिल्म ने 200 करोड़ रुपये के ग्रॉस आंकड़े को पार कर लिया।

यानी पांचवें सप्ताह में भी फिल्म की कमाई दोहरे अंकों में बनी रही। यह प्रदर्शन फिल्म के लिए असाधारण माना जा रहा है।

कम बजट की फिल्म ने मचाया बड़ा धमाल

‘हनुमान अंश’ की सफलता का सबसे ज्यादा चर्चा वाला पहलू इसका बजट है।

रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म का निर्माण करीब 2 करोड़ रुपये से कम बजट में किया गया था। इसके मुकाबले 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन फिल्म के लिए बेहद बड़ा आंकड़ा है।

PTI की रिपोर्ट में फिल्म की शुरुआती ओपनिंग और बाद की सफलता को साल की सबसे अप्रत्याशित बॉक्स ऑफिस कहानियों में से एक बताया गया है। फिल्म की शुरुआत करीब 10 लाख रुपये की डे-वन कमाई से हुई थी, जबकि बाद में इसकी कमाई 200 करोड़ रुपये के ग्रॉस आंकड़े तक पहुंच गई।

यानी फिल्म ने अपनी शुरुआती कमाई से कई गुना बड़ा कारोबार किया।

पहले फिल्म को लेकर नहीं था ज्यादा शोर

‘हनुमान अंश’ की रिलीज के समय फिल्म को लेकर बड़े स्तर पर प्रचार नहीं किया गया था। फिल्म किसी बड़े सुपरस्टार की वजह से दर्शकों के बीच चर्चा में नहीं आई थी।

इसमें मुख्य भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या भी उस समय आम दर्शकों के लिए कोई बड़ा स्टार नाम नहीं थे।

फिल्म ने शुरुआत में सीमित स्क्रीन पर सिनेमाघरों में दस्तक दी। लेकिन दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ने लगी और लोगों ने एक-दूसरे को फिल्म देखने की सलाह देना शुरू किया।

यही वर्ड ऑफ माउथ धीरे-धीरे फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन गया।

नीम करोली बाबा की कहानी ने जोड़ा दर्शकों को

‘हनुमान अंश’ आध्यात्मिक गुरु और संत नीम करोली बाबा के जीवन तथा उनकी शिक्षाओं से प्रेरित फिल्म है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इस कहानी को बड़े स्टार सिस्टम के बजाय आध्यात्मिक और मानवीय भावनाओं के सहारे दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की।

फिल्म में शोभिनव सत्या ने नीम करोली बाबा की भूमिका निभाई है।

उनका किरदार फिल्म की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। दर्शकों के एक वर्ग ने उनके अभिनय और किरदार की सादगी की काफी सराहना की।

फिल्म में पूर्णिमा तिवारी भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

शोभिनव सत्या के लिए बड़ा मोड़

‘हनुमान अंश’ की सफलता ने शोभिनव सत्या के करियर को भी एक नया मोड़ दिया है।

इससे पहले वह फिल्म इंडस्ट्री में बड़े स्टार के तौर पर स्थापित नहीं थे। लेकिन नीम करोली बाबा की भूमिका ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।

कुछ ही हफ्तों में उनका नाम सोशल मीडिया पर चर्चा में आने लगा और फिल्म देखने वाले दर्शक उनकी भूमिका के बारे में बात करने लगे।

हालांकि, शोभिनव ने हाल में कहा था कि फिल्म की सफलता के बावजूद उनके पास अभी दूसरी फिल्मों की लंबी लाइन नहीं है। वह अपनी निजी जिंदगी और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को लेकर भी काफी संयमित नजर आते हैं।

लोगों के पैर छूने से क्यों असहज हैं शोभिनव?

शोभिनव सत्या ने फिल्म की सफलता के बाद अपने अनुभवों के बारे में बात करते हुए यह भी बताया था कि कुछ लोग उन्हें नीम करोली बाबा के किरदार से जोड़कर उनके पैर छूने की कोशिश करते हैं।

एक्टर ने इस तरह की स्थिति को लेकर असहजता जताई थी। उनका कहना था कि वह खुद को बाबा नहीं मानते और लोगों को उनकी जगह किसी कलाकार के रूप में देखना चाहिए।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया था कि अगर वे श्रद्धा व्यक्त करना चाहते हैं तो नीम करोली बाबा की मूर्ति या उनके वास्तविक आध्यात्मिक स्वरूप के प्रति श्रद्धा रखें।

उनकी यह सोच फिल्म की सफलता के बीच उनके निजी दृष्टिकोण को भी सामने लाती है।

काशी विश्वनाथ पहुंचे शोभिनव और पूर्णिमा

फिल्म की सफलता के बाद शोभिनव सत्या और पूर्णिमा तिवारी का काशी पहुंचना भी खास माना जा रहा है।

वाराणसी को भारत की प्रमुख धार्मिक नगरी माना जाता है और काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंग मंदिरों में शामिल है।

कलाकारों ने मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और हर हर महादेव के जयकारे लगाए।

फिल्म की आध्यात्मिक विषयवस्तु को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर की यात्रा को कलाकारों के लिए भावनात्मक और धार्मिक रूप से खास अनुभव के तौर पर देखा जा रहा है।

सफलता के बाद मंदिर पहुंचने की परंपरा

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में किसी फिल्म की सफलता के बाद कलाकारों का धार्मिक स्थलों पर जाना कोई नई बात नहीं है।

कई कलाकार फिल्म रिलीज से पहले भी मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और सफलता के बाद दोबारा दर्शन करने पहुंचते हैं।

इसका कारण व्यक्तिगत आस्था भी हो सकती है और फिल्म की टीम के लिए सफलता के प्रति आभार व्यक्त करने की भावना भी।

‘हनुमान अंश’ के कलाकारों का काशी विश्वनाथ मंदिर जाना भी इसी संदर्भ में देखा जा सकता है।

हर हर महादेव के जयकारों से गूंजा माहौल

मंदिर में दर्शन के बाद शोभिनव और पूर्णिमा ने जयकारे लगाए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कलाकारों और उनके साथ मौजूद लोगों को धार्मिक उत्साह में देखा जा सकता है।

फिल्म का विषय भी आध्यात्मिक और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए फिल्म की सफलता के जश्न के बीच भगवान शिव के मंदिर में दर्शन करना पूरी टीम के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया।

शोभिनव का किरदार भले ही नीम करोली बाबा पर आधारित हो, लेकिन फिल्म के प्रमोशन के दौरान वह खुद भी अपनी व्यक्तिगत आस्था और सादगी को लेकर चर्चा में रहे हैं।

फिल्म की कमाई ने बदली इंडस्ट्री की सोच

‘हनुमान अंश’ की सफलता ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि बड़े बजट और बड़े सितारों के बिना भी कोई फिल्म दर्शकों तक पहुंच सकती है या नहीं।

आज के दौर में बड़ी फिल्मों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। रिलीज से पहले बड़े स्तर पर प्रमोशन किया जाता है और कई शहरों में प्रचार अभियान चलाए जाते हैं।

इसके मुकाबले ‘हनुमान अंश’ ने अपेक्षाकृत शांत तरीके से शुरुआत की। लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म को आगे बढ़ाया।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की स्क्रीन संख्या भी शुरुआती करीब 250 से बढ़कर लगभग 2,000 तक पहुंच गई।

यह बदलाव इस बात का संकेत है कि जब दर्शकों की मांग बढ़ती है तो थिएटर भी फिल्म के शो बढ़ाने को तैयार हो जाते हैं।

फिल्म की सफलता का असली कारण क्या रहा?

फिल्म की सफलता के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।

सबसे बड़ा कारण इसका आध्यात्मिक विषय है। नीम करोली बाबा के देश-विदेश में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। उनके जीवन और शिक्षाओं को लेकर पहले से लोगों में रुचि मौजूद है।

दूसरा कारण दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया रही। शुरुआती दिनों में फिल्म देखने वाले लोगों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत बातचीत के जरिए इसे आगे बढ़ाया।

तीसरा कारण यह रहा कि फिल्म की कहानी पारंपरिक मसाला फिल्मों से अलग थी।

चौथा कारण यह माना जा सकता है कि फिल्म का निर्माण अपेक्षाकृत कम लागत में हुआ, इसलिए सीमित कमाई के बावजूद फिल्म को व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला।

संगीत ने भी बनाई पहचान

फिल्म के संगीत को भी दर्शकों की प्रतिक्रिया मिली है। हाल की रिपोर्टों में फिल्म के संगीत से जुड़े गायकों और संगीतकारों के योगदान की चर्चा हुई है।

Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के कुछ गायकों ने अपने गीत घर पर रिकॉर्ड किए और कथित तौर पर इसके लिए फीस भी नहीं ली। फिल्म के आध्यात्मिक विषय से प्रभावित होकर कलाकारों ने अपने स्तर पर योगदान दिया।

यह फिल्म के कम बजट वाले निर्माण मॉडल को समझने में मदद करता है।

क्या बनेगा फिल्म का दूसरा हिस्सा?

‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसके आगे की कहानी को लेकर भी चर्चा है।

पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि फिल्म को आगे बढ़ाकर दूसरा हिस्सा बनाया जा सकता है। अब फिल्म के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद इसकी फ्रेंचाइजी को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

Indian Express की ताजा रिपोर्ट में भी फिल्म के ट्रिलॉजी बनने की संभावना का उल्लेख किया गया है।

हालांकि किसी अगले भाग से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी होगा।

अब विदेशों में भी रिलीज

‘हनुमान अंश’ की सफलता का दायरा अब भारत से बाहर भी बढ़ाया जा रहा है।

फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज 11 सितंबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। यानी जिस दिन फिल्म ने भारत में 200 करोड़ रुपये के ग्रॉस आंकड़े को पार किया, उसी समय उसका अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार भी शुरू हो रहा है।

ऐसे में फिल्म की अंतिम कमाई अभी और बढ़ सकती है।

200 करोड़ के बाद अब अगला लक्ष्य क्या?

फिल्म के 200 करोड़ रुपये के ग्रॉस क्लब में पहुंचने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसकी कमाई कहां जाकर रुकेगी।

फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में मजबूत प्रदर्शन कर रही है। पांचवें सप्ताह में भी इसकी कमाई दोहरे अंकों में बनी रही है।

नई फिल्मों की रिलीज और दर्शकों की मांग के आधार पर आने वाले दिनों में इसकी कमाई की गति बदल सकती है। लेकिन फिलहाल ‘हनुमान अंश’ ने इतना जरूर साबित कर दिया है कि छोटे बजट की फिल्म भी लंबे समय तक दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती है।

शोभिनव के लिए भी खास पल

फिल्म की सफलता सिर्फ निर्माताओं के लिए ही नहीं बल्कि शोभिनव सत्या के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

जिस अभिनेता को फिल्म की रिलीज से पहले बहुत कम लोग जानते थे, वही अब नीम करोली बाबा के किरदार की वजह से चर्चा में है।

उनकी लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। खासकर इसलिए क्योंकि फिल्म का किरदार एक वास्तविक और पूजनीय आध्यात्मिक व्यक्तित्व से प्रेरित है।

शोभिनव लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि वह स्वयं को बाबा के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहते और अभिनय को अभिनय की तरह ही देखा जाना चाहिए।

काशी यात्रा से जुड़ा भावनात्मक पहलू

फिल्म की कहानी आध्यात्मिकता से जुड़ी है और इसकी सफलता के बाद कलाकारों का काशी पहुंचना भी इसी भावनात्मक यात्रा का हिस्सा नजर आता है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने के बाद हर हर महादेव के जयकारे लगाना कलाकारों के लिए सफलता का जश्न मनाने के साथ-साथ धार्मिक आस्था व्यक्त करने का अवसर भी रहा।

फिल्म के प्रशंसकों के लिए भी यह पल खास रहा, क्योंकि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उन्हें अपने पसंदीदा कलाकारों को धार्मिक माहौल में देखने का मौका मिला।

एक छोटी फिल्म से बड़ी सफलता तक

‘हनुमान अंश’ की कहानी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर उन फिल्मों की याद दिलाती है, जिन्हें शुरुआत में बहुत कम उम्मीदों के साथ रिलीज किया गया, लेकिन दर्शकों की पसंद ने उन्हें असाधारण सफलता दिला दी।

10 लाख रुपये की ओपनिंग से शुरू हुई फिल्म का 200 करोड़ रुपये के इंडिया ग्रॉस तक पहुंचना इसी वजह से खास है।

फिल्म की सफलता यह भी दिखाती है कि दर्शक हमेशा सिर्फ बड़े सितारों और बड़े बजट की ओर आकर्षित नहीं होते। अगर विषय लोगों से जुड़ जाए और दर्शक उसे पसंद करें तो वर्ड ऑफ माउथ किसी भी बड़े प्रमोशनल कैंपेन की तुलना में ज्यादा प्रभावी साबित हो सकता है।

फिलहाल ‘हनुमान अंश’ के कलाकार सफलता का जश्न मना रहे हैं। शोभिनव सत्या और पूर्णिमा तिवारी का काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचना इसी जश्न का हिस्सा रहा। मंदिर में दर्शन, पूजा और हर हर महादेव के जयकारों के बीच टीम ने फिल्म की सफलता के लिए आभार जताया।

अब भारत में 200 करोड़ रुपये के ग्रॉस आंकड़े के बाद फिल्म की नजर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों पर है। अगर विदेशों में भी इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस सफर और लंबा हो सकता है। फिलहाल इतना तय है कि छोटे बजट से शुरू हुई यह फिल्म 2026 की सबसे चौंकाने वाली और अप्रत्याशित बॉक्स ऑफिस सफलताओं में अपनी जगह बना चुकी है।

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