
बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। चुनाव परिणाम घोषित हुए 48 घंटे भी पूरे नहीं हुए और राजधानी पटना में हलचल तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक कैबिनेट बैठक बुलाकर स्पष्ट कर दिया है कि राजकीय प्रक्रियाएँ अब तेज रफ्तार से आगे बढ़ेंगी। इस बीच, शपथ ग्रहण समारोह को ध्यान में रखते हुए गांधी मैदान को आम नागरिकों के लिए बंद कर दिया गया है, जहाँ सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
गांधी मैदान को आम लोगों के लिए किया गया पूरी तरह बंद
शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने की संभावना है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने पूरे मैदान को आम आवागमन के लिए बंद कर दिया है। मैदान के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और कई प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बड़े नेताओं की आवाजाही और सुरक्षा मानकों को देखते हुए यह कदम जरूरी था। मैदान के अंदर मंच निर्माण, साउंड सिस्टम, बैठने की व्यवस्था और वीआईपी एन्क्लोजर तैयार किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस बार समारोह पिछले वर्षों से ज्यादा भव्य हो सकता है, क्योंकि NDA गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है।
नीतीश कुमार ने मंत्रियों को बुलाया—आज कैबिनेट बैठक
राजनीतिक हलचल तब बढ़ गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी मौजूदा मंत्रियों को कैबिनेट बैठक के लिए बुलाया। इस बैठक में सरकार के औपचारिक त्यागपत्र, विधानसभा भंग होने की सिफारिश और नए गठन संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। आमतौर पर नई सरकार के गठन से पहले ऐसी कैबिनेट मीटिंग औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा होती है।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार इस बैठक में सरकार की उपलब्धियों का संक्षिप्त आकलन करेंगे और नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण की संभावित तारीख को अंतिम रूप देंगे। अनुमान है कि शपथ ग्रहण दो दिनों के भीतर आयोजित हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त फोर्स तैनात
गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों से पुलिस की अतिरिक्त तैनाती देखी जा सकती है। शहर के महत्वपूर्ण चौराहों, होटलों और हवाईअड्डे पर भी नजर रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियाँ और बम निरोधक दस्ते लगातार क्षेत्र की जांच कर रहे हैं।
चूंकि समारोह में देश के कई बड़े नेता और केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है, इसलिए प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता। यातायात विभाग ने भी वाहनों के रूट डायवर्जन की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे आज शाम तक जारी किया जाएगा।
राजनीतिक दलों में भी सक्रियता बढ़ी
NDA के कार्यकर्ता और समर्थक उत्साहित नजर आ रहे हैं। बीजेपी और जेडीयू कार्यालयों में बैठकें जारी हैं। नए मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा, किसे कौन-सा विभाग मिलेगा—इस पर चर्चाओं का दौर तेज है।
दूसरी ओर, विपक्षी दल हाल की चुनावी हार को लेकर बैठकें कर रहे हैं और शपथ ग्रहण समारोह को ध्यान से देख रहे हैं। आरजेडी और कांग्रेस की ओर से चुनाव परिणामों पर समीक्षा का दौर शुरू हो गया है, और कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि गठबंधन को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।
शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गजों की मौजूदगी संभव
जानकारी के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े राष्ट्रीय नेताओं के पहुंचने की संभावना है। केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपाल, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को भी निमंत्रण भेजा जाएगा। यह भी चर्चाओं में है कि समारोह खुले मैदान में आयोजित होगा ताकि हजारों लोगों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।
आम जनता के लिए प्रवेश की अनुमति सीमित की जाएगी और केवल पास जारी किए जाएंगे। इस वजह से गांधी मैदान को अभी से बंद कर दिया गया है ताकि सुरक्षा एजेंसियाँ अपना काम सुचारू रूप से कर सकें।
बिहार की राजनीति में फिर नीतीश की मजबूती
इस बार के चुनाव परिणामों ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में नीतीश कुमार की पकड़ अभी भी मजबूत है। उनकी अगुवाई में NDA की सरकार फिर से सत्ता में लौट रही है। अब सभी की नजरें मंत्रियों की सूची, विभागों के बंटवारे और नई नीतियों पर टिकी रहेंगी।