जो रूट ने 23 हजार इंटरनेशनल रन पूरे कर रचा इतिहास, सचिन तेंदुलकर को छोड़ा पीछे, विराट कोहली अब भी नंबर-1

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इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में उतरते ही रूट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 23 हजार रन पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह दुनिया के सिर्फ आठवें बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में मिलाकर 23,000 या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। इतना ही नहीं, इस मुकाम तक सबसे कम पारियों में पहुंचने के मामले में उन्होंने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया।

चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेले गए इंग्लैंड और श्रीलंका के पहले वनडे में रूट को इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए सिर्फ तीन रन की जरूरत थी। उन्होंने कलाई से शानदार फ्लिक लगाकर चौका जड़ा और 23 हजार इंटरनेशनल रन का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि इसके बाद वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और 52 गेंदों पर 44 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी इस पारी में पांच चौके शामिल रहे।

521 पारियों में 23 हजार रन, सचिन से एक पारी आगे

जो रूट ने 23 हजार इंटरनेशनल रन का आंकड़ा अपनी 521वीं अंतरराष्ट्रीय पारी में हासिल किया। इससे पहले सचिन तेंदुलकर ने 522 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। यानी रूट ने इस खास आंकड़े तक पहुंचने में सचिन से सिर्फ एक पारी कम ली।

इस उपलब्धि के साथ रूट इस रिकॉर्ड के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। भारत के विराट कोहली अब भी सबसे तेज 23 हजार इंटरनेशनल रन पूरे करने वाले बल्लेबाज हैं। कोहली ने यह उपलब्धि 490 पारियों में हासिल की थी। इसके बाद जो रूट 521 पारियों के साथ दूसरे और सचिन तेंदुलकर 522 पारियों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

सबसे तेज 23 हजार इंटरनेशनल रन तक पहुंचने वाले बल्लेबाजों की सूची में रिकी पोंटिंग, जैक्स कैलिस, कुमार संगकारा, राहुल द्रविड़ और महेला जयवर्धने जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। यह उपलब्धि बताती है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार लंबे समय तक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रूट ने अपनी जगह मजबूत कर ली है।

23 हजार रन बनाने वाले पहले इंग्लिश बल्लेबाज

जो रूट इस उपलब्धि के साथ 23 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं। दुनिया भर में अब केवल आठ बल्लेबाज ही इस आंकड़े तक पहुंच पाए हैं।

इस विशिष्ट क्लब में सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, कुमार संगकारा, रिकी पोंटिंग, महेला जयवर्धने, जैक्स कैलिस, राहुल द्रविड़ और अब जो रूट शामिल हैं।

इस सूची में भारत के तीन बल्लेबाज मौजूद हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 34,357 रन बनाए, जबकि विराट कोहली 28,359 रन के साथ सूची में दूसरे स्थान पर हैं। श्रीलंका के कुमार संगकारा के नाम 28,016 रन हैं। ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग 27,483 रन और श्रीलंका के महेला जयवर्धने 25,957 रन के साथ इस सूची में आगे हैं। दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कैलिस ने 25,534 रन बनाए, जबकि राहुल द्रविड़ के नाम 24,208 रन हैं। रूट के 23 हजार का आंकड़ा पार करने के बाद वह 23,041 रन के साथ आठवें स्थान पर हैं।

राहुल द्रविड़ से अभी 1,167 रन दूर

23 हजार रन पूरे करने के बाद रूट अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में आठवें स्थान पर हैं। उनके खाते में 23,041 रन दर्ज हैं। उनसे ठीक ऊपर भारत के पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ हैं, जिनके नाम 24,208 अंतरराष्ट्रीय रन हैं।

इस हिसाब से रूट को द्रविड़ से आगे निकलने के लिए 1,168 रन की जरूरत होगी। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक वह द्रविड़ के कुल रन से 1,167 रन पीछे बताए जा रहे हैं।

रूट के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उनका करियर अभी जारी है। ऐसे में उनके कुल रन का आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है।

44 रन की पारी ने बनाया रिकॉर्ड

श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में रूट ने 44 रन की पारी खेली। उन्होंने 52 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए। शुरुआत में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की और बाद में स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन गति बढ़ाई।

उन्होंने बेन डकेट के साथ 51 रनों की साझेदारी की। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक के साथ भी उनकी 68 रनों की साझेदारी हुई। रूट की पारी का अंत श्रीलंका के डेब्यू कर रहे गेंदबाज सचिन्दु कोलंबगे ने किया। कोलंबगे की गेंद ने रूट के बल्ले को छकाते हुए ऑफ स्टंप के ऊपरी हिस्से को निशाना बनाया और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा।

रूट भले ही इस मैच में अर्धशतक नहीं लगा सके, लेकिन उनकी 44 रन की पारी उनके करियर के एक बड़े व्यक्तिगत रिकॉर्ड की गवाह बन गई।

इंग्लैंड के लिए वनडे में भी सबसे ज्यादा रन

जो रूट की पहचान सिर्फ टेस्ट क्रिकेट के महान बल्लेबाज के तौर पर नहीं है। वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक लगातार रन बनाए हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे से पहले उनके नाम वनडे क्रिकेट में 7,826 रन थे और उनका बल्लेबाजी औसत 51 से ज्यादा था। उनके नाम वनडे में 20 शतक भी दर्ज हैं।

रूट पहले ही इंग्लैंड के लिए वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। अब 23 हजार इंटरनेशनल रन पूरे करके उन्होंने अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है।

उनके करियर की खासियत अलग-अलग परिस्थितियों में रन बनाने की क्षमता भी रही है। टेस्ट क्रिकेट में वह लंबे समय तक इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ रहे हैं, वहीं वनडे में भी उनकी तकनीक और स्ट्राइक रोटेशन ने टीम को कई मौकों पर मजबूती दी है।

टेस्ट क्रिकेट में भी सचिन के रिकॉर्ड के करीब

रूट की नजरें केवल कुल अंतरराष्ट्रीय रनों पर नहीं हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी वह सचिन तेंदुलकर के कई बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं।

रूट के नाम फिलहाल 14,278 टेस्ट रन दर्ज हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में 15,921 रन बनाए थे। इस लिहाज से रूट सचिन के टेस्ट रन रिकॉर्ड से 1,643 रन पीछे हैं।

रूट ने टेस्ट क्रिकेट में सचिन के सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा है। इसके अलावा टेस्ट मैचों की संख्या के मामले में भी वह सचिन के 200 मैचों के रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि इस मामले में अभी उनके और सचिन के बीच अंतर काफी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक रूट ने 169 टेस्ट मैच खेले हैं।

394 इंटरनेशनल मैच और 61 शतक

जो रूट ने 2012 में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। सितंबर 2026 तक उन्होंने 394 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उनके नाम 23,041 रन हैं और वह 61 अंतरराष्ट्रीय शतक तथा 122 अर्धशतक लगा चुके हैं।

उनका सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर 262 रन है, जो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बनाया था। टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल को मिलाकर रूट ने इंग्लैंड के लिए लगातार एक लंबा और सफल करियर बनाया है।

रूट की बल्लेबाजी का एक महत्वपूर्ण पहलू उनकी निरंतरता रही है। वह अलग-अलग प्रारूपों में अपनी तकनीक के अनुसार बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट में लंबी पारियां खेलने के साथ-साथ वनडे में स्ट्राइक रोटेट करने और साझेदारियां बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें इंग्लैंड के प्रमुख बल्लेबाजों में बनाए रखा है।

विराट कोहली अब भी सबसे आगे

23 हजार रन तक पहुंचने की गति के मामले में जो रूट ने सचिन तेंदुलकर को पीछे जरूर छोड़ा है, लेकिन इस सूची में सबसे ऊपर अभी भी विराट कोहली हैं।

कोहली ने 490 पारियों में 23 हजार इंटरनेशनल रन पूरे किए थे। रूट ने 521 पारियों में यह आंकड़ा छुआ। यानी दोनों के बीच इस उपलब्धि तक पहुंचने में 31 पारियों का अंतर है। सचिन ने 522 पारियों में 23 हजार रन पूरे किए थे।

यह रिकॉर्ड यह भी दिखाता है कि आधुनिक क्रिकेट में कोहली और रूट ने किस स्तर की निरंतरता दिखाई है। दोनों अलग-अलग क्रिकेट टीमों के प्रमुख बल्लेबाज रहे हैं और लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रन बना रहे हैं।

भारत के तीन बल्लेबाज इस खास क्लब में

23 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले आठ बल्लेबाजों की सूची में भारत के तीन खिलाड़ी शामिल हैं। सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और राहुल द्रविड़ ने इस आंकड़े को पार किया है।

सचिन इस सूची में कुल रन के मामले में सबसे आगे हैं। उनके 34,357 रन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड हैं। विराट कोहली 28,359 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि राहुल द्रविड़ 24,208 रन के साथ सातवें स्थान पर हैं।

जो रूट अब इस सूची में आठवें खिलाड़ी हैं और इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने 23 हजार का आंकड़ा पार किया है।

श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की शुरुआत

इस ऐतिहासिक उपलब्धि वाले मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी की। तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में रूट ने 44 रन बनाए। इंग्लैंड ने अपनी पारी में 265 रन बनाए और इसके जवाब में श्रीलंका की टीम 176 रन पर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड ने मुकाबला 89 रन से जीतकर वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई।

इंग्लैंड की ओर से कप्तान हैरी ब्रूक ने 67 रन की पारी खेली, जबकि विल जैक्स 46 रन बनाकर नाबाद रहे। रूट की 44 रन की पारी भी टीम के स्कोर को मजबूती देने में अहम रही।

इससे पहले इंग्लैंड ने टी20 इंटरनेशनल सीरीज में श्रीलंका को 3-0 से हराया था। अब वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में जीत के साथ इंग्लैंड ने सीमित ओवरों के इस दौरे की शुरुआत भी मजबूत तरीके से की।

रिकॉर्ड के बीच एक और बड़ा नाम

जो रूट का 23 हजार इंटरनेशनल रन तक पहुंचना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक निरंतर प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों के एक छोटे से क्लब में उनकी एंट्री भी है।

रूट ने इस आंकड़े तक पहुंचने में सचिन तेंदुलकर से एक पारी कम ली। हालांकि कुल अंतरराष्ट्रीय रनों में सचिन अभी भी रूट से काफी आगे हैं। सचिन के 34,357 रन और रूट के 23,041 रन के बीच 11,000 से ज्यादा रनों का अंतर है। इसलिए यहां रूट की उपलब्धि का अर्थ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ना नहीं, बल्कि 23 हजार रन तक पहुंचने की गति के रिकॉर्ड में सचिन से आगे निकलना है।

वहीं, कुल रनों की सूची में विराट कोहली भी रूट से काफी आगे हैं। ऐसे में 23 हजार रन तक पहुंचने की गति और करियर के कुल रन, दोनों अलग-अलग रिकॉर्ड हैं और इन्हें एक ही पैमाने पर नहीं देखा जाना चाहिए।

रूट के करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय

जो रूट के लिए श्रीलंका के खिलाफ पहला वनडे उनके करियर की उन पारियों में शामिल हो गया है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने भले ही 44 रन बनाए हों, लेकिन इस पारी के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 23 हजार रन पूरे किए और सचिन तेंदुलकर के 522 पारियों वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इस मुकाम तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बन गए।

अब इस सूची में विराट कोहली 490 पारियों के साथ सबसे आगे हैं, रूट 521 पारियों के साथ दूसरे और सचिन 522 पारियों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

रूट की उम्र 35 साल है और दिसंबर 2026 में वह 36 वर्ष के हो जाएंगे। उनके पास अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगे रन जोड़ने का अवसर है। ऐसे में आने वाले समय में उनकी नजरें कुल रनों की सूची में ऊपर बढ़ने और टेस्ट क्रिकेट में अपने आंकड़ों को और मजबूत करने पर होंगी।

23 हजार रन पूरे करने के साथ जो रूट ने एक बार फिर साबित किया कि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर केवल इंग्लैंड के लिए ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के लंबे और निरंतर बल्लेबाजी करियरों की सूची में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय बन चुका है। सचिन तेंदुलकर को एक पारी के अंतर से पीछे छोड़ना इस उपलब्धि का खास हिस्सा जरूर है, लेकिन 23 हजार के क्लब में शामिल होना अपने आप में उनके करियर की एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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