“भारत छोड़ने का इरादा नहीं लेकिन…” — बांग्लादेश की अपदस्थ PM शेख हसीना का बड़ा बयान

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देश लौटने की इच्छा जताई, बोलीं — ‘मैं किसी की कैदी नहीं हूं, बस सही वक्त का इंतजार है’

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने भविष्य और मौजूदा स्थिति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह भारत छोड़ने का कोई इरादा नहीं रखतीं, लेकिन अपने देश लौटने की इच्छा अब भी बरकरार है।
हसीना ने साफ कहा कि वह भारत में “स्वतंत्र नागरिक” की तरह रह रही हैं, किसी की कैद में नहीं हैं, और बांग्लादेश लौटने का निर्णय वह “सही समय” पर खुद लेंगी।


🔹 पृष्ठभूमि: सत्ता से बाहर हुईं, लेकिन राजनीति से नहीं

कुछ महीने पहले हुए बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद, शेख हसीना को पद से हटा दिया गया था।
उन पर तानाशाही रवैये, विपक्ष के दमन और चुनावी धांधली के आरोप लगे थे।
इसके बाद उन्होंने भारत में अस्थायी शरण ली थी, और तब से ही वे दिल्ली में रह रही हैं।

हालांकि हसीना लगातार कहती रही हैं कि उन्होंने “देश छोड़ा नहीं, बस थोड़ी दूरी बनाई है” ताकि हालात सामान्य होने पर वे वापस लौट सकें।


🔹 “मैं किसी से डरकर नहीं भागी” — शेख हसीना

एक बातचीत में शेख हसीना ने कहा,

“मैं भारत में अपने दोस्तों के बीच हूं। मुझे यहां कोई खतरा नहीं है और न ही मैंने बांग्लादेश को छोड़ा है। मैं अपने देश लौटना चाहती हूं, लेकिन शांति और स्थिरता लौटने के बाद।”

उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं।
उनका कहना है कि बांग्लादेश में कुछ ताकतें “लोकतंत्र के नाम पर अस्थिरता पैदा करना” चाहती हैं।


🔹 भारत की भूमिका पर भी बोलीं हसीना

हसीना ने भारत सरकार के प्रति कृतज्ञता जताई और कहा कि दिल्ली ने उन्हें सुरक्षा और सम्मान दिया है।

“भारत ने हमेशा बांग्लादेश का साथ दिया है। आज मैं यहां हूं, लेकिन एक मेहमान के रूप में, कैदी के रूप में नहीं,”
उन्होंने कहा।

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, भारत और बांग्लादेश के बीच “हसीना की वापसी” पर रणनीतिक बातचीत चल रही है, हालांकि दिल्ली सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।


🔹 बांग्लादेश में हालात अब भी नाजुक

हसीना की अनुपस्थिति में बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है।
अंतरिम सरकार देश चला रही है, जबकि उनकी पार्टी ‘आवामी लीग’ लगातार प्रदर्शन कर रही है और
उनकी वापसी की मांग कर रही है।
कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन और हिंसक झड़पें भी हुई हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर हसीना जल्द लौटती हैं, तो देश में फिर से तनाव भड़क सकता है,
इसलिए भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति को संतुलित रखने की कोशिश कर रहे हैं।


🔹 कौन हैं शेख हसीना

  • बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की बेटी।

  • पिछले दो दशकों से बांग्लादेश की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक हस्ती।

  • अपने कार्यकाल में उन्होंने देश को आर्थिक रूप से सशक्त किया, लेकिन
    लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर अंकुश के आरोप भी लगे।


🔹 विश्लेषण: ‘हसीना की वापसी’ बन सकती है दक्षिण एशिया की बड़ी कूटनीतिक परीक्षा

शेख हसीना की स्थिति अब सिर्फ बांग्लादेश की राजनीति नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों की कसौटी बन चुकी है।
भारत के लिए वे एक भरोसेमंद पड़ोसी नेता रही हैं, और उनकी वापसी या निर्वासन — दोनों ही रणनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हसीना फिलहाल “धैर्य और संवाद” की नीति पर चल रही हैं।
उनका यह बयान कि “भारत छोड़ने का इरादा नहीं लेकिन…”
इस बात का संकेत है कि वह अभी भी सत्ता में लौटने की उम्मीद नहीं छोड़ी हैं।

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