खरगोन में ‘12 करोड़ की धनवर्षा’ का लालच: नकली सनातनी बाबा ने ठगे 3 लाख, पुलिस ने तीन को दबोचा

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मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को ‘सनातनी बाबा’ बताकर करोड़ों रुपये की धनवर्षा कराने का झांसा देकर लाखों की ठगी को अंजाम दिया। मामला सामने आने पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी घटना के बाद फरार हो गया। इस घटना ने न केवल लोगों की धार्मिक भावनाओं के नाम पर होने वाले धोखाधड़ी के खतरों को उजागर किया है, बल्कि यह भी बताया है कि आज भी कई लोग अंधविश्वास के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई ठगों के हाथ में सौंप देते हैं।

✔️ कैसे शुरू हुआ पूरे ठगी का खेल?

यह मामला तब प्रकाश में आया जब खरगोन के एक युवक को एक व्यक्ति ने यह विश्वास दिलाया कि विशेष धार्मिक अनुष्ठान और तांत्रिक विधि से उसके जीवन में 12 करोड़ रुपये की “धनवर्षा” कराई जा सकती है। आरोपी ने खुद को ‘सनातनी बाबा’ बताकर दावा किया कि उसके पास चमत्कारी शक्तियाँ हैं और वह कुछ मंत्रों और पूजा विधियों के जरिए उसके घर में धन आकर्षित कर सकता है।

इस व्यक्ति को ऐसा विश्वास दिलाया गया कि बस कुछ विशेष अनुष्ठान पूरे करने भर से एक दिन में करोड़ों रुपये उसके घर में बरसने लगेंगे। इसी लालच में पीड़ित युवक इस धोखेबाज गिरोह के संपर्क में आया और देखते ही देखते उसने करीब 3 लाख रुपये आरोपियों के हवाले कर दिए।

✔️ पीड़ित ने बताया— बाबा ने कहा ‘रातों-रात करोड़पति बन जाओगे’

पीड़ित के अनुसार, आरोपी युवक बहुत ही चालाकी और आत्मविश्वास से बात करता था। वह धार्मिक भाषा, मंत्र और शास्त्रों का हवाला देकर खुद को ‘सिद्ध बाबा’ बताता था। उसने कहा कि अगर व्यक्ति उसके बताए अनुसार अनुष्ठान करवाए तो “आकाश से पैसा बरसेगा” और उसकी तिजोरी 12 करोड़ रुपये से भर जाएगी।

आरोपी ने उसे एक कथित पवित्र वस्तु, एक खास मंत्र और पूजा सामग्री खरीदने के नाम पर बार-बार पैसे देने को कहा। पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए बाबा और उसके साथी अक्सर फ़ोन पर बात करके अनुष्ठान का पूरा विवरण बताते और खुद को ‘आध्यात्मिक साधक’ बताते।

✔️ ठगी ऐसे हुई कि पीड़ित को अंदाजा ही नहीं लगा

गिरोह ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित को फंसाया। पहले उसे कुछ छोटी पूजा करवाई गई, जिसमें मामूली रकम ली गई। जब पीड़ित इसका शिकार हो गया और विश्वास बना लिया, तब बड़े “धनवर्षा अनुष्ठान” का झांसा दिया गया।

अनुष्ठान के लिए यह कहकर पैसे मांगें गए कि—

  • विशेष पूजा सामग्री चाहिए,

  • उच्च स्तर का मंत्र जप करवाना है,

  • तंत्रविद्या करने वाले अन्य लोगों को भी बुलाना होगा,

  • और इस पूरी प्रक्रिया में लाखों रुपये लगेंगे।

धीरे-धीरे कुल 3 लाख रुपये आरोपियों ने पीड़ित से ले लिए, जो उसने अपने घर और रिश्तेदारों से उधार लेकर दिए थे। जब बार-बार पैसे मांगे जाने लगे और धनवर्षा की कोई तारीख न दी गई, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

✔️ पीड़ित को शक हुआ, तो बाबा गायब

जब पीड़ित ने स्पष्ट रूप से पूछा कि असल अनुष्ठान कब होगा, पैसा कब आएगा और उसके दिए पैसे किस काम में लगे, तो आरोपियों के रवैये में बदलाव आने लगा। वे टालमटोल करने लगे, फ़ोन बंद करने लगे और कुछ दिनों बाद पूरा गिरोह गायब हो गया।

पीड़ित ने जब उनके बताए स्थान पर जाकर खोजबीन की, तो पता चला कि वहां कोई बाबा या अनुष्ठान की व्यवस्था कभी थी ही नहीं। तभी उसे यह पूरी तरह समझ आ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है। उसके बाद उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

✔️ पुलिस की कार्रवाई— तीन आरोपी गिरफ्तार

शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और फोन कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि गिरोह के तीन सदस्य खरगोन और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय थे और इसी प्रकार के अन्य लोगों को भी निशाना बनाते थे।

पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।
गिरफ्तार आरोपियों ने माना कि—

  • वे कई महीनों से इस तरह की ठगी कर रहे थे,

  • खुद को बाबा, तांत्रिक और आध्यात्मिक गुरु बताकर लोगों को निशाना बनाते थे,

  • और उनकी योजना थी कि लोगों को करोड़ों की धनवर्षा का लालच देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठे जाएं।

मुख्य मास्टरमाइंड, जो खुद को ‘सनातनी बाबा’ कहकर पीड़ित को फंसाने वाला था, अभी भी फरार है और पुलिस उसके लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

✔️ गिरोह की कार्यशैली— अंधविश्वास का फायदा उठाना

पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह थी कि गिरोह आम लोगों की धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक विश्वास का लाभ उठा रहा था। वे अत्यंत सावधानी से ऐसे लोगों को चुनते थे जो आर्थिक रूप से कमजोर हों लेकिन जल्दी अमीर बनने का सपना देखते हों।

कुछ सामान्य तरीके जो गिरोह इस्तेमाल करता था—

  • धार्मिक ग्रंथों का नाम लेकर विश्वास पैदा करना

  • चमत्कारी शक्ति होने का दावा

  • मंत्र, तंत्र और अनुष्ठान का दिखावा

  • रातों-रात गरीब व्यक्ति को करोड़पति बनाने का लालच

  • घर पर जाकर पूजा करने का नाटक

  • पीड़ितों से संपर्क बनाए रखने के लिए अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल

इस तरह वे पीड़ितों को धीरे-धीरे मानसिक रूप से अपने जाल में फंसा लेते थे।

✔️ लोगों को कैसे दिया जाता था ‘12 करोड़’ का सपना

आरोपी कहते थे कि—
“हमारे मंत्र और अनुष्ठान इतने शक्तिशाली हैं कि पैसा ऊपर से बरसेगा। घर की तिजोरी में अचानक से नोटों की गड्डियां पैदा हो जाएंगी। यह एक दुर्लभ अवसर है, जो हर किसी को नहीं मिलता।”

इस तरह की भाषा सुनकर लोग प्रभावित हो जाते थे और अपनी कठिनाई, गरीबी और उम्मीदों में उलझकर पैसे देने लगते थे।

✔️ पुलिस की चेतावनी— ऐसे बाबाओं से सावधान रहें

खरगोन पुलिस ने इस घटना के बाद बयान जारी कर कहा कि कोई भी चमत्कारिक दावा, मंत्र शक्ति से करोड़ों रुपये आने की बात या धार्मिक चमत्कार की आड़ में पैसे मांगना पूरी तरह ठगी का तरीका है।

पुलिस ने लोगों से अपील की—

  • किसी भी स्वयंभू बाबा या तांत्रिक पर भरोसा न करें,

  • रातों-रात अमीर बनाने के दावे हमेशा धोखा होते हैं,

  • ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

✔️ ग्रामीणों में डर और सतर्कता बढ़ी

इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने माना कि वे भी इसी तरह के बाबाओं के संपर्क में आए थे, लेकिन ठगों की चाल समझकर बच गए। घटना के बाद लोग अब ऐसे झांसे देने वाले लोगों से ज्यादा सतर्क हो गए हैं।

✔️ निष्कर्ष— अंधविश्वास का खतरनाक खेल

यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे अंधविश्वास और चमत्कारिक दावों के नाम पर ठग लोग समाज में सक्रिय हैं। जब तक लोग शिक्षित नहीं होंगे और ऐसे झूठे वादों से बचना नहीं सीखेंगे, तब तक ऐसे गिरोह लोगों की भावनाओं और लालच का फायदा उठाते रहेंगे।

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