बेतिया में सनसनीखेज वारदात: अंडा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, नंदपुर ढाला के पास झाड़ियों में मिला शव

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बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बेतिया जिले के नरकटियागंज इलाके में एक अंडा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह नंदपुर ढाला के पास सड़क किनारे झाड़ियों में उसका शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया, वहीं पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आ गया।

मृतक की पहचान स्थानीय अंडा व्यवसायी के रूप में हुई है, जो रोज़ की तरह अपने काम से जुड़े सिलसिले में घर से निकला था। लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता होने लगी। शनिवार सुबह जब ग्रामीणों ने नंदपुर ढाला के पास झाड़ियों में एक व्यक्ति का खून से सना शव देखा, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही नरकटियागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में साफ हो गया कि युवक की करीब से गोली मारकर हत्या की गई है। शरीर पर गोली के निशान थे और आसपास संघर्ष के भी संकेत मिले। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी।

इस हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक अंडा व्यवसायी की इतनी निर्ममता से हत्या क्यों की गई? क्या इसके पीछे आपसी रंजिश थी, या फिर व्यवसाय से जुड़ा कोई विवाद? पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

परिजनों के अनुसार, मृतक लंबे समय से अंडे के व्यापार से जुड़ा हुआ था और आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था। उसकी किसी से खुली दुश्मनी की जानकारी परिजनों ने नहीं दी है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोगों से लेन-देन को लेकर उसका विवाद चल रहा था। पुलिस अब इसी एंगल से भी जांच कर रही है।

घटना स्थल नंदपुर ढाला के पास का इलाका अपेक्षाकृत सुनसान माना जाता है। सुबह-सुबह वहां शव मिलने से यह आशंका भी जताई जा रही है कि हत्या रात के अंधेरे में की गई और शव को छिपाने की नीयत से झाड़ियों में फेंक दिया गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में इस तरह की वारदात पहले कम देखने को मिलती थी, लेकिन हाल के महीनों में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। अंडा व्यवसायी की हत्या ने लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। कई दुकानदारों और व्यापारियों ने खुलकर कहा कि अगर दिनदहाड़े या रात में इस तरह हत्या हो सकती है, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है—यह बड़ा सवाल है।

घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मृतक ही परिवार का मुख्य सहारा था और उसकी हत्या से पूरा परिवार टूट गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। हत्या के पीछे जो भी लोग शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

इस मामले में तकनीकी जांच भी अहम मानी जा रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और आसपास के इलाकों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले मृतक किन-किन लोगों के संपर्क में था और आखिरी बार उसे किसने देखा था।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कुछ संगठनों ने इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे व्यापारियों के साथ होने वाली इस तरह की घटनाएं राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अगर ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई नहीं होती, तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और आम जनता का भरोसा सिस्टम से उठने लगता है।

बेतिया और नरकटियागंज जैसे इलाकों में व्यापार से जुड़े लोग पहले ही असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। अंडा व्यवसायी की हत्या ने इस डर को और गहरा कर दिया है। लोग अब देर शाम अपने काम से लौटने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के तरीके और समय को लेकर और स्पष्ट जानकारी मिलेगी। इससे जांच की दिशा और मजबूत होगी। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं—रंजिश, लेन-देन, पुराना विवाद और आपराधिक साजिश—पर एक साथ काम कर रही है।

यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह पूरे इलाके की शांति और सुरक्षा पर सीधा हमला है। अगर समय रहते अपराधियों को पकड़कर सख्त सजा नहीं दी गई, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।

कुल मिलाकर, बेतिया में अंडा व्यवसायी की हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त है। नंदपुर ढाला के पास झाड़ियों में मिला यह शव सिर्फ एक अपराध का सबूत नहीं, बल्कि उस डर की तस्वीर है, जो धीरे-धीरे समाज में घर करता जा रहा है।

अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है—कि क्या इस हत्याकांड का जल्द खुलासा होगा और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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