
कर्नाटक में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के बेटे के खिलाफ पुलिस ने ठगी का केस दर्ज किया है। यह FIR बेंगलुरु के बनशंकरी थाने में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता एनआरआई तेजस्वी मरियप्पा ने आरोप लगाया है कि उनसे करीब 17.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
शिकायत में बताया गया है कि पीड़ित तेजस्वी मरियप्पा लंबे समय से विदेश में रहते हैं और भारत में कुछ निवेश करना चाहते थे। इसी प्रक्रिया के दौरान उनकी मुलाकात आरोपी से हुई। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली परिवार से जुड़ा बताते हुए तेजस्वी को विभिन्न निवेश योजनाओं के बारे में भरोसे में लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने यह भी दावा किया कि वह सरकारी स्तर पर कई परियोजनाओं में मदद कर सकता है और उसके पास ऐसे संपर्क हैं जिससे तेजस्वी को बड़ा मुनाफा मिल सकता है।
तेजस्वी का कहना है कि आरोपी ने कई बार मीटिंग्स कीं और उन्हें निवेश के उच्च रिटर्न का भरोसा दिलाया। इस भरोसे में आकर उन्होंने आरोपी को अलग-अलग ट्रांजेक्शन में बड़ी रकम सौंप दी। लेकिन कुछ महीनों बाद जब तेजस्वी को महसूस हुआ कि न तो कोई प्रोजेक्ट आगे बढ़ा है और न ही वादा किए गए रिटर्न मिले हैं, तब उन्हें शक हुआ। बार-बार पूछने पर भी आरोपी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा था।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब तेजस्वी ने पैसे वापस मांगने का दबाव बनाया तो आरोपी ने बहाने बनाना शुरू कर दिया। कई बार संपर्क बंद भी कर दिया गया, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस का रुख किया और विस्तृत शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने तेजस्वी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए OSD के बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़े विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ की तैयारी कर रही है। शुरुआती जांच में कई वित्तीय लेन–देन के दस्तावेज सामने आए हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है।
यह मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आरोपी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के विशेष कार्य अधिकारी के परिवार से जुड़ा हुआ है। विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है और पारदर्शिता की मांग की है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि कानून अपना काम करेगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा और उसके बैंक खातों तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। जांच अधिकारी यह भी पता कर रहे हैं कि क्या इस धोखाधड़ी में और लोग शामिल हैं या आरोपी अकेले ही इस पूरे रैकेट को चला रहा था। तेजस्वी ने पुलिस को लेन-देन से संबंधित ईमेल, चैट और बैंक डिटेल भी सौंपे हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया जा रहा है।
यह मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने भी विशेष टीम बनाई है ताकि जांच तेजी से पूरी हो सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकायत में किए गए आरोप सत्य पाए गए, तो यह एक बड़ा वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और सबूत जुटा रही है।
एनआरआई तेजस्वी मरियप्पा ने यह भी कहा कि वे इस मामले को लेकर काफी परेशान रहे हैं और अब उम्मीद है कि पुलिस उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका केवल एक ही उद्देश्य है—उनके साथ हुई धोखाधड़ी का निवारण और न्याय।
मामला दर्ज होने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है और कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरोपी ने अपने राजनीतिक संपर्कों का गलत फायदा उठाया। पुलिस अगले कुछ दिनों में मामले में महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती है।