
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाले रांची ODI से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि टीम इंडिया एक नहीं बल्कि दो विकेटकीपरों—केएल राहुल और ऋषभ पंत—को प्लेइंग XI में उतार सकती है या नहीं। टीम की रणनीति को समझने के लिए बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग विकल्प और बैलेंस कोच मोर्ने मोर्केल की प्रतिक्रिया काफी अहम मानी जा रही है।
यह मुकाबला सीरीज के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण है और टीम किस संयोजन के साथ मैदान में उतरेगी, यह जानने को लेकर क्रिकेट फैंस में उत्सुकता बढ़ गई है।
रांची ODI की तैयारी—टीम कॉम्बिनेशन पर सबसे बड़ी चर्चा
भारतीय टीम आमतौर पर एक ही विकेटकीपर के साथ उतरती है, लेकिन मौजूदा फॉर्म, पिच का स्वभाव और बैटिंग डेप्थ को देखते हुए यह सवाल चर्चा में है कि क्या दो विकेटकीपर एक साथ प्लेइंग XI में फिट हो सकते हैं।
केएल राहुल और ऋषभ पंत—दोनों टीम के लिए अहम भूमिका निभाते हैं और दोनों की बल्लेबाजी टीम को मजबूती देती है।
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KL Rahul: स्थिरता और एंकर की भूमिका निभाने में माहिर
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Rishabh Pant: आक्रामक, गेम बदलने की क्षमता रखने वाले बल्लेबाज
इस वजह से, दोनों को एक साथ खिलाना टीम के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है।
मोर्ने मोर्केल का जवाब—क्या दोनों होंगे एक साथ?
भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने रांची ODI से पहले इस मुद्दे पर साफ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट का सबसे बड़ा फोकस बेहतर प्लानिंग और कॉम्बिनेशन पर है।
मोर्केल के अनुसार:
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टीम वही संयोजन उतारेगी जिससे संतुलन, गहराई और लचीलापन बना रहे।
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दोनों विकेटकीपर खेलेंगे या नहीं, यह कंडीशन्स, प्रतिद्वंद्वी टीम, और मैच की जरूरत पर निर्भर करेगा।
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अगर टीम को ज्यादा बैटिंग डेप्थ चाहिए होगी, तो दोनों विकेटकीपर एक साथ खेलने का विकल्प खुला रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि टीम किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ नाम के आधार पर नहीं बल्कि उसके रोल और जरूरत के हिसाब से शामिल करेगी।
KL Rahul की स्थिति—एक भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज
KL राहुल पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम के सबसे सफल विकेटकीपर-बल्लेबाजों में रहे हैं।
जब-जब टीम को स्टेबिलिटी की जरूरत पड़ी है, राहुल ने अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूत किया है।
उनके पास मिडिल ऑर्डर में:
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स्ट्राइक रोटेट करने की क्षमता
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पारी को संभालने का अनुभव
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बड़े मैचों में जिम्मेदारी उठाने का हुनर भी है
इसलिए राहुल को प्लेइंग XI से बाहर रखना आसान फैसला नहीं होगा।
ऋषभ पंत—आक्रामकता और X-फैक्टर
दूसरी ओर ऋषभ पंत टीम के पास मौजूद सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक हैं।
उनकी काबिलियत मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदल सकती है।
पंत के खेल में जोखिम जरूर होता है, लेकिन उसी जोखिम से टीम को फायदा भी मिलता है।
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लेफ्ट-हैंड बैटिंग विकल्प
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स्पिन के खिलाफ शानदार
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विकेट के पीछे तेज रिफ्लेक्स
उनकी वापसी के बाद टीम मैनेजमेंट उन्हें लगातार मौके देना चाहती है।
क्यों हो रही है दोनों को साथ खिलाने की चर्चा?
इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं:
1. बल्लेबाजी की गहराई
आजकल ODI में 300+ स्कोर आम हो चुके हैं। ऐसे में दो विकेटकीपरों का विकल्प बैटिंग को गहराई देता है।
2. पंत का लेफ्ट-हैंड विकल्प
रांची की पिच स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती है।
लेफ्ट-हैंडर होने की वजह से पंत मिडिल ओवर में बड़ा फायदा दे सकते हैं।
3. KL राहुल का भरोसेमंद रिकॉर्ड
राहुल का ODI रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है।
उनकी मौजूदगी टीम को स्थिरता देती है।
4. टीम बैलेंस की जरूरत
कई बार एक खिलाड़ी wicketkeeper के रूप में खेलता है और दूसरा सिर्फ बैट्समैन की भूमिका निभाता है।
इससे टीम संयोजन में ज्यादा लचीलापन आता है।
रांची की पिच—क्या है खास?
रांची की पिच बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है लेकिन मिडिल ओवर्स में स्पिनर असर दिखाते हैं।
ऐसे में दो विकेटकीपरों की मौजूदगी से टीम को कई मायनों में फायदा हो सकता है:
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दोनों तेज और स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बेहतर खेलते हैं
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बल्लेबाजी क्रम में विविधता आती है
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दबाव वाली परिस्थितियों में भी भरोसेमंद विकल्प मिलते हैं
कोच मोर्केल ने भी कहा कि टीम हालात के हिसाब से लचीला कॉम्बिनेशन अपनाने के लिए तैयार रहती है।
क्या पंत विकेटकीपिंग करेंगे और राहुल सिर्फ बल्लेबाजी?
यह भी एक बड़ा सवाल है।
कई बार टीम यह विकल्प चुनती है कि पंत विकेटकीपिंग करें और राहुल केवल बल्लेबाज की भूमिका निभाएं।
इससे राहुल पर कीपिंग का अतिरिक्त दबाव नहीं रहता, और वह बल्लेबाजी पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
लेकिन टीम इस तरह के बदलाव विपक्ष और पिच की स्थिति देखकर ही करती है।
गेंदबाजों का संयोजन—मोर्केल का फोकस
मोर्ने मोर्केल ने बताया कि टीम गेंदबाजी विभाग को लेकर भी स्पष्ट रणनीति बनाए हुए है।
उन्होंने कहा:
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रांची की पिच पर स्पिन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है
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तेज गेंदबाज शुरुआती ओवरों में अहम रहेंगे
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विकेटकीपरों का चयन गेंदबाजी रणनीति से भी जुड़ा है
क्योंकि विकेटकीपर का कौशल स्पिन या तेज गेंदबाजों के अनुसार काफी महत्वपूर्ण होता है।
क्या दो विकेटकीपर खेलना रिस्की होगा?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि दो विकेटकीपरों को खिलाने से टीम का बॉलिंग विकल्प कम हो सकता है।
लेकिन भारतीय टीम अक्सर 6 बॉलिंग विकल्प के साथ उतरने की कोशिश करती है।
अगर बॉलिंग विकल्प पूरी तरह संतुलित रहते हैं, तो दो विकेटकीपरों का खेलना जोखिम नहीं माना जाएगा।
फैसला मैच के दिन से पहले—मोर्केल का संकेत
मोर्ने मोर्केल ने साफ किया कि टीम आखिरी समय में ही प्लेइंग XI को फाइनल करेगी।
क्योंकि मौसम, पिच और ड्यू फैक्टर भी निर्णय को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने टीम के खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों विकेटकीपर बेहतरीन फॉर्म में हैं और टीम की मजबूती बढ़ाते हैं।
निष्कर्ष—दो विकेटकीपर संभव, लेकिन स्थिति पर निर्भर
रांची ODI में KL राहुल और ऋषभ पंत दोनों का एक साथ खेलना पूरी तरह संभव है।
टीम मैनेजमेंट कंडीशन्स और कॉम्बिनेशन देखकर फैसला करेगा।
मोर्ने मोर्केल के बयान से एक बात साफ है:
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टीम दोनों को विकल्प के रूप में देख रही है
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बल्लेबाजी गहराई और लचीलापन प्राथमिकता है
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विकेटकीपिंग जिम्मेदारी जरूरत के अनुसार तय होगी
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया किस XI के साथ अफ्रीका के खिलाफ उतरती है।