ड़ा ऐलान किया है। अब आपकी AI चैट्स भी तय करेंगी कि आपको Facebook और Instagram पर कौन-से ऐड्स दिखेंगे। 16 दिसंबर से लागू होने वाले इस बदलाव में यूजर्स को बाहर निकलने का विकल्प नहीं मिलेगा।
मेटा एआई – फोटो : India Views
सोशल मीडिया दिग्गज Meta ने बुधवार को बताया कि वह 16 दिसंबर से अपने AI चैट इंटरैक्शन का इस्तेमाल यूजर्स को कंटेंट और विज्ञापन पर्सनलाइज करने के लिए करेगा। यह अपडेट Facebook और Instagram जैसे एप्स पर लागू होगा।
मेटा – फोटो : ANI
कंपनी के अनुसार, जो लोग Meta AI का इस्तेमाल करते हैं, उनकी वॉइस और टेक्स्ट चैट्स को भी लाइक और फॉलो जैसी मौजूदा जानकारी के साथ जोड़ा जाएगा। इस डेटा के आधार पर उन्हें नए कंटेंट, रील्स और विज्ञापनों की सिफारिशें मिलेंगी। उदाहरण के लिए, अगर कोई यूजर AI चैट में हाइकिंग की बात करता है, तो उसे आगे चलकर हाइकिंग से जुड़े ग्रुप्स, दोस्तों के ट्रेल अपडेट्स या बूट्स के विज्ञापन दिख सकते हैं।
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Meta – फोटो : Freepik
Meta ने साफ किया है कि धर्म, राजनीति, सेहत, यौन अभिरुचि या नस्लीय पृष्ठभूमि जैसे संवेदनशील विषयों पर हुई बातचीत का इस्तेमाल विज्ञापन टार्गेटिंग के लिए नहीं किया जाएगा।
Meta – फोटो : meta ai
यह रोलआउट ज्यादातर देशों में 16 दिसंबर से शुरू होगा, लेकिन फिलहाल यूके, यूरोपियन यूनियन और दक्षिण कोरिया इससे बाहर रहेंगे। यूजर्स को इस बदलाव की जानकारी 7 अक्टूबर से नोटिफिकेशन के जरिए दी जाएगी, और उनके पास ऑप्ट-आउट का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।
Meta AI – फोटो : India Views
Meta के प्राइवेसी पॉलिसी मैनेजर क्रिस्टी हैरिस ने कहा कि यूजर्स के इंटरैक्शन को एक अतिरिक्त इनपुट की तरह इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे उनके फ़ीड और ऐड्स और ज्यादा पर्सनलाइज हो सकें। कंपनी का कहना है कि इस बदलाव से जुड़ी शुरुआती सुविधाओं पर काम अभी जारी है।