60 हजार रुपये के लिए तीन भांजों ने मामा पर किया चाकू से हमला, 8 बच्चों ने खोया पिता

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60 हजार रुपये के लिए तीन भांजों ने मामा को चाकू से गोदा, 8 बच्चों ने खोया पिता

गुजरात के राजकोट में महज 60 हजार रुपये के उधार को लेकर एक परिवार में ऐसा खूनी विवाद हुआ, जिसने आठ बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। आरोप है कि बीमारी के इलाज के लिए मामा ने अपने भांजे से करीब सात महीने पहले 60 हजार रुपये उधार लिए थे। रकम लौटाने में देरी होने पर तीन भांजों ने कथित तौर पर अपने मामा पर हमला कर दिया। चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल 52 वर्षीय चीनाभाई जाडेजा की इलाज के दौरान मौत हो गई।

घटना राजकोट के थोराला इलाके के कुबलियापरा क्षेत्र की है। पुलिस ने पहले घायल चीनाभाई के बयान के आधार पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। उनकी मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी गईं। पुलिस ने तीनों आरोपी भांजों को गिरफ्तार कर लिया है।

बीमारी के इलाज के लिए लिया था 60 हजार रुपये का उधार

चीनाभाई जाडेजा सब्जी बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। उनकी उम्र 52 वर्ष बताई गई है। परिवार में उनके आठ बच्चे थे, जिनमें पांच बेटे और दो बेटियों का उल्लेख स्थानीय रिपोर्टों में किया गया है। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, करीब सात महीने पहले चीनाभाई को बीमारी के इलाज के लिए पैसों की जरूरत पड़ी थी। इसी दौरान उन्होंने अपने भांजे कमलेश उर्फ योगो परमार से 60 हजार रुपये उधार लिए थे।

चीनाभाई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि भांजा लगातार रकम वापस मांग रहा था। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा था कि फिलहाल उनके पास पैसे नहीं हैं और व्यवस्था होने पर रकम लौटा देंगे। लेकिन कथित तौर पर इसी उधार को लेकर विवाद बढ़ता गया।

पान की दुकान के पास हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 7:30 बजे चीनाभाई अपने घर के पास एक पान की दुकान के नजदीक मौजूद थे। इसी दौरान उनके तीन भांजे कमलेश उर्फ योगो, विजय और अमित उर्फ होजरी वहां पहुंचे।

आरोप है कि तीनों ने 60 हजार रुपये वापस करने की मांग को लेकर उनसे बहस शुरू कर दी। बात बढ़ने पर गाली-गलौज और मारपीट होने लगी। कथित तौर पर तीनों ने मिलकर चीनाभाई के साथ हाथापाई की।

इसी दौरान कमलेश उर्फ योगो ने चाकू निकालकर चीनाभाई के पेट के पास वार कर दिया। चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में हुई सर्जरी, फिर भी नहीं बच सकी जान

चीनाभाई को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी चोट को देखते हुए उपचार किया और सर्जरी भी की गई। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने पुलिस को घटना के बारे में बयान दिया।

उन्होंने बताया कि बीमारी के इलाज के लिए लिए गए 60 हजार रुपये के कारण उनके और भांजों के बीच विवाद चल रहा था। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों भांजों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था।

हालांकि, इलाज के दौरान चीनाभाई की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी। घटना से परिवार और इलाके में शोक का माहौल है।

तीनों आरोपी भांजे गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में कमलेश उर्फ योगो परमार, विजय परमार और अमित उर्फ होजरी परमार को आरोपी बनाया है। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब घटना के पूरे क्रम, विवाद की वजह और हमले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी कमलेश पर चाकू से वार करने का आरोप है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमले के समय तीनों की भूमिका क्या थी और घटना के बाद वे कहां गए थे।

मृतक के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

चीनाभाई जाडेजा की मौत के बाद उनके परिवार के सामने आर्थिक और भावनात्मक संकट खड़ा हो गया है। वह सब्जी बेचकर परिवार का खर्च चलाते थे। उनके बच्चों के लिए पिता की मौत एक बड़ा सदमा है।

परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी दर्दनाक है क्योंकि विवाद किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं, बल्कि रिश्तेदारों के बीच हुआ। बीमारी के इलाज के लिए लिया गया उधार अंततः जानलेवा संघर्ष में बदल गया।

स्थानीय रिपोर्टों में मृतक के आठ बच्चों का उल्लेख किया गया है। उनकी मौत के बाद परिवार को अब भविष्य, रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की देखभाल जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

बेटे के घर में आग लगाने का आरोप भी सामने आया

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह आरोप भी सामने आया है कि हमला होने के बाद, जब चीनाभाई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, तब आरोपियों ने उनके बेटे के घर में आग लगा दी। इस दावे की पुलिस जांच की स्थिति अलग से स्पष्ट होना बाकी है।

इस आरोप को लेकर पुलिस घटना के बाद की गतिविधियों और परिवार की शिकायतों की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या के मामले में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है।

उधार की रकम को लेकर बढ़ा पारिवारिक विवाद

इस मामले में 60 हजार रुपये की रकम बीमारी के इलाज के लिए उधार ली गई थी। पुलिस के अनुसार, रकम लौटाने में देरी को लेकर बार-बार मांग की जा रही थी। मृतक ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात कही थी और कुछ समय मांगा था।

विवाद किस तरह बढ़ा और क्या इसके पीछे ब्याज या अन्य आर्थिक शर्तें भी थीं, इस बारे में अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्न विवरण सामने आए हैं। पुलिस जांच के बाद ही इन पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस की जांच जारी

राजकोट पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में घटना के समय मौजूद लोगों के बयान, मृतक का बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूत अहम होंगे।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद पहले से चल रहा था या घटना वाले दिन अचानक बढ़ा। चाकू से हमला करने के आरोप और तीनों की कथित भूमिका की जांच की जा रही है।

निष्कर्ष

राजकोट के कुबलियापरा में 60 हजार रुपये के उधार को लेकर हुआ विवाद एक परिवार के लिए अपूरणीय त्रासदी बन गया। बीमारी के इलाज के लिए रकम लेने वाले चीनाभाई जाडेजा की कथित तौर पर उनके तीन भांजों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई और उनके आठ बच्चों ने पिता को खो दिया।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के दौरान होगी।

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