WPL 2027 ऑक्शन में 146 खिलाड़ियों की किस्मत दांव पर, सिर्फ 27 स्लॉट खाली, 28 अक्टूबर को कोच्चि में लगेगी बोली

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WPL 2027 ऑक्शन: 146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली, सिर्फ 27 को मिलेगा मौका, सोफिया डंकली और सोफी मोलिन्यू पर रहेंगी नजरें

महिला प्रीमियर लीग (WPL) के 2027 सीजन से पहले खिलाड़ियों की नीलामी की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी नीलामी सूची में कुल 146 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इन खिलाड़ियों को पांच फ्रेंचाइजी टीमों में उपलब्ध केवल 27 स्थानों के लिए अपनी दावेदारी पेश करनी होगी। नीलामी का आयोजन 28 अक्टूबर 2026 को केरल के कोच्चि में किया जाएगा। ऐसे में कई खिलाड़ियों के लिए यह दिन उनके क्रिकेट करियर की दिशा बदल सकता है, जबकि कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को भी नई टीम तलाशनी होगी।

इस बार की नीलामी में भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण देखने को मिलेगा। कुल 146 खिलाड़ियों में 119 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों में 22 कैप्ड और 97 अनकैप्ड क्रिकेटर हैं। वहीं विदेशी खिलाड़ियों के समूह में 14 कैप्ड और 13 अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं। छह खिलाड़ी एसोसिएट देशों से भी नीलामी का हिस्सा बनेंगी।

हालांकि, नीलामी में शामिल होना और किसी टीम में जगह मिलना अलग-अलग बातें हैं। पांचों टीमों के पास मिलाकर केवल 27 खाली स्लॉट हैं, जिनमें 20 भारतीय और सात विदेशी खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध हैं। इसका अर्थ है कि सभी खिलाड़ियों को टीमों की जरूरत, उपलब्ध बजट, प्रदर्शन और रणनीति के आधार पर प्रतिस्पर्धा करनी होगी।

इस नीलामी में इंग्लैंड की सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू सबसे ऊंचे बेस प्राइस यानी 50 लाख रुपये के वर्ग में शामिल हैं। भारतीय बल्लेबाज जी कमलिनी और किरण नवगिरे के साथ ऑस्ट्रेलिया की हीथर ग्राहम और जेस जोनासन ने 40 लाख रुपये का बेस प्राइस रखा है। इन खिलाड़ियों पर टीमों की नजर रह सकती है, लेकिन अंतिम बोली का फैसला फ्रेंचाइजी की रणनीति और जरूरतों पर निर्भर करेगा।

28 अक्टूबर को कोच्चि में सजेगा ऑक्शन का मंच

WPL 2027 की खिलाड़ी नीलामी 28 अक्टूबर को केरल के कोच्चि में आयोजित होगी। पांचों फ्रेंचाइजी इस नीलामी के जरिए अपने स्क्वॉड में खाली स्थान भरने और आगामी सीजन के लिए टीम को मजबूत करने की कोशिश करेंगी।

नीलामी किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए केवल खिलाड़ियों को खरीदने का कार्यक्रम नहीं होती। टीमों को अपने उपलब्ध बजट, पहले से मौजूद खिलाड़ियों, बल्लेबाजी और गेंदबाजी की जरूरतों तथा संभावित संयोजन को ध्यान में रखकर फैसला लेना पड़ता है। कई बार किसी खिलाड़ी का अनुभव उसे महत्वपूर्ण बनाता है, जबकि कुछ खिलाड़ियों के लिए हालिया प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं निर्णायक हो सकती हैं।

इस बार 146 खिलाड़ियों के मुकाबले केवल 27 स्थान उपलब्ध होने से प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने वाली है। सभी खिलाड़ियों को टीमों की योजनाओं में जगह नहीं मिल सकती। फ्रेंचाइजी को यह तय करना होगा कि उन्हें किस भूमिका के लिए खिलाड़ी चाहिए और किस कीमत पर किसी खिलाड़ी को खरीदना उनके लिए उचित होगा।

नीलामी में भारतीय खिलाड़ियों के लिए 20 स्थान उपलब्ध हैं, जबकि विदेशी खिलाड़ियों के लिए सात स्थान हैं। इस विभाजन के कारण दोनों समूहों में चयन की प्रतिस्पर्धा अलग-अलग होगी। भारतीय खिलाड़ियों की संख्या 119 होने से घरेलू क्रिकेटरों के लिए मुकाबला विशेष रूप से कड़ा हो सकता है।

विदेशी खिलाड़ियों के समूह में भी अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं। ऐसे में टीमों को अनुभव और नई प्रतिभाओं के बीच संतुलन बनाना होगा।

146 खिलाड़ियों की सूची में कितने भारतीय और विदेशी?

इस बार नीलामी के लिए तैयार सूची में भारतीय खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है। कुल 119 भारतीय खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करेंगी। इनमें 22 कैप्ड और 97 अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं।

कैप्ड खिलाड़ी वे होती हैं जो अपने देश की सीनियर राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हों। दूसरी ओर, अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अभी तक संबंधित राष्ट्रीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का दर्जा हासिल नहीं किया है। हालांकि, अनकैप्ड होने का अर्थ यह नहीं है कि खिलाड़ी अनुभवहीन है। इनमें कई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट और अन्य प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी होती हैं।

विदेशी खिलाड़ियों की कुल संख्या 27 है। इस समूह में 14 कैप्ड और 13 अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं। छह खिलाड़ी एसोसिएट देशों से आती हैं, जो महिला क्रिकेट के व्यापक अंतरराष्ट्रीय दायरे को दर्शाता है।

इस तरह नीलामी में अलग-अलग क्रिकेट पृष्ठभूमि की खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। फ्रेंचाइजी के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किस खिलाड़ी की तकनीक, अनुभव और खेल शैली उनकी टीम की जरूरतों से मेल खाती है।

भारतीय खिलाड़ियों की बड़ी संख्या घरेलू प्रतिभाओं के लिए अवसर भी पैदा करती है। WPL जैसी लीग में चुने जाने से खिलाड़ियों को अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ खेलने, उच्च स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, नीलामी में चयन न होने का मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ी का भविष्य समाप्त हो गया। घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के जरिए आगे भी अवसर बन सकते हैं।

सोफिया डंकली और सोफी मोलिन्यू का बेस प्राइस सबसे ज्यादा

इस नीलामी में सबसे ऊंचा बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा गया है। इंग्लैंड की बल्लेबाज सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर सोफी मोलिन्यू इस वर्ग में शामिल हैं।

बेस प्राइस वह शुरुआती राशि होती है, जिससे किसी खिलाड़ी के लिए बोली की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि खिलाड़ी को इसी रकम पर खरीदा जाएगा। यदि एक से अधिक फ्रेंचाइजी किसी खिलाड़ी को खरीदना चाहती हैं, तो बोली बढ़ सकती है। वहीं, यदि किसी खिलाड़ी में टीमों की दिलचस्पी नहीं बनती, तो उसे खरीदार नहीं भी मिल सकता।

सोफिया डंकली पहले WPL में गुजरात जायंट्स का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनकी बल्लेबाजी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उन्हें नीलामी की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल करते हैं। टीमों को यह देखना होगा कि उनकी मौजूदा योजनाओं में डंकली की भूमिका किस तरह फिट बैठती है।

सोफी मोलिन्यू ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी ऑलराउंडर हैं। वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकती हैं। ऐसी खिलाड़ी टीम के संतुलन के लिए उपयोगी हो सकती हैं, क्योंकि उनसे एक से अधिक विभागों में प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।

हालांकि, दोनों खिलाड़ियों का ऊंचा बेस प्राइस अपने आप में यह सुनिश्चित नहीं करता कि वे सबसे महंगी खिलाड़ी बनेंगी। अंतिम कीमत नीलामी के दौरान फ्रेंचाइजी के बीच प्रतिस्पर्धा और उपलब्ध बजट पर निर्भर करेगी।

जी कमलिनी और किरण नवगिरे पर भी रहेंगी नजरें

भारतीय बल्लेबाज जी कमलिनी और किरण नवगिरे ने 40 लाख रुपये का बेस प्राइस रखा है। इस वर्ग में ऑस्ट्रेलिया की हीथर ग्राहम और जेस जोनासन भी शामिल हैं।

जी कमलिनी को मुंबई इंडियंस ने पिछले स्क्वॉड से रिलीज किया था। अब उनके सामने नीलामी के जरिए किसी टीम में दोबारा जगह हासिल करने का अवसर है। युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए WPL में खेलना घरेलू प्रदर्शन को बड़े मंच पर दिखाने का महत्वपूर्ण मौका हो सकता है।

किरण नवगिरे अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं। टी20 क्रिकेट में तेजी से रन बनाने वाली बल्लेबाजों की भूमिका खास होती है, क्योंकि मैच के अंतिम ओवरों में रन गति बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। हालांकि, किसी खिलाड़ी को खरीदने का फैसला केवल उसकी एक विशेष क्षमता पर नहीं, बल्कि पूरी टीम की जरूरतों पर निर्भर करेगा।

हीथर ग्राहम और जेस जोनासन जैसी विदेशी खिलाड़ियों का अनुभव भी फ्रेंचाइजी के लिए उपयोगी हो सकता है। टीमों को यह देखना होगा कि उन्हें ऑलराउंडर, गेंदबाज या बल्लेबाजी में अतिरिक्त गहराई की कितनी आवश्यकता है।

नीलामी में खिलाड़ियों की कीमत और चयन का वास्तविक आकलन तभी संभव होगा, जब बोली की प्रक्रिया पूरी होगी। बेस प्राइस केवल शुरुआती स्तर बताता है, अंतिम खरीद मूल्य नहीं।

30 खिलाड़ियों ने रखा 30 लाख रुपये का बेस प्राइस

नीलामी सूची में 30 खिलाड़ी ऐसी हैं जिन्होंने अपना बेस प्राइस 30 लाख रुपये रखा है। इस वर्ग में अनुभवी भारतीय ऑलराउंडर स्नेह राणा और श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू जैसे नाम शामिल हैं। विदेशी खिलाड़ियों में ग्रेस हैरिस और क्लो ट्रायन भी इस वर्ग में आती हैं।

स्नेह राणा भारतीय क्रिकेट में अपने ऑलराउंड योगदान के लिए जानी जाती हैं। वह गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान दे सकती हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें अपने पिछले स्क्वॉड से रिलीज किया था। अब नीलामी में उन्हें किसी अन्य टीम या अपनी पूर्व फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ने का अवसर मिल सकता है, बशर्ते बोली के दौरान कोई टीम उन्हें खरीदे।

चमारी अटापट्टू श्रीलंका की कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव रखने वाली खिलाड़ियों को टीमों में नेतृत्व और प्रदर्शन दोनों के लिहाज से देखा जा सकता है। हालांकि, किसी खिलाड़ी को कप्तानी या नेतृत्व की भूमिका देना फ्रेंचाइजी का अलग फैसला होता है।

ग्रेस हैरिस और क्लो ट्रायन भी टी20 क्रिकेट में अपने योगदान के कारण पहचानी जाती हैं। विदेशी खिलाड़ियों का चयन करते समय टीमों को उपलब्ध विदेशी स्लॉट का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। हर फ्रेंचाइजी अपने स्क्वॉड में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या और उनकी भूमिका को संतुलित करने की कोशिश करेगी।

30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले खिलाड़ियों की संख्या यह दिखाती है कि नीलामी में अनुभवी और स्थापित नामों का एक बड़ा समूह मौजूद है। लेकिन अंतिम कीमत और चयन का फैसला टीमों की मांग के आधार पर होगा।

सिर्फ 27 खाली स्थान, फ्रेंचाइजी के सामने बड़ी चुनौती

WPL 2027 नीलामी की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 146 खिलाड़ियों के लिए केवल 27 स्लॉट उपलब्ध हैं। इनमें 20 स्थान भारतीय और सात स्थान विदेशी खिलाड़ियों के लिए हैं। इस सीमित संख्या के कारण टीमों को चयन के दौरान प्राथमिकताएं तय करनी होंगी।

किसी फ्रेंचाइजी को अतिरिक्त बल्लेबाज की जरूरत हो सकती है, तो किसी को तेज गेंदबाज या स्पिनर की। कुछ टीमें ऑलराउंडर को प्राथमिकता दे सकती हैं, ताकि एक ही खिलाड़ी से बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान मिल सके। विकेटकीपर की जरूरत भी टीम की मौजूदा संरचना पर निर्भर करेगी।

नीलामी से पहले फ्रेंचाइजी अपने स्क्वॉड और उपलब्ध बजट की समीक्षा करती हैं। खिलाड़ियों को रिलीज करने और ट्रेड करने के बाद खाली हुए स्थानों को भरना टीम प्रबंधन के लिए जरूरी हो जाता है। इसलिए नीलामी में सबसे चर्चित खिलाड़ी हमेशा सबसे जरूरी खिलाड़ी नहीं होती। कभी-कभी कम कीमत पर उपलब्ध कोई खिलाड़ी टीम की विशेष जरूरत पूरी कर सकती है।

इस बार UP Warriorz के पास नीलामी में सबसे अधिक स्थान भरने की जरूरत बताई गई है। टीम ने सबसे ज्यादा खिलाड़ियों को रिलीज किया था और उसके पास सबसे बड़ा उपलब्ध पर्स भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उसका पर्स 3.75 करोड़ रुपये है। इससे टीम को कई विकल्पों पर विचार करने की गुंजाइश मिल सकती है, लेकिन उसे बजट और स्लॉट दोनों का हिसाब रखना होगा।

दूसरी ओर, जिन टीमों के पास कम स्लॉट खाली हैं, वे कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं। सभी फ्रेंचाइजी को यह सुनिश्चित करना होगा कि नीलामी के बाद उनकी टीम में जरूरी भूमिकाओं के लिए पर्याप्त खिलाड़ी हों।

अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर

इस नीलामी में 97 भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के लिए WPL में चुना जाना अपने खेल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान दिलाने का अवसर हो सकता है।

घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को अक्सर बड़ी लीगों के जरिए अपनी क्षमता साबित करने का मंच मिलता है। WPL में अनुभवी भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से खेल की समझ, रणनीति और दबाव में प्रदर्शन करने का अनुभव भी मिल सकता है।

हालांकि, किसी खिलाड़ी को केवल उसकी उम्र या भविष्य की संभावना के आधार पर चुनना जरूरी नहीं है। फ्रेंचाइजी उसके हालिया प्रदर्शन, फिटनेस, खेल की भूमिका और टीम की जरूरतों का मूल्यांकन कर सकती हैं। अनकैप्ड खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन से टीम के लिए अहम साबित हो सकती हैं।

नीलामी में शामिल होना अपने आप में खिलाड़ियों के लिए उपलब्धि है, लेकिन चयन न होने पर भी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण रहता है। आगे आने वाले सीजन और प्रतियोगिताओं में नए अवसर बन सकते हैं।

WPL 2027 से पहले टीमों की रणनीति पर नजर

महिला प्रीमियर लीग ने महिला क्रिकेट को एक बड़ा मंच दिया है। इस लीग में भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया की प्रमुख क्रिकेटरों के साथ खेलने का मौका मिलता है। फ्रेंचाइजी आधारित प्रतियोगिता होने के कारण खिलाड़ियों के चयन में रणनीति, बजट और टीम संयोजन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

2027 सीजन से पहले होने वाली यह नीलामी टीमों के लिए अपनी कमजोरियों को दूर करने और स्क्वॉड को मजबूत बनाने का अवसर है। जिन खिलाड़ियों को पिछली टीमों ने रिलीज किया है, उन्हें नई फ्रेंचाइजी में जगह पाने का मौका मिलेगा। वहीं, अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए भी प्रतिस्पर्धा में आगे आने का अवसर है।

इस नीलामी में 146 खिलाड़ियों की सूची होने के बावजूद केवल 27 स्थान उपलब्ध हैं। इसलिए टीमों के बीच चयन को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा रहने की उम्मीद है। कुछ खिलाड़ी अपनी बेस प्राइस से अधिक रकम हासिल कर सकती हैं, जबकि कुछ को खरीदार नहीं मिल पाएगा।

अंततः टीमों की जरूरत और बोली की रणनीति ही तय करेगी कि कौन-सी खिलाड़ी किस फ्रेंचाइजी में शामिल होगी। प्रशंसकों की निगाहें खासकर उन अनुभवी खिलाड़ियों पर रहेंगी जो पिछली टीमों से रिलीज हुई हैं, साथ ही उन नई प्रतिभाओं पर भी होंगी जो पहली बार WPL में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।

निष्कर्ष

WPL 2027 की नीलामी 28 अक्टूबर को केरल के कोच्चि में आयोजित होगी। इसमें कुल 146 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी, जबकि पांचों फ्रेंचाइजी के पास मिलाकर केवल 27 खाली स्थान हैं। नीलामी सूची में 119 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों में 22 कैप्ड और 97 अनकैप्ड क्रिकेटर हैं, जबकि विदेशी समूह में 14 कैप्ड और 13 अनकैप्ड खिलाड़ी हैं।

सोफिया डंकली और सोफी मोलिन्यू ने 50 लाख रुपये का सबसे ऊंचा बेस प्राइस रखा है। जी कमलिनी, किरण नवगिरे, हीथर ग्राहम और जेस जोनासन 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले वर्ग में हैं। स्नेह राणा और चमारी अटापट्टू सहित 30 खिलाड़ियों ने 30 लाख रुपये का बेस प्राइस रखा है।

अब सबकी नजर 28 अक्टूबर की नीलामी पर रहेगी, जहां फ्रेंचाइजी अपने बजट और जरूरतों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करेंगी। 146 खिलाड़ियों में से केवल 27 को इस बार खाली स्थान मिलेंगे। ऐसे में यह नीलामी स्थापित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट की नई प्रतिभाओं के लिए भी अहम साबित हो सकती है।

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