
IND vs WI 5th T20I: बारिश ने बिगाड़ा निर्णायक मुकाबला, भारत-वेस्टइंडीज की सीरीज 2-2 से बराबर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का निर्णायक मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में बारिश की भेंट चढ़ गया। सीरीज के पांचवें और आखिरी मैच से पहले दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं। ऐसे में इस मुकाबले से सीरीज का विजेता तय होना था, लेकिन लगातार बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो सका। अंततः मुकाबले को रद्द कर दिया गया और दोनों टीमों के बीच सीरीज 2-2 से बराबर रही।
बारिश ने मैच की शुरुआत से ही खिलाड़ियों और दर्शकों की उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया था। निर्धारित समय पर टॉस नहीं हो सका और मैदान पर कवर्स लगे रहे। मौसम में कुछ सुधार होने के बाद मुकाबला शुरू हुआ, लेकिन बारिश के कारण इसे घटाकर नौ-नौ ओवर का कर दिया गया। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
भारतीय टीम ने कम ओवरों वाले मुकाबले में तेजी से रन बनाने की कोशिश की। ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और नमन धीर ने पारी में योगदान दिया। भारत ने शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सबसे तेज टीम अर्धशतक भी पूरा किया। लेकिन जब पारी 7.4 ओवर तक पहुंची, तभी बारिश फिर शुरू हो गई और खेल रोकना पड़ा।
बारिश लंबे समय तक जारी रही। मैदान को दोबारा खेलने लायक बनाने की कोशिशों के बावजूद मुकाबला आगे नहीं बढ़ सका। आखिरकार अधिकारियों ने मैच रद्द करने का फैसला लिया। इस तरह सीरीज का निर्णायक मैच बिना परिणाम के समाप्त हुआ और दोनों टीमों को सीरीज साझा करनी पड़ी।
शुरुआत से ही बारिश ने बढ़ाई परेशानी
बेंगलुरु में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवें टी20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह था। चार मैचों के बाद सीरीज 2-2 से बराबर थी, इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद महत्वपूर्ण था। भारत घरेलू मैदान पर सीरीज जीतना चाहता था, जबकि वेस्टइंडीज के पास भारतीय टीम के खिलाफ सीरीज अपने नाम करने का अवसर था।
हालांकि, मुकाबले से पहले ही मौसम ने चुनौती पेश कर दी। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में बारिश के कारण टॉस में देरी हुई। पिच और मैदान को कवर्स से ढक दिया गया था, जबकि खिलाड़ी और दर्शक मैच शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।
मैच शुरू होने में देरी के बावजूद उम्मीद थी कि मौसम साफ होने पर मुकाबला कराया जा सकेगा। मैदान के कर्मचारियों ने खेल दोबारा शुरू करने की तैयारी की, लेकिन मौसम लगातार अनिश्चित बना रहा। बारिश के कारण मैच का निर्धारित प्रारूप बदलना पड़ा और इसे नौ-नौ ओवर का कर दिया गया।
छोटे प्रारूप में बल्लेबाजों के पास पारी संभालने के लिए कम समय होता है। ऐसे मुकाबलों में शुरुआत से ही तेजी से रन बनाने की जरूरत होती है। गेंदबाजों को भी कम ओवरों में विरोधी टीम को रोकने की रणनीति बनानी पड़ती है। भारत और वेस्टइंडीज दोनों के लिए यह एक अलग तरह की चुनौती थी।
वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। इससे भारतीय बल्लेबाजों को पहले बल्लेबाजी करते हुए एक ऐसा स्कोर खड़ा करना था, जिसे बारिश के कारण कम हुए मुकाबले में प्रतिस्पर्धी माना जा सके। लेकिन पारी के बीच में बारिश लौट आई और मैच आगे नहीं बढ़ पाया।
वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी
सीरीज के पांचवें मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। बारिश से प्रभावित परिस्थितियों में यह फैसला महत्वपूर्ण था, क्योंकि कम ओवरों के मैच में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को उपलब्ध परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाने का मौका मिल सकता है।
भारतीय टीम के सामने शुरुआत से रन गति बढ़ाने की चुनौती थी। नौ ओवर की पारी में बल्लेबाजों के पास पारी को लंबे समय तक संभालने का अवसर सीमित था। ऐसे में शुरुआती ओवरों में रन बनाना और विकेट बचाए रखना दोनों महत्वपूर्ण थे।
भारत ने आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती ओवरों में तेजी से रन जुटाए। टीम ने केवल 2.5 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए। यह पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का सबसे तेज टीम अर्धशतक रहा। बारिश से प्रभावित मैच में यह उपलब्धि भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत को दर्शाती है।
हालांकि, तेजी से रन बनाने की कोशिश में विकेट भी गिरे। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी को रोकने का प्रयास किया। लेकिन नमन धीर ने अंत के ओवरों में तेजी से रन बनाकर पारी को गति दी।
भारत की पारी अभी नौ ओवर पूरे होने से पहले ही थी कि बारिश ने फिर खेल रोक दिया। उस समय टीम ने 7.4 ओवर बल्लेबाजी की थी। इसके बाद मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका।
ईशान किशन ने बनाए सर्वाधिक 30 रन
भारत की पारी में ईशान किशन सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 30 रन की उपयोगी पारी खेली और कम ओवरों वाले मुकाबले में टीम को तेजी से रन बनाने में मदद की।
ईशान ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। नौ ओवर के मैच में बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने और रन गति बनाए रखने की जरूरत होती है। उनकी पारी ने भारत को तेज शुरुआत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हालांकि, कम ओवरों के प्रारूप में बल्लेबाजों को जोखिम और नियंत्रण के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। ईशान की पारी ने भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त दिलाने में मदद की, लेकिन वह इसे लंबी पारी में नहीं बदल सके।
उनके अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 रन बनाए। उन्होंने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की और टीम के स्कोर में योगदान दिया। संजू सैमसन ने भी 16 रन बनाए। इन बल्लेबाजों की कोशिश थी कि भारतीय टीम बारिश से प्रभावित मैच में कम समय के बावजूद मजबूत स्कोर तक पहुंचे।
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट लेकर भारत की रन गति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कीमो पॉल और शमर स्प्रिंगर ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि शमर जोसेफ को एक विकेट मिला।
मैच के नौ ओवर तक पहुंचने से पहले ही बारिश लौट आई, इसलिए भारतीय पारी पूरी नहीं हो सकी। इस कारण यह तय नहीं हो पाया कि निर्धारित नौ ओवरों में भारत कितना बड़ा स्कोर बना सकता था और वेस्टइंडीज लक्ष्य का पीछा करते हुए कैसा प्रदर्शन करता।
नमन धीर ने अंत में दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी
भारतीय पारी के दौरान नमन धीर ने तेजी से रन बनाए। वह 24 रन बनाकर नाबाद रहे। बारिश से प्रभावित मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी ने भारत के स्कोर को गति देने में योगदान दिया।
कम ओवरों के मैच में निचले क्रम के बल्लेबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। उनके पास पारी को संभालने के लिए कम समय होता है, इसलिए उन्हें उपलब्ध गेंदों का अधिकतम उपयोग करना पड़ता है। नमन धीर ने भी यही कोशिश की और तेजी से रन जुटाए।
उनकी नाबाद पारी के कारण भारत के पास बारिश के कारण बाधित होने से पहले एक उपयोगी स्कोर बनाने का अवसर था। हालांकि, मैच नौ ओवर पूरे होने से पहले ही रुक गया, इसलिए नमन धीर को अपनी पारी को आगे बढ़ाने का मौका नहीं मिला।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि सीरीज का विजेता तय होना था। बारिश के कारण मैच के ओवर घटने के बावजूद बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत की। भारत ने शुरुआती ओवरों में रिकॉर्ड तेजी से 50 रन पूरे किए और बाद में नमन धीर ने रन गति बनाए रखने में योगदान दिया।
लेकिन क्रिकेट में रणनीति और प्रदर्शन के साथ मौसम की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इस मैच में खिलाड़ियों की मेहनत के बावजूद बारिश ने मुकाबले को अधूरा छोड़ दिया।
भारत ने 2.5 ओवर में पूरा किया सबसे तेज टीम अर्धशतक
इस मैच की एक खास उपलब्धि भारतीय टीम का सबसे तेज टीम अर्धशतक रहा। भारत ने केवल 2.5 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए। यह पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का सबसे तेज टीम अर्धशतक था।
टी20 क्रिकेट में शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाना मैच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। बल्लेबाजी करने वाली टीम यदि शुरुआत में तेज रन जुटाती है, तो विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बढ़ता है और कप्तान को अपनी गेंदबाजी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
हालांकि, तेज शुरुआत के साथ विकेट बचाए रखना भी जरूरी होता है। इस मैच में भारत ने आक्रामक बल्लेबाजी की, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने विकेट लेकर मुकाबले में बने रहने की कोशिश की।
बारिश के कारण मैच छोटा कर दिए जाने से भारतीय बल्लेबाजों के सामने रन गति बढ़ाने की जरूरत और अधिक थी। टीम के तेज अर्धशतक ने यह दिखाया कि खिलाड़ियों ने कम समय में अधिक रन बनाने की रणनीति अपनाई थी।
यह उपलब्धि मैच के रद्द होने के बावजूद भारतीय पारी का उल्लेखनीय हिस्सा रही। हालांकि, किसी रिकॉर्ड का महत्व मैच के परिणाम से अलग होता है। भारत ने तेज टीम अर्धशतक बनाया, लेकिन बारिश के कारण सीरीज के निर्णायक मुकाबले का परिणाम नहीं निकल सका।
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने लिए महत्वपूर्ण विकेट
वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। कीमो पॉल और शमर स्प्रिंगर ने दो-दो विकेट लिए, जबकि शमर जोसेफ को एक सफलता मिली।
नौ ओवर के मैच में गेंदबाजों के पास गलती सुधारने के लिए ज्यादा समय नहीं होता। एक महंगा ओवर या लगातार बाउंड्री मैच का रुख बदल सकती है। ऐसे में गेंदबाजों को लाइन और लेंथ पर नियंत्रण रखते हुए विकेट लेने के मौके तलाशने होते हैं।
भारत की आक्रामक शुरुआत के बावजूद वेस्टइंडीज ने विकेट लेकर स्कोर को नियंत्रित करने की कोशिश की। लेकिन बारिश के कारण मुकाबला बीच में रुक जाने से गेंदबाजों को पूरी पारी में अपनी रणनीति लागू करने का अवसर नहीं मिला।
वेस्टइंडीज की टीम के लिए यह मैच सीरीज जीतने का अवसर था। यदि मुकाबला पूरा होता, तो भारतीय पारी के बाद उसे कम ओवरों में लक्ष्य का पीछा करना पड़ता। लेकिन बारिश के कारण यह चरण शुरू ही नहीं हो सका।
इस तरह गेंदबाजों के प्रदर्शन और भारतीय बल्लेबाजों की शुरुआत के बावजूद मैच का अंतिम परिणाम मौसम ने तय कर दिया।
सीरीज 2-2 से बराबर, निर्णायक मैच का नहीं निकला नतीजा
पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत और वेस्टइंडीज ने दो-दो मुकाबले जीते थे। पांचवां मैच सीरीज का निर्णायक मुकाबला था। दोनों टीमों के पास सीरीज अपने नाम करने का अवसर था, लेकिन बारिश के कारण मैच रद्द हो गया।
द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में यदि निर्णायक मुकाबला बिना परिणाम के समाप्त हो जाता है और पहले के मैचों के बाद दोनों टीमें बराबर हों, तो सीरीज भी बराबरी पर समाप्त हो सकती है। इस सीरीज में यही स्थिति बनी।
भारत घरेलू मैदान पर सीरीज जीतना चाहता था, जबकि वेस्टइंडीज के पास भारत में सीरीज जीतने का मौका था। पांचवें मैच के रद्द होने से दोनों टीमों को यह अवसर नहीं मिल पाया कि वे आखिरी मुकाबले के जरिए बढ़त हासिल करें।
सीरीज का 2-2 से समाप्त होना दोनों टीमों के लिए अलग-अलग मायने रखता है। खिलाड़ियों ने चार मैचों में जीत और हार के जरिए मुकाबले को निर्णायक स्थिति तक पहुंचाया था, लेकिन अंतिम मैच में मौसम ने परिणाम निकलने नहीं दिया।
क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह निराशाजनक रहा, क्योंकि बराबरी पर चल रही सीरीज में अंतिम मुकाबला आम तौर पर सबसे ज्यादा रोमांच पैदा करता है। बारिश के कारण दर्शकों को पूरा मैच देखने का मौका नहीं मिला।
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में बारिश की चुनौती
बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का प्रमुख मैदान है। यहां बड़ी संख्या में दर्शक मैच देखने पहुंचते हैं और मैदान पर कई यादगार मुकाबले खेले गए हैं। लेकिन बारिश के कारण इस बार निर्णायक मैच पूरा नहीं हो सका।
इस स्टेडियम की जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी माना जाता है, लेकिन लगातार या तेज बारिश होने पर मैदान को दोबारा खेलने लायक बनाना मुश्किल हो सकता है। केवल पिच से कवर्स हटाना पर्याप्त नहीं होता। आउटफील्ड की स्थिति, गीले हिस्से, खिलाड़ियों की सुरक्षा और गेंद के व्यवहार को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
बारिश रुकने के बाद मैदानकर्मियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि खिलाड़ियों के फिसलने का खतरा न हो और गेंद तथा मैदान की परिस्थितियां खेल के लिए उपयुक्त हों। यदि बारिश बार-बार शुरू हो जाए, तो यह प्रक्रिया और कठिन हो जाती है।
इस मुकाबले में शुरुआत से ही मौसम बाधा बना रहा। पहले टॉस में देरी हुई, फिर मैच नौ-नौ ओवर का किया गया और अंत में पारी के दौरान बारिश लौट आई। लंबे इंतजार के बाद भी मैदान को खेलने के लिए उपयुक्त नहीं बनाया जा सका।
आखिरकार मैच अधिकारियों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला लिया। इससे स्पष्ट हुआ कि अच्छी जल निकासी व्यवस्था होने के बावजूद लगातार बारिश अंतरराष्ट्रीय मैच को प्रभावित कर सकती है।
बारिश से प्रभावित टी20 मैच के नियम क्या कहते हैं?
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बारिश होने पर मैच को छोटा किया जा सकता है। यदि निर्धारित समय के भीतर पूरा मुकाबला खेलना संभव न हो, तो अधिकारियों के पास उपलब्ध समय और परिस्थितियों के आधार पर ओवर घटाने का विकल्प होता है।
आमतौर पर किसी परिणाम के लिए दोनों टीमों को कम से कम पांच-पांच ओवर बल्लेबाजी करने का अवसर मिलना जरूरी होता है, जब तक कि लक्ष्य पहले हासिल न हो जाए या नियमों में कोई अन्य अपवाद लागू न हो। यदि दोनों टीमों को आवश्यक ओवर खेलने का अवसर मिलता है, तो बारिश से प्रभावित मुकाबले में डकवर्थ-लुईस-स्टर्न यानी डीएलएस पद्धति का उपयोग किया जा सकता है।
लेकिन यदि मौसम के कारण जरूरी ओवर पूरे नहीं हो पाते और कोई परिणाम निकालना संभव नहीं होता, तो मैच को बिना परिणाम के घोषित किया जा सकता है। ऐसे में सीरीज का परिणाम पहले खेले गए मैचों के नतीजों पर निर्भर करता है।
भारत और वेस्टइंडीज के पांचवें टी20 मुकाबले में बारिश के कारण खेल रुक गया और नौ ओवर की निर्धारित पारी भी पूरी नहीं हो सकी। लगातार बारिश और मैदान की परिस्थितियों के कारण मैच को आगे बढ़ाना संभव नहीं हुआ। इसलिए मुकाबले को रद्द करना पड़ा।
इस फैसले के बाद पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर रही। दोनों टीमों को अंतिम मैच में जीत हासिल कर सीरीज अपने नाम करने का अवसर नहीं मिला।
भारतीय टीम के लिए क्या रहा खास?
हालांकि भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी20 मुकाबला रद्द हो गया, फिर भी भारतीय पारी में कुछ उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिले। ईशान किशन ने 30 रन बनाए, श्रेयस अय्यर ने 22 रन का योगदान दिया, संजू सैमसन ने 16 रन बनाए और नमन धीर 24 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत ने केवल 2.5 ओवर में टीम के 50 रन पूरे कर पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सबसे तेज टीम अर्धशतक दर्ज किया। बारिश से प्रभावित मैच में यह तेज शुरुआत भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामक रणनीति को दर्शाती है।
गेंदबाजी में वेस्टइंडीज की ओर से कीमो पॉल और शमर स्प्रिंगर ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि शमर जोसेफ को एक विकेट मिला। इससे पता चलता है कि भारतीय बल्लेबाजों की तेज शुरुआत के बावजूद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं।
भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी चर्चा का विषय रही। उन्हें अर्शदीप सिंह के कवर के तौर पर टीम में शामिल किया गया था। घरेलू मैदान पर वापसी का यह अवसर उनके लिए खास हो सकता था, लेकिन बारिश के कारण मुकाबला आगे नहीं बढ़ पाया।
इसलिए मैच का मूल्यांकन केवल परिणाम के आधार पर नहीं किया जा सकता। भारतीय टीम ने तेजी से रन बनाए और कुछ बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान दिया, लेकिन बारिश के कारण पारी पूरी नहीं हो सकी और टीम को सीरीज जीतने का अवसर नहीं मिला।
क्रिकेट प्रशंसकों को हुई निराशा
सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण पांचवें मैच को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह था। निर्णायक मुकाबले में दोनों टीमों के सामने सीरीज जीतने का अवसर था। लेकिन बारिश के कारण टॉस में देरी, ओवरों में कटौती और फिर मैच रद्द होने से दर्शकों को पूरा मुकाबला देखने का मौका नहीं मिला।
दर्शक उम्मीद कर रहे थे कि नौ-नौ ओवर का छोटा मैच भी रोमांचक साबित होगा। भारत की तेज शुरुआत ने इस उम्मीद को और बढ़ाया। टीम ने शुरुआती 2.5 ओवर में 50 रन पूरे किए, जिससे मुकाबले में आक्रामक क्रिकेट देखने को मिला।
लेकिन पारी के 7.4 ओवर पूरे होने के बाद बारिश फिर शुरू हो गई। लंबे इंतजार के बाद भी मैच दोबारा शुरू नहीं हो सका। इस तरह दर्शकों को न तो भारत की पूरी पारी देखने को मिली और न ही वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी देखने का अवसर मिला।
खेल में मौसम की भूमिका कई बार निर्णायक हो जाती है। खिलाड़ियों की तैयारी, रणनीति और प्रदर्शन के बावजूद बारिश मुकाबले का परिणाम बदल सकती है। बेंगलुरु में खेले गए इस मैच में भी ऐसा ही हुआ।
आगे क्या मायने रखता है यह नतीजा?
भारत और वेस्टइंडीज की सीरीज 2-2 से बराबर समाप्त होने के कारण किसी भी टीम को निर्णायक मुकाबले में जीत नहीं मिली। भारत को घरेलू मैदान पर सीरीज जीतने का अवसर नहीं मिला, जबकि वेस्टइंडीज भी अंतिम मैच जीतकर सीरीज अपने नाम नहीं कर सका।
सीरीज का यह परिणाम दोनों टीमों के लिए अपने प्रदर्शन की समीक्षा करने का अवसर है। भारत के लिए शुरुआती बल्लेबाजी, मध्य ओवरों में विकेटों का प्रबंधन और तेज शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलना महत्वपूर्ण पहलू हैं। वेस्टइंडीज के लिए गेंदबाजी में विकेट हासिल करना और सीमित ओवरों में दबाव बनाए रखना अहम रहा।
हालांकि, पांचवें मैच के आधार पर किसी टीम के पूरे दौरे का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा, क्योंकि मुकाबला अधूरा रहा। खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन पूरे मैचों और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर करना होगा।
इस सीरीज का अंतिम मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने से क्रिकेट प्रशंसकों को निर्णायक नतीजे का इंतजार अधूरा छोड़ना पड़ा। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुई। भारत की तेज बल्लेबाजी और सबसे तेज टीम अर्धशतक इस मुकाबले की प्रमुख उपलब्धियां रहीं, लेकिन लगातार बारिश ने मैच को पूरा होने नहीं दिया।