
भारत में आयोजित AI Impact Summit के दौरान स्वदेशी कंपनी Sarvam AI ने अपना नया वॉइस AI मॉडल ‘बुलबुल’ पेश किया, जो हिंदी में बेहद स्वाभाविक और इंसानों जैसी आवाज में बातचीत कर सकता है। इस प्रस्तुति ने टेक जगत और नीति निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया।
क्या खास है ‘बुलबुल’ में?
‘बुलबुल’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हिंदी भाषा की बारीकियों—जैसे लहजा, ठहराव, भाव और उच्चारण—को समझकर जवाब देता है।
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आवाज बिल्कुल नैचुरल
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क्षेत्रीय उच्चारण के अनुकूल
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तेज और सटीक प्रतिक्रिया
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बातचीत का संदर्भ समझने की क्षमता
डेमो के दौरान इसकी आवाज और फ्लो ने कई लोगों को प्रभावित किया।
हिंदी और भारतीय भाषाओं पर फोकस
Sarvam AI का कहना है कि भारत में करोड़ों लोग हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में अंग्रेज़ी-आधारित सिस्टम पर्याप्त नहीं हैं।
‘बुलबुल’ को खासतौर पर भारतीय यूजर्स के लिए तैयार किया गया है, ताकि वे अपनी भाषा में सहज अनुभव पा सकें।
संभावित उपयोग
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कॉल सेंटर और कस्टमर सपोर्ट
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सरकारी सेवाएं
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हेल्थकेयर और एजुकेशन
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बैंकिंग और ई-कॉमर्स
कंपनी का दावा है कि यह टेक्नोलॉजी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा दे सकती है।
AI Impact Summit में चर्चा
AI Impact Summit में ‘बुलबुल’ की प्रस्तुति को भारत की AI क्षमता के उदाहरण के रूप में देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि लोकल लैंग्वेज AI मॉडल देश के डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे।
यह पहल भारत के ‘AI for All’ विज़न से भी जुड़ी मानी जा रही है।
डेटा और गोपनीयता
कंपनी ने कहा कि मॉडल को भारतीय डेटा के अनुरूप ट्रेन किया गया है और डेटा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है।
AI टेक्नोलॉजी के साथ गोपनीयता और एथिक्स पर भी जोर दिया गया।
निष्कर्ष
Sarvam AI का ‘बुलबुल’ भारतीय भाषाओं में नैचुरल बातचीत करने वाला एक अहम कदम माना जा रहा है। हिंदी में इंसानों जैसी आवाज और संदर्भ समझने की क्षमता इसे खास बनाती है।
यह पहल भारत को स्थानीय भाषा AI विकास में मजबूत स्थिति दिला सकती है।