
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ज्वेलरी की एक दुकान पर चोरी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने दुकानदारों को भी हैरान कर दिया है। बास्टा क्षेत्र में बुर्का पहनकर पहुंचीं दो महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने पहले ग्राहक बनकर दुकान में रखे सोने-चांदी के आभूषण देखने शुरू किए और फिर दुकानदार के परिवार का ध्यान भटकाकर कुछ सोने के जेवर अपने मुंह में छिपा लिए। इसके बाद मौका पाकर इन आभूषणों को कपड़ों में छिपाने का आरोप है।
पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। दुकानदार के मुताबिक, महिलाओं के जाने के बाद जब आभूषणों का मिलान किया गया तो 50 ग्राम से अधिक सोने के जेवर गायब मिले। चोरी हुए सोने की कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई है। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी गई है।
ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचीं महिलाएं
मामला बिजनौर के बास्टा क्षेत्र के रसूलपुर नंगला गांव का बताया जा रहा है। गांव के रहने वाले दिनेश वर्मा की वहीं ज्वेलरी की दुकान है। आम दिनों की तरह दुकान पर ग्राहक आ-जा रहे थे और दिनेश वर्मा के साथ उनका बेटा भी दुकान के काम में हाथ बंटा रहा था।
बताया गया कि घटना दोपहर के समय हुई। इसी दौरान दिनेश वर्मा किसी काम से कुछ देर के लिए दुकान से बाहर चले गए। उनके बाहर जाने के बाद बुर्का पहने दो महिलाएं दुकान पर पहुंचीं। दोनों ने खुद को ग्राहक बताया और सोने-चांदी के आभूषण खरीदने की इच्छा जताई।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य ग्राहक जैसा ही नजर आया। महिलाओं ने दुकान में रखे अलग-अलग जेवर देखने शुरू किए। उन्होंने कुछ आभूषण पसंद किए और उन्हें पहनकर भी देखा। इसी दौरान उन्होंने दुकानदार के बेटे से अलग-अलग तरह के जेवर दिखाने को कहा।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल मामले की जांच CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इसलिए महिलाओं पर लगे चोरी के आरोपों को जांच पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।
बिछुए और सोने की लौंग देखने के बहाने मांगे जेवर
महिलाओं ने दुकान पर मौजूद दुकानदार के बेटे से बिछुए, सोने की लौंग और अन्य आभूषण दिखाने को कहा। दुकानदार का बेटा अलग-अलग जेवर निकालकर उन्हें दिखाता रहा।
इसी दौरान आरोप है कि दोनों महिलाओं ने उसकी नजर बचाकर कुछ सोने के आभूषण अपने मुंह में छिपा लिए। यह तरीका इतना असामान्य था कि शुरुआत में दुकान में मौजूद लोगों को इसका अंदाजा नहीं हुआ।
CCTV फुटेज में कथित तौर पर महिलाओं की गतिविधियां दिखाई देती हैं। आरोप है कि पहले उन्होंने आभूषणों को मुंह में छिपाया और बाद में मौका देखकर उन्हें मुंह से निकालकर अपने कपड़ों में रख लिया।
इस दौरान दोनों महिलाएं लगातार ग्राहक की तरह व्यवहार करती रहीं। वे कभी कोई आभूषण देखतीं तो कभी उसे पहनकर देखने की बात करतीं। इससे दुकान पर मौजूद व्यक्ति का ध्यान लगातार अलग-अलग जेवरों की ओर बना रहा।
बिना खरीदारी किए निकल गईं
आरोप है कि कुछ देर तक आभूषण देखने और उन्हें ट्राई करने के बाद दोनों महिलाओं ने कोई खरीदारी नहीं की। इसके बाद वे दुकान से बाहर निकल गईं।
उस समय तक दुकानदार या उनके बेटे को चोरी का अंदाजा नहीं हुआ। महिलाओं के जाने के बाद जब दुकान में रखे जेवरों की जांच की गई, तब कुछ आभूषण कम मिलने की बात सामने आई।
दुकानदार ने इसके बाद CCTV फुटेज खंगालने का फैसला किया। कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने पर महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। फुटेज में कथित तौर पर जेवरों को छिपाने की पूरी प्रक्रिया दिखाई देने के बाद दुकानदार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
यह पूरी घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चोरी का कथित तरीका सामान्य चोरी की घटनाओं से अलग था। आमतौर पर ग्राहक बनकर दुकान में आने वाले संदिग्ध लोग जेवरों का डिब्बा लेकर भागने या दुकानदार का ध्यान भटकाकर आभूषण निकालने की कोशिश करते हैं। इस मामले में आरोप है कि महिलाओं ने पहले जेवर मुंह में छिपाए और फिर उन्हें कपड़ों में रख लिया।
50 ग्राम से ज्यादा सोना गायब
दुकानदार दिनेश वर्मा ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि घटना के बाद 50 ग्राम से अधिक सोने के आभूषण गायब मिले। उनके अनुसार, चोरी किए गए सोने की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है।
इतनी बड़ी कीमत के आभूषण गायब होने के बाद दुकानदार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने दुकान पहुंचकर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई और CCTV फुटेज की जांच शुरू की।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों महिलाएं कौन थीं, वे दुकान तक कैसे पहुंचीं और वहां से निकलने के बाद किस दिशा में गईं। CCTV फुटेज में उनके हुलिए और गतिविधियों को देखकर पहचान की कोशिश की जा रही है।
चांदपुर क्षेत्राधिकारी देश दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिली है। दुकानदार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। CCTV फुटेज की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
CCTV बना पुलिस के लिए अहम सुराग
आज के दौर में दुकानों में लगे CCTV कैमरे चोरी और लूट जैसी घटनाओं की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। इस मामले में भी CCTV फुटेज पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुरागों में से एक है।
यदि कैमरे में महिलाओं के चेहरे, कपड़ों, दुकान में आने और निकलने का रास्ता या उनके साथ मौजूद कोई अन्य व्यक्ति स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुआ है, तो पुलिस को उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस यह भी देख सकती है कि महिलाएं दुकान तक पैदल आई थीं या किसी वाहन से पहुंची थीं। दुकान से निकलने के बाद उन्होंने किस दिशा में कदम बढ़ाया और रास्ते में किसी अन्य कैमरे में उनकी तस्वीर रिकॉर्ड हुई या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
ऐसे मामलों में एक CCTV फुटेज से दूसरे कैमरे तक संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़कर उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जाती है। बिजनौर पुलिस भी उपलब्ध फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
दुकानदार के बाहर जाने के बाद हुई वारदात
घटना के समय दुकान के मालिक दिनेश वर्मा कुछ देर के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान दोनों महिलाएं दुकान पर पहुंचीं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि महिलाओं को पहले से दुकान की जानकारी थी या उनका वहां पहुंचना महज संयोग था।
पुलिस जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों महिलाएं किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में थीं या उन्होंने पहले से दुकान की रेकी की थी। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में कोई निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
इस तरह के मामलों में पुलिस CCTV फुटेज के अलावा आसपास के दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाती है। महिलाओं के दुकान में आने और बाहर निकलने के समय के आधार पर आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा सकती है।
खरीदारी का नाटक कर चोरी का आरोप
इस घटना का सबसे अहम पहलू महिलाओं का कथित तौर पर ग्राहक बनकर दुकान में जाना है। ग्राहक के रूप में पहुंचने के कारण उन्हें दुकान में रखे कई आभूषण देखने का मौका मिला।
दुकानदार के बेटे का ध्यान जब अलग-अलग जेवर दिखाने में लगा हुआ था, उसी दौरान आरोप है कि महिलाओं ने सोने के आभूषण छिपाए। इसके बाद उन्होंने कुछ देर तक सामान्य तरीके से खरीदारी का नाटक जारी रखा।
ऐसे मामलों में दुकानदारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि एक साथ कई आभूषण दिखाने के दौरान हर सामान पर नजर बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। ग्राहक के सामने कई पीस रखे होने पर यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ध्यान भटकाने की कोशिश करे तो चोरी का पता तुरंत चलना मुश्किल हो सकता है।
बिजनौर की यह घटना इसी वजह से भी चर्चा में है कि कथित चोरी का पता महिलाओं के दुकान से चले जाने के बाद चला। CCTV रिकॉर्डिंग देखने पर ही दुकानदार को उनकी गतिविधियों पर शक हुआ।
पहले भी ज्वेलरी दुकानों में ग्राहक बनकर चोरी के मामले
ज्वेलरी दुकानों में ग्राहक बनकर चोरी की घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आती रही हैं। अपराध करने वाले लोग कई बार दुकानदार को ज्यादा से ज्यादा सामान दिखाने में व्यस्त रखते हैं और उसी दौरान आभूषण गायब करने की कोशिश करते हैं।
बिजनौर में ही इससे पहले भी ज्वेलरी दुकानों से चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2026 में धामपुर के फल चौक स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान पर खरीदारी करने आई महिला का बैग चोरी होने का मामला सामने आया था। उस मामले में भी बुर्का पहने महिलाओं के दुकान में मौजूद होने और CCTV में संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड होने की बात सामने आई थी। हालांकि, वह घटना अलग थी और उसमें बैग चोरी होने का आरोप था।
पुराने मामलों से यह भी पता चलता है कि ज्वेलरी दुकानों पर CCTV कैमरों की मौजूदगी पुलिस जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुछ मामलों में फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर चोरी का सामान बरामद करने में पुलिस को सफलता मिली है।
पुलिस के सामने अब दो महिलाओं की पहचान की चुनौती
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती दोनों महिलाओं की पहचान करना है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा सकता है कि वे किस रास्ते से दुकान तक आईं और वारदात के बाद किस दिशा में गईं।
दुकानदार के मुताबिक, चोरी हुए सोने की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इतनी बड़ी रकम के आभूषणों के गायब होने के बाद पुलिस के लिए जल्द से जल्द संदिग्धों तक पहुंचना महत्वपूर्ण है।
हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी होने तक यह कहना उचित नहीं होगा कि CCTV में दिखाई देने वाली महिलाएं ही निश्चित रूप से चोरी की दोषी हैं। फिलहाल पुलिस के पास दुकानदार की शिकायत, CCTV फुटेज और अन्य संभावित साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
दुकानदारों के लिए भी सबक
इस घटना के बाद ज्वेलरी कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। सोने-चांदी की दुकानों में एक समय में कई ग्राहक मौजूद हो सकते हैं और दुकानदार को अलग-अलग ग्राहकों को कई सामान दिखाने पड़ते हैं।
ऐसे में CCTV कैमरों के अलावा दुकान के अंदर आभूषण रखने की व्यवस्था, ग्राहकों की संख्या पर नजर और महंगे जेवर दिखाते समय अतिरिक्त सावधानी महत्वपूर्ण हो सकती है। विशेष रूप से तब, जब एक साथ कई ग्राहक अलग-अलग आभूषण देख रहे हों।
ज्वेलरी कारोबारी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत CCTV फुटेज सुरक्षित रख सकते हैं और पुलिस को सूचना दे सकते हैं। किसी घटना के बाद फुटेज को सुरक्षित रखना इसलिए जरूरी होता है क्योंकि शुरुआती रिकॉर्डिंग जांच में महत्वपूर्ण सुराग उपलब्ध करा सकती है।
अब पुलिस जांच से खुलेगा पूरा मामला
बिजनौर के रसूलपुर नंगला में सामने आई यह घटना फिलहाल पुलिस जांच के दौर में है। दो महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहक बनकर ज्वेलरी दुकान में प्रवेश किया, आभूषण देखने के दौरान कथित तौर पर 50 ग्राम से अधिक सोना छिपाया और बिना खरीदारी किए वहां से निकल गईं।
दुकानदार ने चोरी हुए सोने की कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई है। CCTV फुटेज में कथित गतिविधियां रिकॉर्ड होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां फुटेज और अन्य साक्ष्यों के जरिए दोनों महिलाओं की पहचान करने में जुटी हैं।
घटना का कथित तरीका जितना चौंकाने वाला है, उतना ही अहम इसका CCTV में रिकॉर्ड होना भी है। यदि पुलिस को महिलाओं की पहचान से जुड़े पर्याप्त सुराग मिलते हैं, तो आगे की कार्रवाई और चोरी हुए आभूषणों की बरामदगी की दिशा में जांच आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस घटना से जुड़े सभी आरोपों को जांच के परिणाम आने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।