
गोवा के चर्चित रोमियो लेन क्लब अग्निकांड में अब एक चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस दिल दहला देने वाले हादसे के मुख्य आरोपी और क्लब के दोनों मालिक – सौरभ लुथरा और गौरव लुथरा – घटना के तुरंत बाद भारत छोड़कर थाईलैंड के फुकेट शहर भाग गए थे। पुलिस के अनुसार, दोनों ने यह फरारी मुंबई से इंडिगो की फ्लाइट के जरिए की थी। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया है।
कैसे हुआ था दर्दनाक हादसा
रोमियो लेन क्लब में कुछ दिन पहले अचानक भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। क्लब के अंदर धुआं भर गया और अफरातफरी मच गई। इस हादसे में कई लोग झुलस गए, जबकि कुछ की जान भी चली गई। घटना के बाद पूरे गोवा में सनसनी फैल गई थी।
शुरुआती जांच में ही सामने आ गया था कि क्लब में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी। फायर सेफ्टी सिस्टम या तो पूरी तरह नाकाम थे या फिर मौजूद ही नहीं थे। आपातकालीन निकास मार्ग भी तय मानकों पर नहीं थे, जिससे लोगों को बाहर निकलने में भारी परेशानी हुई।
मालिकों पर शुरू से था शक
हादसे के बाद से ही क्लब के दोनों मालिक सौरभ और गौरव लुथरा पर पुलिस की नजर बनी हुई थी। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया था कि दोनों मालिकों ने सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर क्लब का संचालन किया, जिसका नतीजा यह भयावह हादसा बना।
लेकिन घटना के तुरंत बाद दोनों मालिक सार्वजनिक तौर पर कहीं नजर नहीं आए। उनके मोबाइल फोन बंद मिलने लगे और वे अपने आवास से भी गायब पाए गए। इसी दौरान पुलिस को शक हुआ कि दोनों देश से फरार हो सकते हैं।
इंडिगो फ्लाइट से फुकेट जाने का खुलासा
जांच एजेंसियों ने जब एयरलाइंस डेटा खंगाला, तो बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि हादसे के कुछ ही घंटों बाद सौरभ और गौरव लुथरा मुंबई पहुंचे और वहां से इंडिगो की एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पकड़कर थाईलैंड के फुकेट रवाना हो गए। दोनों ने पर्यटन वीजा का इस्तेमाल किया था और यात्रियों की आम भीड़ के बीच खुद को छिपाकर बाहर निकल गए।
इस खुलासे के बाद पुलिस अधिकारियों ने माना कि दोनों आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से देश छोड़कर भागे हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि कानूनी शिकंजा जल्द कसने वाला है।
पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई तेज
इस घटनाक्रम के बाद गोवा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। उनके खिलाफ आपराधिक लापरवाही, जान से खिलवाड़ और गैरकानूनी निर्माण से जुड़े कई संगीन आरोप लगाए गए हैं।
साथ ही, पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है, ताकि वे किसी अन्य देश में भी छिप न सकें। विदेश मंत्रालय और इंटरपोल के माध्यम से भी आरोपियों को भारत वापस लाने की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं।
पीड़ित परिवारों में बढ़ा आक्रोश
इस खुलासे के बाद पीड़ित परिवारों का गुस्सा और बढ़ गया है। उनका कहना है कि हादसे के बाद आरोपी मालिकों का भाग जाना यह साबित करता है कि वे अपनी गलती से भली-भांति परिचित थे। कई परिवारों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर इतनी बड़ी घटना के बाद भी दोनों आरोपी इतनी आसानी से देश से बाहर कैसे निकल गए।
पीड़ितों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो शायद आरोपी विदेश भागने में सफल नहीं हो पाते।
क्लब संचालन को लेकर उठे गंभीर सवाल
रोमियो लेन क्लब के संचालन को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि क्लब में क्षमता से कहीं ज्यादा लोग मौजूद थे। इसके अलावा, क्लब में ज्वलनशील सामग्री भी बड़ी मात्रा में रखी गई थी, जिसने आग को और ज्यादा भड़का दिया।
फायर सेफ्टी विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में भी संकेत मिले हैं कि क्लब ने कई जरूरी अनुमतियां बिना पूरी प्रक्रिया के हासिल की थीं। अब यह जांच भी की जा रही है कि इसमें किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही।
प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में
केवल क्लब मालिक ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। आखिर कैसे एक नाइट क्लब को बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के संचालन की अनुमति मिल गई? क्या नियमित निरीक्षण सही ढंग से किया गया था? इन सभी बिंदुओं पर अब उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ रही है।
सरकारी सूत्रों की मानें तो इस मामले में कुछ अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है, क्योंकि प्रारंभिक जांच में नियमों की अनदेखी के संकेत मिले हैं।
विदेश में गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की तैयारी
अब गोवा पुलिस थाईलैंड के अधिकारियों से संपर्क साध रही है। प्रत्यर्पण संधि के तहत दोनों आरोपियों को भारत वापस लाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। हालांकि यह प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, लेकिन पुलिस इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है ताकि पूरे नेटवर्क और दुर्घटना की असली वजह सामने आ सके।
गोवा में नाइटलाइफ पर बढ़ी सख्ती
इस हादसे के बाद गोवा के सभी नाइट क्लबों, बार और पार्टी स्थलों पर प्रशासन ने सख्त निरीक्षण शुरू कर दिया है। कई क्लबों को नोटिस जारी किए गए हैं, तो कुछ को अस्थायी रूप से बंद भी कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि अब किसी भी हाल में सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा। पर्यटन राज्य होने के नाते गोवा में बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनता में डर और असुरक्षा का माहौल
रोमियो लेन अग्निकांड और उसके बाद मालिकों की फरारी ने आम जनता में डर पैदा कर दिया है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि अगर बड़े क्लब मालिक कानून से ऊपर होकर फरार हो सकते हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
गोवा के रोमियो लेन क्लब अग्निकांड में अब यह साफ हो चुका है कि हादसे के बाद दोनों आरोपी मालिक सौरभ और गौरव लुथरा देश छोड़कर फुकेट भाग गए। यह न केवल कानून से भागने की कोशिश है, बल्कि पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कदम भी माना जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आरोपियों को भारत वापस लाकर कब कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। यह मामला सिर्फ एक क्लब हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, कारोबारी लालच और सिस्टम की कमजोरी की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है।