डिबरी, गंगा, समंदर और उसका गोपी चन्दर

दादी को गुजरे ज़माना हो गया है। हप्पू और डिबरी भी अब सयानी हो गई है। दोनों बेटियाँ अपने अपने क्षेत्र की माहिर हो गई हैं। जब दिमाग़ में अतीत की आँधी चलती है तो बच्चों की बचकानी लेकिन मासूम हरकतों की यादों से होठों पर मुस्कान और आँखों में नमी आ ही जाती है। […]