
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र स्थित भगत सिंह हॉस्टल में एक बी.टेक छात्र का शव बंद कमरे में फंदे से लटका मिला। इस घटना ने कैंपस और आसपास के इलाके में सनसनी फैला दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र ने कथित तौर पर घटना से पहले एक युवती को संदेश भेजा था, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
पुलिस के मुताबिक, जब छात्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला और दरवाजा अंदर से बंद था, तो साथियों ने प्रशासन को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचने पर छात्र का शव फंदे से लटका मिला। मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया।
आखिरी मैसेज ने बढ़ाई जांच की दिशा
सूत्रों के अनुसार, छात्र ने घटना से पहले एक युवती को भावनात्मक संदेश भेजा था। पुलिस उस संदेश की सामग्री और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या व्यक्तिगत तनाव या किसी रिश्ते से जुड़ा विवाद इस कदम की वजह बना।
पुलिस की कार्रवाई
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शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया
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मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त
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दोस्तों और हॉस्टल स्टाफ से पूछताछ
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संबंधित युवती से संपर्क की कोशिश
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
कैंपस में शोक का माहौल
छात्र की मौत से साथी विद्यार्थियों में गहरा सदमा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी घटना पर दुख जताया है और छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
यह घटना एक बार फिर छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव और भावनात्मक तनाव की ओर ध्यान दिलाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में काउंसलिंग सुविधाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि छात्र कठिन समय में सहायता ले सकें।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा के हॉस्टल में मिली छात्र की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
इस घटना ने छात्र समुदाय में संवेदनशीलता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।