राउरकेला के सरकारी सर्किट हाउस में ठहरीं Tina Nandy, वायरल वीडियो के बाद मचा विवाद; कमरे की बुकिंग की जांच शुरू

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ओडिशा के राउरकेला स्थित सरकारी सर्किट हाउस में एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी अभिनेत्री और सोशल मीडिया हस्ती Tina Nandy के कथित ठहरने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 10 महीने पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर उन्हें सरकारी सर्किट हाउस में कमरा किस प्रक्रिया के तहत मिला था।

वायरल वीडियो में Tina Nandy राउरकेला पहुंचने, लग्जरी कार से सफर करने और सर्किट हाउस में ठहरने की बात करती दिखाई देती हैं। वीडियो में वह वहां मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र करते हुए इसे अपने लिए खास अनुभव बताती हैं। इसी वीडियो के सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि सरकारी अतिथि गृह में उनके ठहरने की अनुमति किसने दी और क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया था। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों से पूछताछ भी की है और बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

दिसंबर 2025 की है पूरी घटना

पुलिस की जांच जिस घटना से जुड़ी है, वह 1 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। Tina Nandy उस समय राउरकेला पहुंची थीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वह एक निजी कंपनी के प्रमोशनल प्रोजेक्ट से जुड़ी गतिविधि के लिए शहर आई थीं। बताया गया है कि उनका कार्यक्रम Gehana Trade Gold Private Limited से जुड़े प्रचार अभियान से संबंधित था।

सोशल मीडिया पर सामने आए पुराने वीडियो में वह अपने राउरकेला दौरे की जानकारी अपने फॉलोअर्स के साथ साझा करती दिखाई देती हैं। वीडियो में वह बताती हैं कि उनके लिए कंपनी की ओर से स्वागत की व्यवस्था की गई थी और वह लग्जरी Audi कार से राउरकेला पहुंची थीं।

यहीं से यह मामला सरकारी सर्किट हाउस तक पहुंचता है। वीडियो में Tina Nandy सर्किट हाउस का कमरा दिखाती हैं और वहां मिलने वाली सुविधाओं को लेकर बात करती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह की जगह पर आमतौर पर बड़े अधिकारी ठहरते हैं। उनके इन बयानों के बाद यह सवाल उठा कि एक निजी व्यावसायिक कार्यक्रम के लिए शहर आई किसी सोशल मीडिया हस्ती को सरकारी आवासीय सुविधा कैसे उपलब्ध कराई गई।

वीडियो में क्या दिखाई दिया?

वायरल वीडियो में Tina Nandy राउरकेला पहुंचने के दौरान अपने सफर को रिकॉर्ड करती दिखाई देती हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, वह झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से राउरकेला एक Audi कार से पहुंची थीं। वीडियो में वह कंपनी के CEO के खुद उन्हें रिसीव करने आने की बात भी करती हैं।

इसके बाद वीडियो में सर्किट हाउस के अंदर का हिस्सा दिखाई देता है। Tina Nandy वहां उपलब्ध कमरे और सुविधाओं को लेकर बात करती हैं। उन्होंने अपने दर्शकों को बताया कि वह जिस जगह पर ठहरी हैं, वहां आम तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों के ठहरने की बात कही जाती है।

वीडियो में उन्होंने अपने राउरकेला आने को एक बड़े प्रोजेक्ट से जोड़कर भी बताया था। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी थी। इसी वजह से वीडियो के दोबारा सामने आने के बाद सरकारी सुविधा के इस्तेमाल को लेकर चर्चा तेज हो गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

वीडियो सामने आने के बाद राउरकेला पुलिस ने यह जांच शुरू की कि सर्किट हाउस में कमरे की बुकिंग किसने कराई थी। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि कमरे के आवंटन के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

पुलिस ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की है। अलग-अलग रिपोर्टों में पूछताछ किए गए लोगों की संख्या तीन तक बताई गई है। इनमें एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के बेटे, स्थानीय ट्रैवल एजेंसी से जुड़े व्यक्ति और एक निजी कंपनी से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आया है।

जांचकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि Tina Nandy के लिए सरकारी सर्किट हाउस में कमरे की व्यवस्था किसके कहने पर की गई थी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कमरे की बुकिंग किस अधिकारी या व्यक्ति की अनुमति से हुई और उस समय कौन से दस्तावेज या रिकॉर्ड दर्ज किए गए थे।

पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की जानकारी नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य पहले यह स्पष्ट करना है कि आवास की व्यवस्था किस तरह हुई और क्या निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था।

सर्किट हाउस में कौन ठहर सकता है?

सरकारी सर्किट हाउस सामान्य तौर पर सरकारी अधिकारियों और आधिकारिक दौरे पर आने वाले पात्र लोगों के ठहरने के लिए बनाए जाते हैं। ओडिशा के आधिकारिक सर्किट हाउस पोर्टल के अनुसार, ये अतिथि गृह आधिकारिक यात्राओं और दौरों के दौरान आवास उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए हैं और इनके प्रशासनिक नियंत्रण की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी विभाग के पास होती है।

राउरकेला मामले में भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि Tina Nandy को कमरा देने से पहले आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य पात्र लोगों के लिए उपलब्ध इस तरह की सुविधा का इस्तेमाल किसी निजी कार्यक्रम से जुड़े व्यक्ति के लिए किस आधार पर किया गया, यही जांच का प्रमुख सवाल है।

हालांकि, केवल किसी व्यक्ति के सरकारी सर्किट हाउस में ठहरने की बात सामने आने से अपने आप किसी अपराध का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इस मामले में फिलहाल जांच का केंद्र बुकिंग और अनुमति की प्रशासनिक प्रक्रिया है।

Tina Nandy ने बाद में क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद सामने आए एक नए वीडियो में Tina Nandy ने लोगों से इस पुराने मामले को दोबारा चर्चा में न लाने की अपील की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि 2025 में वीडियो बनाए जाने के पीछे उनका कोई गलत इरादा नहीं था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि वह सर्किट हाउस में बहुत कम समय के लिए रुकी थीं। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर व्लॉग बनाए जाने के बाद आयोजक ने उन्हें वहां से जाने के लिए कहा था। एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने लगभग 10 से 15 मिनट वहां रहने की बात कही है।

उनके इस स्पष्टीकरण के बाद भी जांच का सवाल खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि पुलिस यह देख रही है कि यदि वास्तव में सरकारी सर्किट हाउस में कमरे की व्यवस्था हुई थी तो वह किस प्रक्रिया के तहत हुई।

लग्जरी कार की व्यवस्था भी जांच के दायरे में

जांच केवल कमरे तक सीमित नहीं है। पुलिस Tina Nandy के राउरकेला पहुंचने के लिए इस्तेमाल की गई Audi कार की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, एक स्थानीय ट्रैवल ऑपरेटर ने यह लग्जरी वाहन उपलब्ध कराया था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहन किसके अनुरोध पर उपलब्ध कराया गया और क्या इसका संबंध उस निजी कंपनी के कार्यक्रम से था, जिसके लिए Tina Nandy राउरकेला आई थीं।

यानी जांच के दो प्रमुख हिस्से हैं। पहला, झारसुगुड़ा से राउरकेला तक उनके परिवहन की व्यवस्था और दूसरा, सरकारी सर्किट हाउस में उनके ठहरने की व्यवस्था। दोनों के बीच किसी तरह का प्रशासनिक या निजी संबंध था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

निजी प्रमोशनल कार्यक्रम से जुड़ी थी यात्रा

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार Tina Nandy का राउरकेला दौरा किसी सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था। वह एक निजी व्यावसायिक प्रचार कार्यक्रम के सिलसिले में शहर आई थीं।

रिपोर्टों में Gehana Trade Gold Private Limited का उल्लेख किया गया है। कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने कथित तौर पर उन्हें अपने प्रमोशनल प्रोजेक्ट के लिए आमंत्रित किया था। इसलिए जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि निजी कंपनी से जुड़े कार्यक्रम में आने वाली किसी हस्ती के लिए सरकारी अतिथि गृह में आवास की व्यवस्था कैसे हुई।

यदि यह व्यवस्था नियमों के अनुसार हुई थी, तो प्रशासन की ओर से संबंधित अनुमति और रिकॉर्ड इसकी पुष्टि कर सकते हैं। वहीं यदि आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी, तो यह प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़ा सवाल बन सकता है। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

सर्किट हाउस पहले भी विवादों में रहा

राउरकेला का यही सर्किट हाउस हाल के महीनों में एक अन्य विवाद के कारण भी चर्चा में रहा है। अगस्त 2026 में पुलिस ने परिसर में छापेमारी के दौरान हथियार बरामद किए थे और कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

इस घटना में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से जुड़े एक स्थानीय प्रतिनिधि का नाम भी सामने आया था। उस मामले में भी सर्किट हाउस में कमरों के आवंटन और वहां मौजूद लोगों को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों से परिसर में कमरा आवंटित करने की प्रक्रिया और रिकॉर्ड के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

ऐसे में Tina Nandy के ठहरने से जुड़ा मामला सामने आने के बाद सर्किट हाउस एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और उनके बीच सीधे संबंध का कोई निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

नया सर्किट हाउस और सुविधाओं को लेकर भी चर्चा

रिपोर्टों के मुताबिक, राउरकेला का यह सर्किट हाउस अपेक्षाकृत नया है। इसका उद्घाटन दिसंबर 2025 की घटना से कुछ समय पहले ही हुआ था। एक रिपोर्ट में इसकी निर्माण लागत करीब 24 करोड़ रुपये बताई गई है। परिसर में एग्जीक्यूटिव और VVIP श्रेणी के कमरे होने की जानकारी भी सामने आई है।

यही वजह है कि सर्किट हाउस में किसे कमरा दिया गया और किस आधार पर दिया गया, इस सवाल को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

सरकारी संपत्ति और सुविधाओं का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। इसलिए पुलिस और प्रशासन की जांच में बुकिंग रजिस्टर, कमरे के आवंटन से जुड़े दस्तावेज, अनुमति देने वाले अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं को देखा जा सकता है।

क्या Tina Nandy के खिलाफ मामला दर्ज हुआ?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Tina Nandy के सर्किट हाउस में ठहरने को लेकर कोई आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का ध्यान फिलहाल इस बात पर है कि कमरा किसने बुक कराया, किसके अनुरोध पर बुक कराया गया और क्या निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया।

पूछताछ के लिए बुलाए गए लोगों को भी पूछताछ के बाद छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इसका मतलब यह नहीं है कि जांच समाप्त हो गई है। अधिकारी अभी भी उपलब्ध रिकॉर्ड और बयानों के आधार पर घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुई पूरी कहानी

इस मामले की खास बात यह है कि विवाद की शुरुआत किसी तत्काल घटना से नहीं, बल्कि करीब 10 महीने पुराने सोशल मीडिया वीडियो के दोबारा वायरल होने से हुई। वीडियो में खुद Tina Nandy अपने राउरकेला दौरे और सर्किट हाउस में मौजूदगी के बारे में बात करती दिखाई देती हैं।

पुराना वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी अतिथि गृह में उनके ठहरने की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू किया और संबंधित लोगों से पूछताछ की।

हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल दावों और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष में अंतर हो सकता है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया या किसी व्यक्ति को अनुचित सरकारी सुविधा दी गई। यह तय करने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड और जांच के नतीजों का इंतजार करना होगा।

आगे क्या होगा?

अब पुलिस और प्रशासन की जांच में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि Tina Nandy के लिए सर्किट हाउस में कमरा किसने बुक कराया और उसे मंजूरी किस आधार पर मिली। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि कमरे के आवंटन के समय सरकारी नियमों के तहत जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं।

जांच में सर्किट हाउस के बुकिंग रिकॉर्ड, संबंधित अधिकारियों की जानकारी, कमरे के इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेज और Tina Nandy के राउरकेला दौरे से जुड़े लोगों से प्राप्त जानकारी को मिलाया जा सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह मामला सरकारी सुविधा के संभावित प्रशासनिक इस्तेमाल और कमरे के आवंटन की प्रक्रिया से जुड़ा विवाद है। Tina Nandy के खिलाफ किसी अपराध का निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले नहीं निकाला जा सकता।

राउरकेला सर्किट हाउस से जुड़ा यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी अतिथि गृहों का इस्तेमाल नियमों के तहत किया जाना अपेक्षित होता है। ऐसे में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिसंबर 2025 में Tina Nandy को वहां ठहरने की अनुमति किसने दी, किस प्रक्रिया के तहत दी गई और क्या उस समय सभी निर्धारित औपचारिकताएं पूरी की गई थीं।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया की कमी से जुड़ा था या कमरे के आवंटन में किसी नियम का उल्लंघन हुआ था। फिलहाल पुलिस ने जांच जारी होने की बात कही है और मामले में कोई आपराधिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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