
राजधानी दिल्ली में खुले मेनहोल की वजह से एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। रोहिणी के सेक्टर-32 स्थित बेगमपुर इलाके में महाशक्ति काली मंदिर के पास एक युवक खुले मेनहोल में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने लापरवाही पर सवाल उठाए।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि युवक रात के समय वहां से गुजर रहा था। सड़क पर पानी भरा होने के कारण उसे खुले मेनहोल का अंदाजा नहीं हो सका। अचानक उसका पैर फिसला और वह गड्ढे में जा गिरा।
आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों का गुस्सा
घटना के बाद इलाके के लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि खुले मेनहोल की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के कारण एक और परिवार उजड़ गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
नगर निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और खुले मेनहोल को तुरंत ढका जाएगा।
बार-बार दोहराए जा रहे हादसे
दिल्ली में बारिश या सीवर कार्य के दौरान खुले मेनहोल की वजह से पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। हर बार घटना के बाद सख्त कदम उठाने की बात कही जाती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और जवाबदेही तय किए बिना ऐसे हादसों पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
मृतक युवक के परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने प्रशासन से न्याय और मुआवजे की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर शहरी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की खामियों को उजागर करता है।
निष्कर्ष
रोहिणी के बेगमपुर इलाके में खुले मेनहोल ने एक और जान ले ली। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे ‘मौत के गड्ढे’ लोगों की जिंदगी छीनते रहेंगे?
जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान निकाले और शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए।