कैमूर काउंटिंग सेंटर के बाहर हिंसा: भीड़ ने पुलिसवालों पर हमला किया, चुनाव अधिकारी की स्कॉर्पियो फूंकी

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बिहार के कैमूर जिले में रामगढ़ विधानसभा सीट की मतगणना के दौरान शुक्रवार को भारी तनाव पैदा हो गया। जैसे-जैसे वोटों की गिनती अंतिम दौर में पहुंच रही थी, उस स्थिति में प्रत्याशियों के समर्थकों का धैर्य जवाब देने लगा। मतगणना केंद्र के बाहर माहौल अचानक उग्र हो गया और देखते ही देखते भीड़ हिंसक रूप ले बैठी। इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।

माहौल बेकाबू, पुलिस पर हुआ हमला

घटना उस समय भड़की जब कुछ समर्थक रुझानों से असंतुष्ट दिखे और उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में भीड़ ने आक्रामक रूप ले लिया और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में तीन पुलिसकर्मियों के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिनमें से एक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घायल जवानों को तत्काल अस्पताल ले जाकर इलाज शुरू किया गया।

पुलिसकर्मियों पर हुआ यह हमला प्रशासन की तैयारी की पोल खोल देता है। मतगणना जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा में ऐसी चूक पर स्थानीय नागरिकों सहित राजनीतिक दलों ने भी सवाल खड़े किए हैं।

गाड़ियों को निशाना, चुनाव अधिकारी की स्कॉर्पियो फूंकी

स्थिति यहीं नहीं रुकी। हिंसक भीड़ ने चुनाव अधिकारी की स्कॉर्पियो गाड़ी पर भी हमला किया। गाड़ी को पहले पथराव कर क्षतिग्रस्त किया गया और बाद में पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। इस दृश्य को देखकर मौजूद कई लोग दहशत में आ गए और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को तुरंत मौके पर बुलाया गया।

आग की लपटें आसमान तक उठती रहीं और गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

मतगणना पर असर और बढ़ते तनाव को नियंत्रण में लाने की कोशिश

बवाल बढ़ने के बाद प्रशासन ने मतगणना प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया। कुछ समय बाद भारी सुरक्षा तैनाती के साथ गिनती दोबारा शुरू कराई गई। अतिरिक्त पुलिस बल, RAF और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मोर्चा संभालकर स्थिति को काबू करने की कोशिश की।

चुनाव आयोग ने घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, हिंसा फैलाने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। CCTV फुटेज व वीडियो रिकॉर्डिंग की मदद से उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

घटना के बाद राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। कुछ नेताओं ने कहा कि हार की आशंका से बौखलाए समर्थक हिंसा पर उतर आए, जबकि विरोधी पक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन चुनावी प्रक्रिया को सही तरीके से संभालने में विफल रहा।
स्थानीय लोग भी डर और तनाव में हैं, कई घरों में रात भर बेचैनी बनी रही। बिजली कटने की वजह से अफवाहें और डर का माहौल और बढ़ गया।

प्रशासन ने जांच के आदेश दिए

कैमूर के जिलाधिकारी ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे, इसकी गहन जांच की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि उपद्रवियों पर FIR दर्ज कर ली गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

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