पेट्रोल, इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड… महंगी कारों के शौकीन क्या खरीद रहे हैं? जानें लग्जरी कार बाजार का नया ट्रेंड

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भारत में कार बाजार तेजी से बदल रहा है। खासकर प्रीमियम और लग्जरी कार सेगमेंट में ग्राहकों की पसंद अब केवल ब्रांड, डिजाइन, पावर और फीचर्स तक सीमित नहीं रह गई है। कार खरीदते समय पावरट्रेन यानी कार पेट्रोल से चलती है, हाइब्रिड है या पूरी तरह इलेक्ट्रिक, यह भी एक महत्वपूर्ण फैसला बनता जा रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर भारतीय ग्राहकों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां शुरुआती दौर में रेंज, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी को लेकर चिंता थी, वहीं अब खासकर बड़े शहरों और प्रीमियम कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर स्वीकार्यता बढ़ी है। दूसरी तरफ पेट्रोल कारों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है, जबकि हाइब्रिड मॉडल ऐसे ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं जो इलेक्ट्रिफिकेशन की तरफ बढ़ना चाहते हैं, लेकिन पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार पर जाने को लेकर अभी आश्वस्त नहीं हैं।

लग्जरी कार बाजार में बढ़ रही है इलेक्ट्रिक कारों की मौजूदगी

भारतीय लग्जरी कार बाजार में 2026 की पहली छमाही के दौरान बिक्री में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वाहन रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में लग्जरी कार सेगमेंट में 26,688 कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। इस दौरान इलेक्ट्रिक मॉडल की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

यह बदलाव केवल नए मॉडल लॉन्च होने की वजह से नहीं है। लग्जरी कार कंपनियां अब अपने इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही हैं। ग्राहक भी इलेक्ट्रिक कारों को केवल पर्यावरण के नजरिए से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, आराम, तेज एक्सीलरेशन, कम शोर और आधुनिक फीचर्स के कारण देख रहे हैं।

प्रीमियम कार खरीदारों के लिए कार का अनुभव बहुत मायने रखता है। इलेक्ट्रिक मोटर का तत्काल टॉर्क, शांत केबिन, डिजिटल फीचर्स और एडवांस्ड ड्राइविंग तकनीक इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक कारों की अपील बढ़ा रहे हैं।

BMW की बिक्री में हर चौथी कार इलेक्ट्रिक

लग्जरी सेगमेंट में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती स्वीकार्यता का एक बड़ा उदाहरण BMW का प्रदर्शन है। BMW Group India ने जनवरी से जून 2026 के दौरान कुल 9,075 कारें बेचीं। इनमें 2,359 इलेक्ट्रिक वाहन थे। कंपनी के अनुसार उसकी इलेक्ट्रिक कार बिक्री में सालाना आधार पर 78 प्रतिशत की वृद्धि हुई। H1 2026 में BMW Group India की कुल बिक्री में EV की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही, यानी लगभग हर चार में से एक कार इलेक्ट्रिक थी।

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लग्जरी कार खरीदारों के पास आम तौर पर कई विकल्प होते हैं। वे केवल कीमत के आधार पर फैसला नहीं लेते, बल्कि ब्रांड वैल्यू, प्रदर्शन, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और सुविधा जैसे कई पहलुओं को देखते हैं।

BMW के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि प्रीमियम ग्राहक इलेक्ट्रिक तकनीक को अपनाने के लिए तैयार हैं, खासकर तब जब उन्हें पारंपरिक लग्जरी कार के स्तर का प्रदर्शन और सुविधा इलेक्ट्रिक मॉडल में मिलती है।

Mercedes-Benz में भी EV की हिस्सेदारी बढ़ी

Mercedes-Benz India के आंकड़े भी लग्जरी कार बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती भूमिका की ओर इशारा करते हैं। 2026 की पहली छमाही में कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत रही। वहीं कुछ प्रीमियम कैटेगरी में EV की हिस्सेदारी इससे भी अधिक रही।

Mercedes-Benz ने 2026 में भारत में अपनी इलेक्ट्रिक पेशकश को आगे बढ़ाया है। नई CLA Electric जैसी कारों को लेकर ग्राहकों की रुचि ने भी कंपनी के EV पोर्टफोलियो को मजबूती दी है। रिपोर्ट के मुताबिक नई CLA के लिए 2026 की उपलब्ध यूनिट्स पूरी तरह बिक चुकी थीं, जबकि EQS SUV के लिए भी वेटिंग पीरियड दर्ज किया गया।

हालांकि Mercedes-Benz का दृष्टिकोण केवल इलेक्ट्रिक कारों तक सीमित नहीं है। कंपनी पेट्रोल, डीजल, बैटरी इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड जैसे अलग-अलग पावरट्रेन विकल्प उपलब्ध करा रही है। इसका मतलब है कि लग्जरी कार बाजार में अभी किसी एक तकनीक ने बाकी सभी विकल्पों को पूरी तरह पीछे नहीं छोड़ा है।

पेट्रोल कारों की मांग अभी भी मजबूत

इलेक्ट्रिक वाहनों की तेज वृद्धि के बावजूद पेट्रोल कारों की मांग खत्म नहीं हुई है। लग्जरी सेगमेंट में पेट्रोल अभी भी सबसे अधिक बिकने वाले व्यक्तिगत पावरट्रेन विकल्पों में बना हुआ है।

इसके पीछे कई कारण हैं।

पहला कारण ड्राइविंग एक्सपीरियंस है। कई लग्जरी कार खरीदारों के लिए इंजन की आवाज, एक्सीलरेशन का अनुभव, हाईवे पर लंबी दूरी की क्षमता और परफॉर्मेंस अब भी महत्वपूर्ण हैं।

दूसरा कारण लंबी दूरी की यात्रा है। इलेक्ट्रिक कारों में चार्जिंग नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन लंबी दूरी की यात्राओं में पेट्रोल कार अभी भी कई ग्राहकों के लिए अधिक परिचित और सुविधाजनक विकल्प है।

तीसरा कारण यह है कि लग्जरी कार बाजार में ऐसे ग्राहक भी हैं जो कार को केवल आने-जाने के साधन के रूप में नहीं देखते। स्पोर्ट्स और परफॉर्मेंस ओरिएंटेड मॉडल खरीदने वाले ग्राहक इंजन और ड्राइविंग डायनेमिक्स को प्राथमिकता दे सकते हैं।

Mercedes-Benz के 2026 के प्रदर्शन में भी यह देखने को मिला। कंपनी के टॉप-एंड सेगमेंट की बिक्री में पहली छमाही के दौरान 20 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। AMG बिजनेस में भी लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि इलेक्ट्रिफिकेशन बढ़ने के बावजूद हाई-परफॉर्मेंस लग्जरी कारों की मांग बनी हुई है।

हाइब्रिड बन रही है बीच का रास्ता

पेट्रोल और इलेक्ट्रिक के बीच हाइब्रिड कारें एक अलग विकल्प के रूप में उभर रही हैं। हाइब्रिड कार में इंटरनल कंबशन इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। तकनीक के प्रकार के आधार पर इलेक्ट्रिक मोटर इंजन को सहायता दे सकती है या कुछ परिस्थितियों में वाहन को केवल इलेक्ट्रिक पावर पर भी चला सकती है।

लग्जरी कार खरीदारों के लिए हाइब्रिड का आकर्षण इस वजह से है कि इसमें इलेक्ट्रिफिकेशन के कुछ फायदे मिलते हैं, जबकि पेट्रोल इंजन की मौजूदगी लंबी दूरी की यात्रा के लिए अतिरिक्त सुविधा देती है।

ऑटो सेक्टर के जानकारों के मुताबिक, ऐसे ग्राहक जो नई तकनीक अपनाना चाहते हैं लेकिन पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार की ओर जाने में अभी हिचक रहे हैं, उनके लिए हाइब्रिड एक व्यावहारिक विकल्प बन सकती है।

यही कारण है कि हाइब्रिड को कई खरीदार इलेक्ट्रिक कारों की तरफ बढ़ने के बीच एक ट्रांजिशन टेक्नोलॉजी के तौर पर देख रहे हैं।

शहरों में EV को क्यों मिल रही है ज्यादा पसंद?

शहरी लग्जरी कार खरीदारों के लिए इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल कई मामलों में आसान हो सकता है। यदि किसी ग्राहक के पास घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा है और रोजाना की ड्राइविंग एक सीमित दायरे में होती है, तो रेंज को लेकर चिंता अपेक्षाकृत कम हो जाती है।

इसके अलावा लग्जरी EV में कंपनियां लंबी रेंज, तेज चार्जिंग, प्रीमियम इंटीरियर, कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड ड्राइविंग फीचर्स और बेहतर परफॉर्मेंस जैसे विकल्प दे रही हैं।

देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की कुल बिक्री भी बढ़ रही है। अगस्त 2026 में भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की रिटेल बिक्री 30,418 यूनिट रही। यह लगातार तीसरा महीना था जब मासिक EV पैसेंजर वाहन बिक्री 30,000 यूनिट के पार रही।

हालांकि लग्जरी और मास-मार्केट कार बाजार की तुलना सीधे तौर पर नहीं की जा सकती। दोनों सेगमेंट के खरीदारों की जरूरतें, बजट और कार इस्तेमाल करने का तरीका अलग होता है।

सिर्फ पावरट्रेन नहीं, पूरा पैकेज देख रहे हैं ग्राहक

लग्जरी कार खरीदारों के फैसले को केवल पेट्रोल बनाम EV के रूप में देखना सही नहीं होगा। इस सेगमेंट में ग्राहक कई चीजों को एक साथ देखते हैं।

ब्रांड की प्रतिष्ठा, कार का डिजाइन, केबिन क्वालिटी, सीट कम्फर्ट, इंफोटेनमेंट सिस्टम, ADAS जैसे फीचर्स, परफॉर्मेंस, सर्विस नेटवर्क, रीसेल वैल्यू और कार की कुल ओनरशिप कॉस्ट भी खरीदारी के फैसले को प्रभावित करती है।

इसी वजह से एक ग्राहक इलेक्ट्रिक BMW या Mercedes को चुन सकता है, जबकि दूसरा ग्राहक पेट्रोल इंजन वाली परफॉर्मेंस कार को प्राथमिकता दे सकता है। वहीं तीसरा ग्राहक हाइब्रिड को दोनों तकनीकों के बीच संतुलित विकल्प मान सकता है।

BMW के आंकड़ों में भी यह दिखाई देता है कि ग्राहक केवल इलेक्ट्रिक कारों की तरफ ही नहीं जा रहे, बल्कि लॉन्ग-व्हीलबेस मॉडल और SUV जैसी कैटेगरी में भी मजबूत रुचि दिखा रहे हैं। H1 2026 में BMW की लॉन्ग-व्हीलबेस कारों की बिक्री 24 प्रतिशत बढ़ी और इनकी हिस्सेदारी कंपनी की कुल बिक्री में 52 प्रतिशत रही।

आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होगा

भारतीय लग्जरी कार बाजार में आने वाले समय में तीनों पावरट्रेन के बीच प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है। कंपनियां एक तरफ नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर रही हैं, तो दूसरी तरफ पेट्रोल और हाइब्रिड तकनीक को भी खत्म नहीं कर रही हैं।

प्रीमियम सेगमेंट में इलेक्ट्रिफाइड कारों की हिस्सेदारी बढ़ने का संकेत अन्य बाजार आंकड़ों से भी मिलता है। जनवरी से मई 2026 के दौरान 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले पैसेंजर वाहन सेगमेंट में इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों ने मिलकर लगभग आधी रजिस्ट्रेशन हिस्सेदारी हासिल की थी, हालांकि यह आंकड़ा लग्जरी बाजार की एक विशिष्ट कीमत श्रेणी से संबंधित है और इसे पूरे कार बाजार का प्रतिनिधि नहीं माना जाना चाहिए।

इससे एक बात साफ होती है कि लग्जरी कार बाजार में इलेक्ट्रिफिकेशन अब केवल भविष्य की संभावना नहीं है। यह मौजूदा खरीदारी व्यवहार का हिस्सा बन चुका है।

तो आखिर महंगी कारों के खरीदार क्या खरीद रहे हैं?

इसका जवाब किसी एक पावरट्रेन में नहीं है। पेट्रोल कारें अभी भी मजबूत स्थिति में हैं, खासकर उन ग्राहकों के बीच जो पारंपरिक ड्राइविंग अनुभव और परफॉर्मेंस को महत्व देते हैं। इलेक्ट्रिक कारें तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं, खासकर टेक्नोलॉजी और शहरी इस्तेमाल को प्राथमिकता देने वाले प्रीमियम ग्राहकों के बीच। वहीं हाइब्रिड उन खरीदारों के लिए विकल्प बन रही है जो इलेक्ट्रिफिकेशन चाहते हैं, लेकिन पेट्रोल इंजन की सुविधा भी बनाए रखना चाहते हैं।

इसलिए भारतीय लग्जरी कार बाजार फिलहाल पेट्रोल से सीधे इलेक्ट्रिक की ओर जाने वाली एक सरल कहानी नहीं है। यहां तीनों पावरट्रेन एक साथ मौजूद हैं और अलग-अलग तरह के ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन रहे हैं।

आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों की संख्या बढ़ने की संभावना के साथ लग्जरी ब्रांड्स के बीच मुकाबला केवल इंजन या बैटरी तक सीमित नहीं रहेगा। रेंज, चार्जिंग सुविधा, परफॉर्मेंस, लग्जरी फीचर्स, टेक्नोलॉजी और ग्राहक अनुभव जैसे पहलू यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि कौन सा पावरट्रेन किस ग्राहक वर्ग में अपनी जगह मजबूत करता है।

फिलहाल आंकड़ों का संकेत यही है कि पेट्रोल की पकड़ अभी कायम है, इलेक्ट्रिक तेजी से बढ़ रही है और हाइब्रिड एक व्यावहारिक मध्य विकल्प के रूप में अपनी जगह बना रही है।

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