मेरठ में शादी की खुशी मातम में बदली: हवाई फायरिंग में छत पर खड़ी युवती को गोली लगी, दूल्हे सहित कई पर FIR

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मेरठ में एक खुशियों से भरी शादी की रात अचानक चीख-पुकार में बदल गई, जब बारात के दौरान की गई हवाई फायरिंग की एक गोली सीधे छत पर खड़ी एक युवती को जा लगी। यह दर्दनाक घटना थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में हुई, जहां एक परिवार शादी का जुलूस देख रहा था। पलभर में उनकी खुशियाँ मातम में बदल गईं। पुलिस ने इस मामले में दूल्हे सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटना कैसे हुई?

जानकारी के मुताबिक, लिसाड़ी गेट थाना इलाके में एक मुस्लिम परिवार में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। आसपास के घरों में भी माहौल उत्सव जैसा था। कई परिवार अपनी छतों और बालकनियों पर खड़े होकर बारात का नजारा देख रहे थे। इन्हीं में एक 20 वर्षीय युवती भी शामिल थी, जो अपने घर की छत पर खड़ी होकर लाइट्स, डांस और डीजे का आनंद ले रही थी।

उसी समय बारात में मौजूद कुछ युवकों ने अचानक हवाई फायरिंग शुरू कर दी। यह फायरिंग बेहद नजदीक से और लापरवाही में की गई थी। एक गोली अचानक ऊपर की ओर गई और सीधे उस युवती के शरीर में जा लगी। गोली लगते ही वह छत पर गिर पड़ी और घर में अफरा-तफरी मच गई।

परिवार के लोग तुरंत उसे नीचे लाए और अस्पताल ले गए। लेकिन जब तक डॉक्टरों ने जांच की, तब तक युवती की हालत गंभीर हो चुकी थी।

लोगों की खुशी मातम में बदली

जैसी ही यह खबर फैली कि बारात में हवाई फायरिंग से युवती को गोली लगी है, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शादी का माहौल एकदम से शांत हो गया और जुलूस में मौजूद लोग भी सदमे में आ गए। शादी में शामिल कई लोग भागते हुए अस्पताल पहुँचे तो कुछ सीधे पुलिस स्टेशन।

स्थानीय लोगों ने बताया कि लिसाड़ी गेट इलाके में, खासकर शादियों में, हवाई फायरिंग की घटनाएं पहले भी दर्ज की गई हैं। लेकिन इस बार इसकी कीमत एक मासूम की जिंदगी ने चुकाई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई—दूल्हे सहित कई पर केस दर्ज

घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुँची। वीडियो फुटेज और मौजूद लोगों के बयान के आधार पर पुलिस ने दूल्हे, उसके दो रिश्तेदारों और कुछ अन्य बारातियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि बारातियों द्वारा अवैध हथियार का उपयोग किया गया और यह पूरी घटना गंभीर आपराधिक लापरवाही के तहत आती है।

FIR में IPC की धारा 304A (लापरवाही से मौत), 336 (खतरनाक कार्य), 337 (दूसरों की जान से खिलवाड़) और Arms Act की धाराएँ शामिल की गई हैं।

पुलिस ने कहा कि शादी में शामिल कई लोग भाग गए, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं सुधर रही हवाई फायरिंग की घटनाएं

पुलिस और प्रशासन पिछले कई वर्षों से चेतावनी जारी करते रहे हैं कि शादी में हवाई फायरिंग करना कानूनन अपराध है और इससे जानमाल को गंभीर खतरा होता है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं।

मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर में पिछले एक दशक में दर्जनभर से अधिक लोग ऐसी ही घटनाओं में घायल हुए या अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार ने कई बार सख्त निर्देश जारी किए, लेकिन सामाजिक चमक-दमक और दिखावे की चाहत में कुछ लोग बंदूकें लहराने से पीछे नहीं हटते।

परिवार की हालत—आंसुओं में डूबा हर सदस्य

युवती के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी बड़े सपने देख रही थी और घर की लाडली थी। वे शादी के जुलूस की रंगीन लाइटें देखकर खुश थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक लापरवाह गोली उनकी दुनिया उजाड़ देगी।

परिवार की महिलाएँ लगातार रोती रहीं और बार-बार यही कहती रहीं कि “शादी में इतनी खुशी थी… किसी ने हमारी बेटी क्यों छीन ली?”

मां तो यह सुनकर बेहोश हो गई कि गोली बारात से चली थी और उनकी बेटी उसी की शिकार बन गई।

स्थानीय लोगों का गुस्सा—प्रशासन पर सवाल

इलाके के लोगों ने कहा कि लिसाड़ी गेट क्षेत्र में अवैध हथियारों का चलन काफी है और पुलिस को इस पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों ने यह भी कहा कि यदि पुलिस समय पर सघन अभियान चलाती, तो शायद ऐसे हादसे न होते।

कई लोगों ने कहा कि शादी में हवाई फायरिंग करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि यह संदेश जाए कि इस तरह की हरकत किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकती है।

सोशल मीडिया पर भी गुस्सा

जैसे ही घटना की खबर मीडिया में आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी नाराजगी जताई। कई यूजर्स ने कहा कि हवाई फायरिंग “मूर्खतापूर्ण परंपरा” है और इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर देना चाहिए। कुछ ने मांग की कि पुलिस दूल्हे की जमानत न होने दे और दोषियों को कड़ी सजा दिलाए।

क्या सच में खत्म हो पाएगी हवाई फायरिंग?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ कानूनी कार्रवाई से नहीं रुकेगी, बल्कि समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है। परिवारों को शादी में हथियारों का उपयोग करने वाले लोगों को खुद रोकना होगा।

साथ ही, सरकार को विशेष अभियान चलाकर अवैध हथियारों को जब्त करना होगा और ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी।

निष्कर्ष

मेरठ में हुई यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। खुशी के माहौल में सिर्फ एक मिनट का दिखावा किसी की जिंदगी छीन सकता है। बारात में की गई यह लापरवाही अब एक मां-पिता के लिए आजीवन दर्द बनकर रह जाएगी।

पुलिस की कार्रवाई जारी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।

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