‘डेथ सेल में कुछ तो ऐसा है…’, इमरान खान के बेटों ने जताई अनहोनी की आशंका, जेल में हालात पर गंभीर सवाल

5

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) चीफ़ इमरान खान इन दिनों जिस स्थिति से गुजर रहे हैं, उसने उनके समर्थकों के साथ-साथ उनके परिवार को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान को लेकर उनके बेटों कासिम और सुलेमान ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इमरान जिस सेल में रखे गए हैं, वहां ऐसी रहस्यमय परिस्थितियाँ हैं जो किसी अनहोनी की आशंका पैदा करती हैं। दोनों बेटों ने कहा कि “डेथ सेल में कुछ तो ऐसा है जिसे जानने की जरूरत है,” और इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता की सेहत और सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचा है।

इमरान खान करीब 47 दिनों से जेल में बंद हैं, लेकिन उनके बेटों का कहना है कि उनके पिता को उचित चिकित्सा सहायता नहीं मिल रही और न ही उन्हें उनके साथ बातचीत करने दी जा रही है। पाकिस्तान की राजनीतिक और कानूनी परिस्थितियाँ पहले से ही तनावपूर्ण हैं, और ऐसे में इमरान खान जैसे प्रमुख नेता की स्थिति ने देशभर में बहस छेड़ दी है। बेटों का दावा है कि जेल प्रशासन लगातार खान की स्थिति छिपा रहा है और उनके सेल में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रहती है। वे यह संकेत देते हैं कि कहीं न कहीं कोई साजिश रची जा रही है या फिर कोई ऐसा जोखिम मौजूद है जिसका खुलासा प्रशासन नहीं करना चाहता।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इमरान खान जिस ‘डेथ सेल’ में कैद हैं, वह आम कैदियों के सेल से बिल्कुल अलग है। यहां न तो रोशनी ठीक से पहुंचती है, न ही वेंटिलेशन की व्यवस्था संतोषजनक है। बेटों ने कहा कि “हमारे पिता को ऐसी जगह रखा गया है जो किसी सामान्य कैदी के लिए भी उपयुक्त नहीं होगी, जबकि वे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रतीक रहे हैं।” इस बयान के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार से जुड़े संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चिंता बढ़ रही है।

इमरान खान के बेटों ने कहा कि जिस तरह से लगातार उनके पिता की सेहत को लेकर जानकारी साझा नहीं की जा रही, उससे शक और भी गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि खान को जो भोजन दिया जा रहा है, उसे लेकर भी संदेह है कि वह सुरक्षित है या नहीं। खान की तबीयत में अचानक गिरावट की खबरें सामने आने के बाद बेटों का कहना है कि “हमारे पिता को जानबूझकर मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।” उन्होंने पाकिस्तान सरकार पर आरोप लगाया कि वे खान को राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश कर रही है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अडियाला जेल प्रशासन क्यों इमरान खान के किसी भी वकील, डॉक्टर या परिवार के सदस्य को उनसे मिलने की अनुमति नहीं देता। “अगर सब कुछ ठीक है, तो मुलाकात पर रोक क्यों?”—बेटों ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन किसी बड़ी बात को छिपा रहा है और उनके पिता के जीवन के लिए खतरा पैदा किया जा रहा है।

यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब पाकिस्तान की राजनीति अस्थिर दौर से गुजर रही है। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें से कई हिंसक भी हुए। सरकार द्वारा खान और उनकी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इमरान खान ने हर आरोप को राजनीतिक बदले की भावना के तहत बताया है। खान के बेटों का कहना है कि पाकिस्तान में लोकतंत्र को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव की जरूरत है, नहीं तो उनके पिता की जान को खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन ने उनके पिता के साथ ऐसा व्यवहार किया है जो किसी राजनीतिक कैदी के साथ नहीं होना चाहिए। बेटों ने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि इमरान खान को कई बार बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हुए, उनके सेल में हवा और रोशनी की कमी की वजह से उनकी स्थिति बिगड़ रही है। इसके अलावा खान की मेडिकल रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे परिवार को शंका है कि उनकी तबीयत वास्तविकता से अधिक खराब हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कई मानवाधिकार संगठन पहले से ही पाकिस्तान में हिरासत में लिए गए राजनीतिक नेताओं के साथ होने वाले बर्ताव पर चिंता जता चुके हैं। अब इमरान खान के बेटों के बयानों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

पाकिस्तान की जेलों के हालात जगजाहिर हैं, जहां अनैतिक व्यवहार, खराब स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा संबंधी खामियां आम हैं। लेकिन इमरान खान जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी को ऐसे सेल में रखना, जहां अत्यधिक अंधेरा और अलगाव हो, कई सवाल खड़े करता है। बेटों ने यह भी कहा कि जिस सेल में उनके पिता को रखा गया है, वह पहले भी कुख्यात कैदियों के लिए इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने ‘डेथ सेल’ को एक ऐसी जगह बताया जहाँ मानसिक दबाव इतना ज्यादा होता है कि कैदी कुछ ही दिनों में टूटने लगता है।

इस बीच पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इमरान खान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन खान के परिवार का दावा है कि सरकार और प्रशासन की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि जब भी मुलाकात की मांग की जाती है, उसे टाल दिया जाता है।

अंत में बेटों ने स्पष्ट कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कोर्ट और मानवाधिकार संगठनों से मदद मांगने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके पिता की हालत गंभीर है तो इसे छिपाया नहीं जाना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान के भविष्य, लोकतंत्र और राजनीतिक स्थिरता से इमरान खान का गहरा संबंध है। उनकी सुरक्षा सिर्फ परिवार का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र का सवाल है।

इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की राजनीति को फिर एक बार नई बहस के केंद्र में ला दिया है। इमरान खान की हालत, उनका राजनीतिक प्रभाव, जेल की परिस्थितियाँ और सरकार की भूमिका—इन सभी बिंदुओं पर अब दुनिया की नजरें टिकी हैं।

Share it :

End