पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध की गिरफ्तारी, सुरक्षा बलों ने ग्रेनेड किया बरामद

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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलवामा जिले से जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब एजेंसियों को ननर मिडूरा इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया और संबंधित व्यक्ति को दबोच लिया।

गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों ने उसके पास से एक ग्रेनेड भी बरामद किया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह किसी बड़ी साजिश में शामिल हो सकता था। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और एजेंसियां उसके नेटवर्क, स्थानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

सूचना के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को ननर मिडूरा क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ दिखाई देने की जानकारी मिली थी। जैसे ही अलर्ट मिला, एक टीम मौके पर भेजी गई और इलाके को घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

तलाशी के दौरान जिस व्यक्ति को पकड़ा गया, वह कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। प्रारम्भिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह आतंकियों की मदद करने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत था।

ग्रेनेड बरामद—संभावित घटना के संकेत

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से ग्रेनेड मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने इस मामले को और गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। ग्रेनेड की बरामदगी यह दर्शाती है कि वह कहीं किसी हमले या हिंसक गतिविधि को अंजाम देने की फिराक में था।

यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह व्यक्ति किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था, या वह स्थानीय स्तर पर आतंकियों को रसद, आवास या अन्य सहायता प्रदान कर रहा था।

जांच में जुटी एजेंसियां—कई पहलुओं की पड़ताल

गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके मोबाइल फोन, संपर्क सूची और हालिया गतिविधियों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। कोशिश की जा रही है कि यह पता लगाया जाए कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था तथा उसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।

एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उसके पास और हथियार थे, या उसने किसी दूसरी जगह पर कोई सामग्री छुपा रखी थी। इसके अलावा यह भी जांच का मुख्य बिंदु है कि उसने पिछले कुछ समय में किस तरह के कार्य किए हैं और क्या उसने किसी स्थानीय व्यक्ति को भी इस नेटवर्क में शामिल किया था।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा—अलर्ट जारी

इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता और बढ़ा दी है। पुलवामा पहले भी आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है, इसलिए हर छोटी-बड़ी सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है।

आसपास के इलाकों में भी गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने के लिए चेकिंग तेज कर दी गई है। स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।

जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों पर लगातार निगरानी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में आतंकी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की है। जैश-ए-मोहम्मद जैसे विदेशी आतंकी संगठन अपने नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी की वजह से कई बार उनकी कोशिशें नाकाम की गई हैं।

हाल में कई ऐसे नेटवर्क पकड़े गए हैं जो स्थानीय स्तर पर आतंकियों को सहायता पहुंचा रहे थे। यह कार्रवाई भी उसी श्रृंखला की एक कड़ी मानी जा रही है, जिससे पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकने के लिए तैयार रहती हैं।

स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण

सुरक्षा बलों ने स्थानीय निवासियों का भी धन्यवाद किया है जो समय-समय पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देते हैं। कई मामलों में ग्रामीणों की सतर्कता की वजह से बड़ी घटनाएं टल चुकी हैं।

इस मामले में भी माना जा रहा है कि सूचना मिलने में स्थानीय लोगों का योगदान रहा है। यही वजह है कि एजेंसियां उन्हें भरोसा दिला रही हैं कि उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार जोर

कश्मीर घाटी में हालात पहले की तुलना में काफी बेहतर हुए हैं, लेकिन सुरक्षा बलों का कहना है कि आतंकवादी संगठन अभी भी फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, हर इलाके में नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।

पुलवामा जैसे संवेदनशील जिलों में इस तरह की गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि आतंकी संगठनों की गतिविधियां भले ही कम हुई हों, लेकिन खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लेतीं।

पूछताछ में खुल सकते हैं और कई राज

गिरफ्तार किए गए संदिग्ध से पूछताछ का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। माना जा रहा है कि उसके जरिए और भी कई जानकारी सामने आ सकती हैं जो इस पूरे मॉड्यूल को खत्म करने में मददगार होंगी।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद यह साफ हो सकता है कि इस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और किस तरह की योजनाओं पर वह काम कर रहा था।

 

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