डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा हमला — बोले “वह ड्रग लीडर और बुरा आदमी”, कोलंबिया के राष्ट्रपति पर लगाया बैन, अमेरिका-कोलंबिया रिश्तों में तनाव बढ़ा

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा प्रशासन के प्रमुख डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रंप सरकार ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो पर प्रतिबंध (Sanctions) लगाने की घोषणा की है।
साथ ही, ट्रंप ने पेत्रो पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “ड्रग लीडर और एक बुरा व्यक्ति” तक कह डाला।
इस फैसले के बाद अमेरिका और कोलंबिया के बीच संबंधों में नया तनाव पैदा हो गया है।


🔹 ट्रंप का कड़ा बयान: “वह एक ड्रग माफिया की तरह व्यवहार कर रहे हैं”

व्हाइट हाउस से जारी बयान में ट्रंप ने कहा कि गुस्तावो पेत्रो की सरकार अवैध मादक पदार्थों के व्यापार को समर्थन दे रही है, और कोलंबिया में नार्को-टेरर नेटवर्क को “राजनीतिक संरक्षण” मिला हुआ है।

“गुस्तावो पेत्रो सिर्फ एक राष्ट्रपति नहीं, बल्कि ड्रग लीडर हैं जो कोलंबिया को अपराधियों के हाथों में सौंप रहे हैं।
अमेरिका अब ऐसे व्यक्ति के साथ व्यापार या सहयोग नहीं कर सकता।”
— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

ट्रंप ने आगे कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी जनता की सुरक्षा के लिए आवश्यक थी, क्योंकि “कोलंबिया से आने वाले ड्रग्स अमेरिका के युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं।”


🔸 अमेरिका ने लगाए कई सख्त प्रतिबंध

ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की कि गुस्तावो पेत्रो और उनके करीबी सहयोगियों पर वित्तीय प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
इसके तहत—

  • उनके अमेरिका में बैंक अकाउंट और संपत्तियां फ्रीज़ कर दी जाएंगी।

  • अमेरिकी कंपनियां और नागरिक उनसे किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं कर सकेंगे।

  • कोलंबिया को दी जाने वाली वित्तीय सहायता और सैन्य सहयोग भी फिलहाल रोक दिया गया है।

यह कदम अमेरिकी विदेश विभाग, वित्त विभाग और न्याय विभाग के संयुक्त समन्वय में उठाया गया है।


🔹 कोलंबिया की प्रतिक्रिया: “यह राजनीतिक प्रतिशोध”

इस फैसले के बाद कोलंबिया की सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो ने अमेरिकी प्रतिबंधों को “अनुचित और अपमानजनक” बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन “दक्षिण अमेरिका की राजनीति में हस्तक्षेप” कर रहा है।

“ट्रंप खुद एक वैश्विक विवादों के केंद्र में हैं। वे अपनी विफल विदेश नीति को छिपाने के लिए कोलंबिया पर आरोप लगा रहे हैं।”
— गुस्तावो पेत्रो, राष्ट्रपति, कोलंबिया

कोलंबिया ने इस कदम के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी है।


🔸 विशेषज्ञों का कहना — “रिश्तों में नया ठहराव”

विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध अमेरिका-कोलंबिया संबंधों में पिछले दो दशकों में सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है।
कोलंबिया, अमेरिका का लैटिन अमेरिका में एक प्रमुख सहयोगी रहा है, खासकर ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई और सुरक्षा अभियानों में।

वॉशिंगटन स्थित एक थिंक टैंक के विश्लेषक के अनुसार,

“अगर यह टकराव बढ़ा, तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य सहयोग लगभग ठप पड़ सकता है। यह लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव को कमजोर करेगा।”


🔹 ड्रग्स नेटवर्क पर पुराना मतभेद

ट्रंप प्रशासन पहले भी कोलंबिया की नीतियों पर सवाल उठाता रहा है।
गुस्तावो पेत्रो, जो वामपंथी विचारधारा के माने जाते हैं, ने हाल ही में “ड्रग्स वैधीकरण” (Legalization of drugs) पर खुलकर बयान दिया था — जिसे अमेरिका ने कड़ा विरोध किया था।
अब यह नया फैसला दोनों देशों के बीच विश्वास की बची-खुची कड़ी को भी कमजोर करता दिख रहा है।


🔚 निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो पर लगाए गए “ड्रग लीडर” जैसे आरोप और प्रतिबंध ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है।
जहां अमेरिका इसे “सुरक्षा की जरूरत” बता रहा है, वहीं कोलंबिया इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” मान रहा है।
आने वाले दिनों में यह विवाद लैटिन अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण और राजनयिक संकट को और गहरा सकता है — और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों देश सुलह की ओर बढ़ेंगे या रिश्तों में स्थायी दरार पड़ जाएगी।

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