83 की उम्र में अमिताभ बच्चन का खुलासा : दिमाग और शरीर दे रहे जवाब, काम करना हो रहा है कठिन

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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी बढ़ती उम्र और उससे होने वाली चुनौतियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। 83 वर्ष की उम्र में भी लगातार सक्रिय रहने वाले अमिताभ ने बताया कि अब उनका दिमाग और शरीर पहले जैसा साथ नहीं दे रहा। काम करने और रोजमर्रा की गतिविधियों को संभालना उनके लिए धीरे-धीरे कठिन होता जा रहा है।

उन्होंने हाल ही में अपने ब्लॉग में लिखा कि एक दिन सुबह साढ़े पांच बजे जब वे उठे तो उन्हें अचानक लगा कि शरीर बिल्कुल जवाब दे रहा है। दिमाग भी सुस्त-सा हो गया था और काम पर जाने का मन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर को जिस तरह आराम की जरूरत पड़ती है, वह अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, लेकिन अब उम्र उन्हें यह सब याद दिला रही है।

शरीर और दिमाग के बीच तालमेल कमजोर

अमिताभ ने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर सबसे बड़ी चुनौती शरीर और दिमाग के बीच तालमेल बनाए रखना है। पहले जैसी ऊर्जा और गति अब नहीं है। कई बार शूटिंग के दौरान उन्हें महसूस होता है कि शरीर थक चुका है, जबकि दिमाग अभी भी तेज़ी से काम करना चाहता है। लेकिन दोनों में संतुलन बनाए रखना आसान नहीं रहा।

उन्होंने यह भी माना कि कभी-कभी काम की परिस्थितियाँ और व्यस्त दिनचर्या उन्हें पूरी तरह थका देती है। हालांकि वह हमेशा कोशिश करते हैं कि खुद को फिट रखें और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाते रहें।

फिटनेस के लिए अनुशासन सबसे बड़ा हथियार

अमिताभ बच्चन हमेशा से अपने फिटनेस रूटीन के लिए जाने जाते हैं। वह उम्र के इस पड़ाव पर भी एक्सरसाइज, योग और कड़े टाइम-मैनेजमेंट का पालन करते हैं। लेकिन उन्होंने बताया कि अब इन सबके बावजूद शरीर पर उम्र का असर स्पष्ट रूप से महसूस होने लगा है।

उन्होंने लिखा कि फिट रहने की कोशिश ज़रूरी है, लेकिन यह भी जरूरी है कि उम्र की सीमाओं को समझते हुए खुद को समय देना सीखें। कभी-कभी खुद को धीमा करना और आराम देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना लगातार काम करते रहना।

काम के प्रति जुनून अभी भी कायम

हालांकि बढ़ती उम्र की चुनौतियों के बावजूद अमिताभ बच्चन का काम के प्रति जुनून कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुश्किल उन्हें सहजता से पीछे नहीं कर सकती, और वह हमेशा उसी ऊर्जा के साथ काम करने की कोशिश करते हैं, जिसके लिए पूरी दुनिया उन्हें जानती है।

उन्होंने यह भी बताया कि जब वे अपनी दिक्कतों के बारे में बोलते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे हार मान रहे हैं। बल्कि यह सिर्फ एक सच्चाई है जिसे वे स्वीकार करते हैं और चाहते हैं कि लोग समझें कि उम्र के साथ हर व्यक्ति को ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

फैंस से मिल रही है भावनात्मक ताकत

अमिताभ ने अपने प्रशंसकों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा ताकत अपने फैंस से मिलती है। लोग उनके लिए जो प्यार और दुआएं भेजते हैं, वही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थिति और ब्लॉग उनके लिए एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए वह लोगां से जुड़े रहते हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी वे खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो अपने प्रशंसकों के संदेश पढ़कर उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। यह प्रेम ही उनकी असली ताकत है।

भविष्य के बारे में क्या कहा?

अमिताभ ने साफ कहा कि वे अभी भी काम के प्रति उतने ही समर्पित हैं जितने पहले थे। लेकिन अब वे अपने शरीर की सीमाओं को समझते हैं और उसी के अनुसार काम करना चाहते हैं। वे यह भी मानते हैं कि आने वाले समय में उन्हें अपने काम की गति थोड़ी धीमी करनी पड़ सकती है, लेकिन वे स्क्रीन से दूर होने की सोच फिलहाल नहीं रखते।

उनका कहना है कि जीवन का हर पड़ाव एक सीख है और उम्र ने उन्हें सिखाया है कि खुद को समझना और स्वीकार करना भी एक कला है।

अंत में…

अमिताभ बच्चन का यह बयान दर्शाता है कि कैसे एक महान कलाकार भी इंसानी सीमाओं से बंधा होता है। 83 साल की उम्र में भी उनका सक्रिय रहना, लगातार काम करते रहना और जनता से जुड़े रहना अपने आप में प्रेरणा है।

उनकी ईमानदारी और व्यक्तित्व उन्हें और भी बड़ा बनाते हैं। उनके प्रशंसक भी उनके स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना कर रहे हैं।

 

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