नवलनी की मौत पर बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद: ‘मेंढक के जहर’ से ज़हर दिए जाने का आरोप, रूस पर पांच देशों का हमला

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रूस की राजनीति से जुड़ा एक संवेदनशील मामला एक बार फिर वैश्विक बहस का केंद्र बन गया है। 2024 में दिवंगत हुए रूसी विपक्षी नेता अलेक्सी नवलनी की मौत को लेकर पांच पश्चिमी देशों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि नवलनी को एक अत्यंत दुर्लभ और घातक टॉक्सिन—जिसे आम भाषा में “मेंढक का जहर” कहा जा रहा है—से जहर दिया गया था।

इन आरोपों ने रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है।


क्या है पूरा आरोप?

ब्रिटेन और यूरोप के चार अन्य देशों ने दावा किया है कि नवलनी के शरीर में जिस रासायनिक तत्व के संकेत मिले, वह एपिबैटिडीन (Epibatidine) नामक पदार्थ हो सकता है। यह एक अत्यंत शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन माना जाता है, जो कुछ विशेष मेंढक प्रजातियों से जुड़ा बताया जाता है।

आरोप लगाने वाले देशों का कहना है कि यह पदार्थ रासायनिक हथियारों की श्रेणी में आ सकता है, इसलिए इसकी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच जरूरी है।


रूस का जवाब

रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मॉस्को का कहना है कि नवलनी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई और पश्चिमी देश बिना ठोस सबूत के राजनीतिक माहौल को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

क्रेमलिन का तर्क है कि यह मुद्दा रूस की छवि खराब करने और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है।


अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भूमिका

कुछ देशों ने इस मामले में रासायनिक हथियार निषेध संगठन (OPCW) से स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रतिबंधित रासायनिक तत्व का इस्तेमाल हुआ है तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन होगा।

हालांकि अभी तक किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।


राजनीतिक पृष्ठभूमि

अलेक्सी नवलनी लंबे समय से व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक रहे थे। वे भ्रष्टाचार और सत्ता के केंद्रीकरण के खिलाफ अभियान चलाते रहे। उनकी गिरफ्तारी, स्वास्थ्य और फिर मौत को लेकर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।

उनकी मृत्यु के बाद रूस के भीतर और बाहर दोनों जगह विरोध प्रदर्शन हुए थे।


क्या बढ़ेगा कूटनीतिक तनाव?

विश्लेषकों का मानना है कि यदि रासायनिक हथियारों के उपयोग के आरोपों को लेकर ठोस सबूत सामने आते हैं, तो रूस पर नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

वहीं रूस इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहा है। इस पूरे विवाद का असर यूरोप-रूस संबंधों, आर्थिक प्रतिबंधों और वैश्विक कूटनीति पर पड़ सकता है।


निष्कर्ष

नवलनी की मौत पर “मेंढक के जहर” से जहर दिए जाने का आरोप अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तूफान लेकर आया है। पांच देशों द्वारा रूस पर लगाए गए आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि स्वतंत्र जांच में क्या सामने आता है और क्या यह विवाद वैश्विक कूटनीति को और जटिल बनाएगा।

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