रोहतास में अलग-अलग जगहों पर करंट का कहर, मोटर ठीक करते और पंपिंग सेट के तार से 3 की मौत

2

बिहार के रोहतास जिले में रविवार को बिजली के करंट से जुड़े अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। जिले के दिनारा, नटवार और संझौली थाना क्षेत्रों में कुछ ही घंटों के अंतराल में हुए इन हादसों ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। कहीं खेत में मोटर ठीक करते समय व्यक्ति करंट की चपेट में आ गया, तो कहीं पंपिंग सेट के तार से किसान की जान चली गई। वहीं, दिनारा इलाके में जन्मदिन की पार्टी में खाना बनाने गए एक हलवाई की भी बिजली का झटका लगने से मौत हो गई। तीनों घटनाओं के बाद संबंधित थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेजा।

एक ही दिन जिले के अलग-अलग इलाकों में हुई इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के उपकरणों और खुले या क्षतिग्रस्त तारों से जुड़े जोखिम को भी सामने ला दिया है। खासतौर पर खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले मोटर और पंपिंग सेट के साथ काम करते समय सावधानी नहीं बरतने पर गंभीर हादसे हो सकते हैं। इन घटनाओं में तीन अलग-अलग परिवारों ने अपने परिजनों को खो दिया।

दिनारा में बर्थडे पार्टी में खाना बनाने गए हलवाई की मौत

पहली घटना दिनारा थाना क्षेत्र के खदाव गांव की बताई जा रही है। मृतक की पहचान कोचस थाना क्षेत्र के अंधारी गांव निवासी 63 वर्षीय रमेश साह के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और एक जन्मदिन की पार्टी में खाना बनाने के लिए खदाव गांव गए थे।

बताया गया कि पार्टी के दौरान रमेश साह बाथरूम जाने के लिए बाहर निकले थे। इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। रमेश साह की मौत की खबर उनके गांव और परिवार तक पहुंचते ही शोक का माहौल बन गया। एक कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए घर से निकले रमेश वापस नहीं लौट सके।

करंट लगने की घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि ग्रामीण इलाकों में घरों और अस्थायी आयोजनों के आसपास बिजली के तारों की स्थिति कितनी सुरक्षित है। हालांकि इस मामले में करंट लगने के सटीक कारण और बिजली व्यवस्था में किसी तरह की तकनीकी खामी थी या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

नटवार में खेत में मोटर ठीक करते समय हादसा

दूसरी घटना नटवार थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव की है। यहां 44 वर्षीय सुनील सिंह खेत में काम कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, वह खेत में लगी मोटर को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली का झटका लगा और वह गंभीर रूप से झुलस गए।

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने सुनील सिंह को बचाने की कोशिश की और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान रामकृष्ण सिंह के पुत्र सुनील सिंह के रूप में हुई है।

सुनील सिंह की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। खेत में मोटर और सिंचाई के उपकरणों के साथ काम करने वाले ग्रामीणों के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है। बिजली से चलने वाले कृषि उपकरणों में खराबी आने पर उन्हें स्वयं ठीक करने की कोशिश कई बार जानलेवा साबित हो सकती है।

विशेष रूप से गीली जमीन, पानी के आसपास बिजली के उपकरण और खराब वायरिंग का संयोजन जोखिम को और बढ़ा सकता है। इसलिए मोटर या पंपिंग सेट में खराबी आने पर बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद करना और प्रशिक्षित व्यक्ति से उसकी जांच कराना जरूरी होता है।

संझौली में पंपिंग सेट के तार ने ली किसान की जान

तीसरी घटना संझौली थाना क्षेत्र के बैरी गांव की है। यहां 65 वर्षीय किसान बहादुर पाल खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान वह पंपिंग सेट के मोटर से जुड़े तार की चपेट में आ गए।

करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों की नजर जब तक उन पर पड़ी, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजन मौके पर पहुंचे।

पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद संझौली थाना की टीम बैरी गांव पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। बहादुर पाल की मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर है।

खेती के मौसम में पंपिंग सेट और मोटर ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के लिए बेहद जरूरी उपकरण हैं। लेकिन इनके तारों में कट, खराब इंसुलेशन या नमी जैसी स्थिति होने पर बिजली का करंट आसपास के लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

तीनों घटनाओं की अलग-अलग जांच

रोहतास में हुई तीनों मौतें अलग-अलग स्थानों और परिस्थितियों में हुई हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्थानीय जांच के आधार पर मौत के कारणों से संबंधित औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

दिनारा की घटना में रमेश साह एक कार्यक्रम में खाना बनाने पहुंचे थे, जबकि नटवार और संझौली की घटनाएं खेतों में बिजली से चलने वाले कृषि उपकरणों से जुड़ी थीं। इसलिए तीनों मामलों को एक ही कारण से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।

हालांकि तीनों घटनाओं में एक समान बात यह रही कि बिजली के संपर्क में आने के बाद लोगों की जान चली गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता और नियमित जांच की जरूरत सामने आती है।

ग्रामीण इलाकों में बिजली उपकरणों से जुड़े जोखिम

बिहार के ग्रामीण इलाकों में खेती और घरेलू कामों के लिए मोटर, पंपिंग सेट और दूसरे बिजली उपकरणों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। खेतों में सिंचाई के लिए लगाए गए पंप अक्सर खुले स्थानों पर होते हैं। कई जगहों पर तार जमीन के पास से गुजरते हैं या लंबे समय तक मौसम के संपर्क में रहते हैं।

समय के साथ तारों का इंसुलेशन खराब हो सकता है। बारिश या नमी की वजह से बिजली के उपकरणों के आसपास करंट फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में बिना बिजली आपूर्ति बंद किए किसी मोटर, पंप या वायरिंग को छूना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह यही रहती है कि बिजली के उपकरणों की मरम्मत से पहले मुख्य सप्लाई बंद की जाए और खराबी की जांच प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से कराई जाए। खेतों में काम करते समय भी खुले तारों से दूरी बनाए रखना और क्षतिग्रस्त तार दिखाई देने पर तुरंत संबंधित बिजली विभाग को सूचना देना जरूरी है।

एक दिन में तीन मौतों से इलाके में शोक

रोहतास में रविवार को हुई इन तीन अलग-अलग घटनाओं के बाद संबंधित गांवों में शोक का माहौल है। दिनारा में रमेश साह की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह रोजी-रोटी के लिए हलवाई का काम करते थे और कार्यक्रम में खाना बनाने के लिए गए थे।

वहीं, नटवार के जगदीशपुर गांव में सुनील सिंह की मौत से परिवार ने अपना सदस्य खो दिया। खेत में मोटर ठीक करते समय हुई दुर्घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। संझौली के बैरी गांव में किसान बहादुर पाल की मौत के बाद भी ग्रामीणों में मातम पसरा हुआ है।

तीनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई के तहत शवों को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेजा गया है। आगे की प्रक्रिया पोस्टमार्टम और स्थानीय जांच के आधार पर होगी।

बिजली सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी

इन घटनाओं के बाद ग्रामीण इलाकों में बिजली सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। खेतों में मोटर या पंपिंग सेट चलाने से पहले वायरिंग और अर्थिंग की स्थिति की जांच करना जरूरी है। अगर तार कटा हुआ हो, इंसुलेशन निकला हुआ हो या मोटर में कोई तकनीकी खराबी दिखाई दे तो उसे खुद ठीक करने के बजाय बिजली की सप्लाई बंद कर विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।

बिजली के उपकरणों के आसपास पानी जमा होने पर भी अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। गीले हाथों से स्विच, मोटर या तार को छूना जोखिम बढ़ा सकता है। इसी तरह बच्चों और बुजुर्गों को खुले बिजली तारों और कृषि उपकरणों से दूर रखना भी महत्वपूर्ण है।

रोहतास की इन घटनाओं ने एक बार फिर दिखाया है कि बिजली से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है। जिले के तीन अलग-अलग इलाकों में एक ही दिन तीन लोगों की मौत ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब स्थानीय स्तर पर बिजली उपकरणों की सुरक्षा, खराब तारों की मरम्मत और ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान देना हादसों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

Share it :

End