मिडनाइट एयरस्ट्राइक से भड़का पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव: 9 बच्चों की मौत पर तालिबान का बदला लेने का ऐलान

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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध पहले ही नाजुक थे, लेकिन सोमवार की आधी रात हुई एयरस्ट्राइक ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई चरम सीमा तक पहुँचा दिया है। पाकिस्तान द्वारा की गई इस कार्रवाई में अफगानिस्तान के अंदर कई इलाकों को निशाना बनाया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया कि इस हमले में 9 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई महिलाएं और बुजुर्ग भी घायल हुए। इस हमले के तुरंत बाद तालिबान ने पाकिस्तान को खुले तौर पर चेतावनी देते हुए “भारी बदला” लेने का ऐलान किया है।

कैसे शुरू हुआ तनाव?

पिछले कई महीनों से पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान पर यह आरोप लगाता रहा है कि वहां मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों को पनाह दी जा रही है। पाकिस्तान की सेना का दावा है कि TTP के सदस्य अफगान जमीन का उपयोग करते हुए पाकिस्तान में आतंकी हमले कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कई बार दोनो देशों के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन परिणाम सकारात्मक नहीं रहा।

हाल ही में पाकिस्तान की सीमा चौकियों पर TTP के हमलों में सुरक्षा बलों को नुकसान झेलना पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान के अंदर से दबाव बढ़ता गया कि अफगानिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी माहौल में पाकिस्तान ने आधी रात को हवाई हमले करने का निर्णय लिया।

आधी रात का हमला: क्या हुआ था?

सूत्रों के अनुसार, यह हमला रात करीब 12 बजे के आसपास किया गया। पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में स्थित कई गांवों को निशाना बनाया। जिन इलाकों पर बमबारी की गई वहां आम नागरिक रहते थे। स्थानीय मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमला इतना अचानक था कि लोगों को अपने घर से निकलने का भी मौका नहीं मिला।

धमाके की आवाजें कई किलोमीटर दूर तक सुनी गईं। सुबह तक जब राहत कार्य शुरू हुआ तो मलबे में बच्चों के शव मिले, जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया। मरने वाले बच्चों की उम्र 3 से 14 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

तालिबान की कड़ी प्रतिक्रिया—’अब बदला लिया जाएगा’

जैसे ही एयरस्ट्राइक की खबर काबुल पहुँची, तालिबान की अंतरिम सरकार ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी जारी की। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने “अनैतिक, अनुचित और आतंकवाद जैसा कदम उठाया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह नागरिकों को निशाना बनाकर किया गया।

तालिबान ने साफ शब्दों में कहा कि वे ऐसे हमले को बिना जवाब नहीं छोड़ेंगे। उनके अनुसार, पाकिस्तान ने अफगान संप्रभुता का उल्लंघन किया है और इसका अंजाम उसे गंभीर रूप से भुगतना पड़ेगा। बयान में यह भी कहा गया कि अफगान सेना को सीमा पर हाई अलर्ट पर रखा गया है।

पाकिस्तान का दावा—TTP ठिकानों पर हमला

पाकिस्तान की सेना ने इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया। सेना का कहना है कि उन्हें विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि TTP के वरिष्ठ कमांडर और आतंकवादी अफगान सीमा से लगे क्षेत्रों में मौजूद हैं।

हालांकि, अफगानिस्तान से आए वीडियो और तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयान कर रहे हैं। मलबे में बच्चों के स्कूल बैग, महिलाओं के कपड़े और घरेलू सामान नजर आ रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ी

इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि दोनों देशों को तुरंत संयम बरतना चाहिए क्योंकि यह स्थिति किसी भी समय बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है।

दक्षिण एशिया पहले ही राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में दो पड़ोसी परमाणु संपन्न देशों के बीच बढ़ता तनाव दुनिया के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

अफगान जनता का गुस्सा

अफगानिस्तान के कई प्रांतों में लोग पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए। लोगों ने पाकिस्तान को ‘बच्चों का हत्यारा’ करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर भी #StopKillingAfghans और #PakistanAirstrike जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

क्या शुरू हो सकता है बड़ा युद्ध?

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच संबंध पिछले 15 वर्षों में इतने खराब कभी नहीं हुए। पाकिस्तान का कहना है कि तालिबान TTP को नियंत्रित करने में असफल रहा है, जबकि तालिबान उल्टा पाकिस्तान पर सीमा का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहा है।

यदि बदले की कार्रवाई में तालिबान पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला करता है, तो हालात और खराब हो सकते हैं। दोनों देशों की सेनाएं सीमा पर तैनात हैं और माहौल बेहद तनावपूर्ण है।

क्या बातचीत से समाधान संभव है?

कई कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों के सामने गंभीर आंतरिक चुनौतियां हैं। ऐसे में युद्ध दोनों देशों के लिए विनाशकारी साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है कि दोनों सरकारें बातचीत की मेज पर वापस आएं और आतंकवाद तथा सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को मिलकर हल करें।

लेकिन वर्तमान परिस्थितियाँ बताती हैं कि निकट भविष्य में संवाद शुरू होना मुश्किल लग रहा है। तालिबान पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करता और पाकिस्तान को तालिबान की नीतियों पर भरोसा नहीं है।

निष्कर्ष

पाकिस्तान की आधी रात की एयरस्ट्राइक और उसमें मारे गए 9 मासूम बच्चे इस पूरे घटना क्रम की सबसे दर्दनाक तस्वीरें हैं। इससे न केवल मानवता शर्मसार हुई है, बल्कि इसने दक्षिण एशिया के दो देशों के बीच दुश्मनी को और गहरा कर दिया है। तालिबान की बदले की चेतावनी के बाद हालात और भी गंभीर हो गए हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह तनाव किसी बड़े युद्ध में बदलता है या कूटनीतिक प्रयासों से स्थिति नियंत्रित हो पाती है।

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